
दूघ व्यापारियों ने बताया कि हम कई बार बैरसिया विधायक विष्णु खत्री को ज्ञापन दे चुके हैं पर बैरसिया विधायक भी इस पर मामले में कोई संज्ञान नहीं ले लेते हैं। यदि हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो हम सभी मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे। जिसका हर्जाना शासन-प्रशासन को भुगतना पड़ेगा पर हम टैक्स नहीं भरेंगे, क्योंकि यदि हम टैक्स देंगे तो फिर अपना घर परिवार कैसे चलाएंगे।
हम रात में दो-तीन बजे उठकर गाय और भैंसों को संधि बना कर खिलानी पड़ती है फिर दूध निकालना पड़ता है जब जा कर सभी जगह दूध पहुंचा पाते हैं। दूध के अंदर इतनी आमदनी भी नहीं होती और उसके अंदर से ही हमको गाय भैंसों के लिए चारा संधि खरीदना पड़ता है। हमें भी अपना घर परिवार चलाना पड़ता है जिसमें से हम कुछ बचाकर गाड़ियां खरीदते हैं। आरटीओ वाले एवं शोरूम वाले पहले ही सारा टैक्स वसूल लेते हैं। फिर हम इनको टैक्स क्यों दें । हमारी शासन प्रशासन से मांग है कि दूध गाड़ियों को टोल फ्री किया जाए।