अमेरिका ने ईरान पर बढ़ाया सैन्य घेरा, जंगी जहाजों के साथ लड़ाकू विमानों का जमावड़ा, वेनेजुएला जैसे हमले की तैयारी?

Updated on 17-02-2026 12:27 PM
वॉशिंगटन: ईरान के साथ मंगलवार को जेनेवा में होने वाली बातचीत के पहले अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में बड़ा बिल्डअप कर रही है। इसमें नेवल और एयर एसेट्स शामिल हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि परमाणु वार्ता फेल होने पर अमेरिका ने ईरान के अंदर हमला करने को एक विकल्प रखा है। अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी के इसी संभावना के साथ देखा जा रहा है। CNN ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि ब्रिटेन में मौजूद अमेरिकी एयरफोर्स से एसेट्स को मिडिल ईस्ट के करीब लाया जा रहा है। इसमें रीफ्यूलिंग टैंकर और फाइटर जेट शामिल हैं। एक सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या अमेरिका ईरान में वेनेजुएला जैसी कार्रवाई कर सकता है।

सूत्रों का कहना है कि अमेरिका इस इलाके में एयर डिफेंस सिस्टम भी भेज रहा है। इसे ईरान के जवाबी हमले के खिलाफ तैयाारी के रूप में देखा जा रहा है। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के आकलन से पता चलता है कि हाल के हफ्तों में दर्जनों अमेरिकी मिलिट्री कार्गो प्लेन ने अमेरिका से जॉर्डन, बहरीन और सऊदी अरब तक सामान पहुंचाया है।

अमेरिकी फाइटर जेट की जॉर्डन में एंट्री

ओपेन-सोर्स एयर ट्रैफिक कम्युनिकेशन्स के अनुसार, शुक्रवार शाम को कई अमेरिकी फाइटर जेट को जॉर्डन के एयरस्पेस में एंट्री के लिए डिप्लोमैटिक क्लीयरेंस दी गई थी। सैटेलाइट तस्वीरों के आकलन से पता चलता है कि 25 जनवरी को जॉर्ड के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर 14 अमेरिकी F-15 फाइटर जेट तैनात थे। ओपेन सोर्स डेटा बताता है कि इलाके में 250 से ज्यादा अमेरिकी कार्गो फ्लाइट्स आ चुकी हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड पिछले कई सप्ताह से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने एक बड़ी धमकी में कहा कि ईरान में सबसे अच्छी चीज 'शासन परिवर्तन' हो सकती है। ट्रंप की धमकी ने ईरान पर अगले संभावित कदम को लेकर मिडिल ईस्ट में टेंशन बढ़ गई है।

क्या अमेरिका ने कर ली हमले की तैयारी?

सीएनएन ने मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी प्रशासन अभी तक यह समझ नहीं बना पाया है कि अगर वह ईरानी शासन को हटाता है तो आगे क्या होगा। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले महीने के आखिर में कांग्रेस की सुनवाई में कहा था कि कोई नहीं जानता कि अगर तेहरान में इस्लामिक शासन का पतन होता है तो सत्ता कौन संभालेगा।

वेनेजुएला की तरह आसान नहीं ईरान

अमेरिका के लिए ईरान वेनेजुएला की तरह आसान नहीं होने वाला है। जनवरी की शुरुआत में निकोलस मादुरो को पकड़ने से पहले अमेरिकी इंटेलिजेंस अधिकारियों को वेनेजुएला के सत्ता समीकरणों को बहुत अच्छी समझ थी, लेकिन ईरान के बारे में नहीं पता है कि सु्प्रीम लीडर अली खामेनेई की जगह कौन ले सकता है। कई सूत्रों का कहन है कि पिछले महीने जब ईरान में प्रदर्शन चरम पर थे, तो ऐक्शन का सही समय था। उन्हें इस बात पर संदेह है कि क्या अब मिलिट्री हमले वह हासिल कर पाएं जो पिछले महीने कर सकते थे।

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