सजा और जुर्माना भी, और नए प्रावधान जोड़े गए
इस नए बिल में कई सख्त प्रावधान जोड़े गए हैं ताकि अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। अपराध के कारण किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो मृत्यु या आजीवन कारावास तक का दंड और न्यूनतम एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगेगा। सामान्य मामले में कम से कम पांच वर्ष की सजा और आजवान कारावास के साथ न्यूनतम पांच लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान भी जोड़ा गया है। संगठित अपराधों को करने का षड़यंत्र रचने वालों को भी पांच वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और न्यूनतम पांच लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान जोड़ा गया है।
कठोर कानून से अपराधों पर लगाम लगेगी - शांति धारीवाल
संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने कहा कि इस विधेयक में अपराधियों की ओर से अर्जीत संपति को जब्त करने के साथ विशेष न्यायालयों की स्थापना और विशष लोक अभियोजकों की नियुक्ति करने के प्रावधान भी जोड़े गए हैं। इससे मुकदमों का शीघ्र निस्तारण हो सकेगा। इसमें अपराधियों की अग्रिम जमानत होने का भी प्रावधान किया गया है। शांति धारीवाल ने कहा कि संगठित गिरोह कई तरह के अपराधों में लिप्त रहते हैं। ऐसे लोग सुधारात्मक कानून प्रक्रिया और पुनर्वास संबंधी मामलों का लाभ उठाते हुए जेल से बाहर आ जाते हैं। ऐसे अपराधियों से सख्त तरीके से निबटने के लिए इस कठोर कानून की आवश्यकता महसूस हुई। यह कानून बनने से अपराधियों पर लगाम लगने की उम्मीद है।