रूस के बाद अब ईरानी तेल के टैंकर भी भारत की ओर मुड़ेंगे, लेकिन ईरान के इस दावे ने मचाई खलबली

Updated on 21-03-2026 03:11 PM
नई दिल्ली: ईरान पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील के बाद भारत समेत एशिया के कई देशों में रिफाइनरियों ने ईरानी कच्चे तेल की खरीद फिर से शुरू करने की तैयारी कर दी है। यह कदम अमेरिका द्वारा ऊर्जा संकट को कम करने के लिए उठाया गया है, जो हालिया अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के चलते पैदा हुआ है।

रॉयटर्स ने सूत्रों के आधार पर बताया है कि भारत की प्रमुख रिफाइनरियां ईरानी तेल खरीदने की योजना बना रही हैं और सरकार के निर्देशों तथा भुगतान व्यवस्था को लेकर वॉशिंगटन से स्पष्टता का इंतजार कर रही हैं। भारत ने हाल ही में रूसी तेल पर से प्रतिबंध हटने के बाद भारी मात्रा में बुकिंग की थी। वहीं दूसरी ओर ईरान के एक बयान ने खलबली मचा दी है। ईरान ने साफ कहा है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए न तो कोई अतिरिक्त कच्चा तेल है और न ही फ्लोटिंग स्टॉक उपलब्ध है।

अमेरिका ने दी 30 दिन की छूट

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के तेल पर 30 दिनों के लिए प्रतिबंधों में छूट दी है। यह छूट उन तेल खेपों पर लागू होगी जो 20 मार्च तक जहाजों में लोड हो चुकी हैं और 19 अप्रैल तक डिलीवर की जाएंगी। इसका मकसद ईरान-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में तेल की कमी और आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करना।

समुद्र में तैर रहा 'खजाना'!

डेटा एनालिटिक्स फर्म Kpler के अनुसार लगभग 17 करोड़ बैरल ईरानी कच्चा तेल अभी समुद्र में मौजूद टैंकरों में है। यह तेल मिडिल ईस्ट गल्फ से लेकर चीन के समुद्र तक फैला हुआ है। वहीं कंसल्टेंसी Energy Aspects का अनुमान है कि यह मात्रा 130 से 140 मिलियन बैरल के बीच है।

एशिया की निर्भरता और संकट

एशिया अपनी करीब 60% कच्चे तेल की जरूरतों के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हालिया तनाव और लगभग बंदी की स्थिति के कारण रिफाइनरियां उत्पादन घटाने और ईंधन निर्यात कम करने पर मजबूर हैं।
भारत, जिसके पास अन्य बड़े एशियाई देशों की तुलना में कम कच्चा तेल भंडार है, पहले ही रूसी तेल की ओर रुख कर चुका है। अब ईरानी तेल की वापसी से आपूर्ति में राहत मिल सकती है।

साल 2018 में लगाया था बैन

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान साल 2018 में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बैन लगाया था। इसके बाद चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया। प्रतिबंधों से पहले भारत, दक्षिण कोरिया, जापान, इटली, ग्रीस, ताइवान और तुर्की भी ईरानी तेल के बड़े खरीदार थे।

ईरानी बयान ने मचाई खलबली

इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। ईरान ने यह कहकर सबको चौंका दिया है कि उसके पास बेचने के लिए कोई अतिरिक्त तेल बचा ही नहीं है। मुंबई स्थित ईरानी दूतावास की ओर से जारी एक बयान में अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज कर दिया गया है।

ईरान का तर्क है कि वर्तमान में ईरान के पास अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए समुद्र में तैरता हुआ या कोई अतिरिक्त तेल मौजूद नहीं है। अमेरिका पर तंज कसते हुए ईरान ने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी सचिव का बयान केवल खरीदारों को सांत्वना देने और बाजार की धारणा को कंट्रोल करने की एक कोशिश मात्र है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 16 June 2026
नई दिल्ली: हाल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है और उसमें गिरावट आई है। इस बीच आरबीआई ने…
 16 June 2026
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच सुलह होने की डील (US-Iran Deal) हो गई है। खबर है कि दोनों देशों के बीच 60 दिनों का सीजफायर होने के बाद…
 16 June 2026
नई दिल्‍ली: अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा के बाद एक भारतीय लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरा है। यह ऐसा करने वाले शुरुआती बड़े कमर्शियल जहाजों में से…
 16 June 2026
मुंबई: लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी A-1 लिमिटेड ने बताया है कि उसने प्रमुख औद्योगिक घरानों से 35 करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल किए हैं। इससे चालू वित्तीय वर्ष में उसकी…
 15 June 2026
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर और पहले ट्रिलियनेयर बने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का आईपीओ अमेरिकी शेयर मार्केट में लिस्ट हो गया है। इस आईपीओ की लिस्टिंग धमाकेदार…
 15 June 2026
नई दिल्ली: रुपये की कीमत में डॉलर के मुकाबले हाल में काफी गिरावट देखने को मिली। इसे रोकने के लिए आरबीआई ने कई कदम उठाए। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री…
 15 June 2026
नई दिल्ली: अमेरिकी-ईरान के बीच शांति समझौता होने से भारत को भी बड़ी राहत मिलेगी। इस समझौते के बाद मुख्य ईधन मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) भी खुल जाएगा।…
 15 June 2026
नई दिल्ली: आपने भी यह कहावत सुनी होगी कि नाम में क्या रखा है। लेकिन नाम की वजह से कुछ नामी-गिरामी कंपनियां खाद्य सुरक्षा क्षेत्र के नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा…
 13 June 2026
नई दिल्ली: एयर इंडिया का एक विमान पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में हादसे का शिकार हो गया था। उसके बाद से कंपनी को पिछले एक साल में करीब…
Advt.