अरब देशों से पहुंची अलजेब्रा ने खड़ी की यूरोप की इकोनॉमी, भारत जन्मे जीरो से शुरू हुई इसकी कहानी, समझें

Updated on 23-07-2026 12:48 PM
सिना बंदरगाह पर समुद्री हवा में नमक ज्यादा इतिहास है। इटली के सिसिली का यह बंदरगाह सन 1185 में व्यापार के साथ ही सभ्यताओं का चौराहा भी माना जाता था। अरब व्यापारी यहां मसाला उतारते, यूनानी नाविक जहाजों को बांधते और नॉर्मन सैनिक धर्मयुद्धों की गाथा सुनाते। तब उनके बीच लियोनार्डो दा पीसा, जो बाद में फिबोनाची नाम से प्रसिद्ध हुए, वह भी मौजूद थे। लियोनार्डो शायद समझ नहीं पा रहे थे कि वह सिर्फ व्यापार नहीं, भविष्य को देख रहे हैं। अरब व्यापारियों से सीखी गई गणित आगे चलकर यूरोप की बैंकिंग और अर्थव्यवस्था की नींव बनी।

सारासेन मैजिक

कोई शख्स अगर सुरंगपार कर उस बंदरगाह पर पहुंच जाता, तब वह आश्चर्यचकित नहीं होता, बल्कि उसका सिर वहां के व्यापारियों की जिंदगी में गणित की भूमिका देखकर चकरा जाता। अरब व्यापारी बगैर किसी यंत्र के मन में सौदों का हिसाब करते थे। 7 चांदी के सिक्कों में एक बोरी दालचीनी खरीदी जा सकती थी। व्यापारी तुरंत हिसाब लगाकर अलग-अलग मुद्राओं में लेन-देन कर लेते। यूरोप के व्यापारियों को यह जादू जैसा लगता था। अंग्रेज इतिहासकार विलियम ऑफ मॉल्मेसबरी ने इसे जादू बताया। उन्हें लगता था कि अरब के लोगों के कान में अदृश्य शक्तियां संख्याएं फुसफुसाती हैं।

भारत से शुरू कहानी

लेकिन इसकी असल कहानी भारत से शुरू हुई। यहां जन्मा शून्य फारस पहुंचा। वहां अरबों ने उसे अपनाया। जब यूरोप भारी-भरकम अंकों से उलझा पड़ा था, तब अरब व्यापारी हिंदू-अरबी अंकों और अल्जेब्रा की मदद से ऐसी तेजी से हिसाब कर रहे थे, जिसने व्यापार की परिभाषा बदल दी। यूरोप के लिए यह केवल नई संख्या लिखने का तरीका नहीं था, इससे उसकी सोच भी बदलने लगी। शून्य आने से बड़ी संख्याएं स्पष्ट रूप से लिखी जाने लगी। व्यापारियों के लिए हिसाब रखना आसान हो गया।

तेज और आसान अंक

लियोनार्डो के पिता अल्जीरिया के बेजाया शहर में काम करते थे। वहां अरब के शिक्षकों ने उन्हें गणित की नई दुनिया से परिचित कराया। जब यूरोप के मठों में छात्र धार्मिक ग्रंथ पढ़ रहे थे, तब लियोनार्डो शून्य, अल्जेब्रा और नई संख्या पद्धति सीख रहे थे। उन्होंने ही यूरोप को हिंदू-अरबी अंकों से परिचित कराया। उनकी मशहूर किताब 'लिबर अबासी' ने व्यापारियों को दिखाया कि ये नए अंक पुराने रोमन अंकों के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और आसान हैं।

सिसिली बना मिलन स्थल

इतिहासकारों का मानना है कि गणित के प्रति फिबोनाची की सोच ने यूरोप को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। बैंकिंग, विज्ञान और इंजीनियरिंग की नीव भी इसी बदलाव से मजबूत हुई। इस बदलाव में सिसिली की भूमिका अहम रही। 12वीं सदी का सिसिली अलग-अलग संस्कृतियों का मिलन स्थल था। वहां ईसाई, मुसलमान, यहूदी और यूनानी रहते। पालेर्मों के बाजारों में कई भाषाएं सुनाई देती थीं।

तकनीक का फैलाव

सिसिली के शासक रोजर-2 ने अपने राज्य में अलग-अलग संस्कृतियों को स्थान दिया। पालेर्मो का पैलेटाइन चैपल इसका बड़ा उदाहरण था, जहां अरबी कला, बायजेन्टाइन सजावट (Byzantine decoration) और नॉर्मन वास्तुकला एक साथ दिखती थी। यह विविधता की शक्ति का प्रतीक था। उस समय जब कई इलाके धर्मयुद्धों में फंसे थे, सिसिली व्यापार और विकास पर ध्यान दे रहा था। मिस्र, अफ्रीका और भारत से सामान यहां आता था। इन जहाजों के साथ नए विचार, तकनीक और ज्ञान भी दुनिया में फैलते।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
 18 September 2026
इस्लामाबाद: सिंधु जल संधि (IWT) पर भारत को दुनिया का साथ मिलता दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 63वें सत्र के दौरान आयोजित कॉन्फ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं…
 18 September 2026
माले: मालदीव ने गुरुवार को भारत को 150 मिलियन डॉलर का बकाया चुका दिया है। यह रकम 2019 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सुविधा के जरिए ली गई…
 18 September 2026
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में तैनात एक पुलिस अधिकारी का शेख हसीना को लेकर ऑडियो सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारी को तैनाती…
 18 September 2026
काठमांडू: नेपाल ने पिछले महीने आई भयानक बाढ़ चलते हुए तबाही के बाद बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और बहाली के लिए भारत से मदद मांगी है। इसी सप्ताह गुरुवार को…
 18 September 2026
ढाका: झारखंड में अडानी पावर के थर्मल प्लांट में शटडाउन को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने तारिक रहमान के ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली ना आने से जोड़ा है। यह…
 17 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी संसद ने भारी बहुमत से 'रूस बैन बिल' (Lindsey O. Graham Sanctions Act) पारित कर दिया है। इस बिल के पास होने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूसी…
Advt.