पाकिस्तान पर हमला हम पर हमला है... शहबाज संग डिफेंस डील के बाद सऊदी रक्षामंत्री का बड़ा ऐलान, भारत से रिश्ते पर आया बयान
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18-09-2025 01:29 PM
रियाद: सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने पाकिस्तान के साथ समझौते पर खुशी जाहिर की है। खालिद ने मोहम्मद बिन सलमान और शहबाज शरीफ की डील पर साइन करते हुए तस्वीरें शेयर की है। तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा कि सऊदी अरब और पाकिस्तान किसी हमलावर के खिलाफ अब एक साझा मोर्चा हैं। ये फ्रंट हमेशा और हमेशा के लिए रहेगा। हालांकि खालिद ने इससे सऊदी के भारत या दूसरे देशों से संबंधों पर असर पर कोई बात नहीं कही है।सऊदी अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पाकिस्तान के साथ संबंधों के संतुलन को स्वीकारा है। उन्होंने दिल्ली से संबंधों पर असर को नकारते हुए कहा, 'भारत के साथ हमारे संबंध पहले से ज्यादा मजबूत हैं। हम इस संबंध को आगे बढ़ाते रहेंगे और क्षेत्रीय शांति में हर संभव योगदान देने का प्रयास करेंगे।' पाकिस्तान समझौते के तहत क्या सऊदी अरब को परमाणु सुरक्षा प्रदान करने के लिए बाध्य होगा। इस पर उन्होंने कहा कि इस समझौते में सभी सैन्य साधन शामिल हैं।
मुनीर की मौजूदगी में समझौता
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच रक्षा समझौता रियाद में हुआ है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी इसके लिए रियाद में हैं। मुनीर को ही पाकिस्तान का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता है। शरीफ के फैसलों के पीछे भी अक्सर मुनीर ही होते हैं।सऊदी और पाकिस्तान के साझा बयान में कहा गया है कि यह समझौता दोनों देशों की अपनी सुरक्षा और विश्व शांति की साझी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के पहलुओं को विकसित करने और किसी आक्रमण के विरुद्ध संयुक्त प्रतिरोध को मजबूत करने के लिए है। समझौते में कहा गया है कि किसी भी देश के विरुद्ध किसी भी आक्रमण को दोनों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा।पाकिस्तान ने क्या कहा
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और शहबाज शरीफ के बीच समझौते के बाद पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, दोनों देशों के बीच करीब आठ दशक पुराने रिश्ते हैं। ये रिश्ता भाईचारे, इस्लामी एकजुटता और रणनीतिक सहयोग पर टिका है। हालिया समझौते का मकसद रक्षा सहयोग को बढ़ाना और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते का नाम स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट रखा गया है।इस समझौते के तहत अगर इन दोनों देशों में से किसी भी देश पर हमला होता है, तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह नाटो देशों के जैसी डील है, जिसमें एक देश पर हमले को सभी देश खुद पर हमला मानते हैं।