
रायपुर (वीएनएस)। विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में सियासी उठापटक तेज हो गई है। बुधवार को मोहन मरकाम को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया। उनके स्थान पर बस्तर सांसद दीपक बैज को पीसीसी चीफ नियुक्त किया गया है। वहीं गुरुवार को भूपेश केबिनेट में भी उठापटक शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम से इस्तीफा मांगा गया है। हालांकि उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार पीसीसी चीफ पद से हटाए जाने के बाद अब मोहन मरकाम को मंत्री मंडल में शामिल करने की कवायद चल रही है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए मरकाम ने कहा था कि यदि मुझे सरकार मे जिम्मेदारी मिलती है तो उसे भी बखूबी निभाने की कोशिश करुंगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो भी जानकारी है मुझे भी मीडिया के माध्यम से ही मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कैबिनेट में स्थान मिलता है तो शिक्षा विभाग मेरी पहली पसंद होगी।
स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अपनी पत्नी डॉ. रमा सिंह को ही अपना निजी विशेष सहायक बना दिया था। एक मंत्री द्वारा अपनी पत्नी को विशेष सहायक नियुक्त करने की बात सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। विवाद बढ़ता, इससे पहले ही देर शाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तबादला आदेश निरस्त कर दिया था।
इस वजह से मरकाम की कैबिनेट में इंट्री
मरकाम को पीसीसी चीफ के पद से हटाए जाने के बाद से ही भाजपा इसे आदिवासियों के मान- सम्मान से जोड़ दिया। हालांकि मरकाम के स्थान पर बस्तर संभाग के ही आदिवासी नेता दीपक बैज को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके बावजूद मरकाम को हटाने से आदिवासियों के बीच अच्छा संदेश नहीं जाने की आशंका को देखते हुए उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला किया गया है।