
महाराष्ट्र की अंधेरी सीट से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) उम्मीदवार
ऋतुजा लटके बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही हैं। खास बात है कि इस चुनाव
में कुल 7 उम्मीदवार मौजूद हैं, जिनमें 4 निर्दलीय हैं। हालांकि, भारतीय
जनता पार्टी ने भी शुरुआत में यहां दावेदारी पेश करने का फैसला किया था,
लेकिन बाद में नाम वापस ले लिया था।
क्यों अहम है सीट पर मुकाबला?
जून-जुलाई में शिवसेना में पड़ी फूट के बाद महाविकास अघाड़ी सरकार के गिर
गई थी। नतीजा यह हुआ कि उद्धव ठाकरे के हाथों से सत्ता भाजपा और एकनाथ
शिंदे के हाथों में चली गई। इस लिहाज से फूट के बाद उद्धव पहले बड़े चुनाव
का सामना कर रहे थे। बगावत के दौरान करीब 40 विधायकों समेत कई सांसदों और
कार्यकर्ताओं ने उद्धव गुट से दूरी बना ली थी। ऐसे में यह जीत शिवसेना
(उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के लिए जरूरी हो गई है।
इसके अलावा बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव में दस्तक देने वाले हैं। ऐसे
में यह उपचुनाव उद्धव की पार्टी के लिए सेमीफाइनल साबित हो सकता है। BMC पर
शिवसेना को लंबे समय से नियंत्रण हासिल है। हालांकि, अब कहा जा रहा था कि
फूट के बाद समीकरण बदल रहे हैं।
कैसा रहा मुकाबला?
इस सीट पर भाजपा ने मुरजी पटेल को उतारने का फैसला किया था। हालांकि, बाद
में उन्होंने नाम वापस ले लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रवादी
कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना
सुप्रीमो राज ठाकरे ने यहां निर्विरोध चुनाव का जिक्र किया था। साथ ही
उन्होंने भाजपा से उम्मीदवार की वापसी की मांग की थी।
लटके के लिए चुनाव कितना मुश्किल
शिवसेना सांसद रमेश लटके के निधन के बाद सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं। ऐसे
में (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के टिकट पर उतरी ऋतुजा लटके का मुकाबला अब
केवल 6 उम्मीदवारों से है। इनमें से 4 निर्दलीय हैं। उनके अलावा आपकी अपनी
पार्टी (पीपुल्स) के बाल वेंकटेश विनायक नादर, राइट टू रिकॉल पार्टी के
मनोज नायक हैं। इसके अलावा नीना खेड़कर, फरहाना सिराज सैयद, मिलिंद कांबले,
राजेश त्रिपाठी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं।