बंदर अब्बास, कोनार्क पोर्ट, अमेरिका ने ईरान के दो महत्वपूर्ण नौसेना बेस को किया तबाह, आज युद्ध का चौथा दिन, 10 बड़ी बातें

Updated on 03-03-2026 01:08 PM
तेहरान: अमेरिका ने ईरानी नेवी के दो सबसे महत्वपूर्ण बंदर अब्बास नेवल बेस और कोनार्क नेवल बेस पर भीषण हमले किए हैं। अमेरिका और इजरायली हमले के बाद इन दोनों नेवल बेस को लेकर कई सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में बंदर अब्बास नेवल बेस पर तैनात IRINS मकरान सी बेस-टाइप जहाज में आग लगी हुई दिख रही है। ईरानी नौसेना का मुख्य हेडक्वार्टर होने के अलावा बंदर अब्बास ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करने के मकसद से बनाया गया नौसेना बेस है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की नौसेना फोर्स को खत्म करना अमेरिकी अधिकारियों का मुख्य मकसद है। अमेरिका ने अभी तक 10 ईरानी जहाजों को खत्म करने की बात कही है।

प्लैनेट लैब्स की तरफ से जारी की गई तस्वीरों में रात में ली गई बंदर अब्बास नेवस बेस की स्थिति का पता चलता है। इस बेस पर ईरानी नेवी का मुख्य हेडक्वार्टर और इसके कई सबसे काबिल जहाज और सबमरीन तैनात रहते हैं। तस्वीरों में नेवल बेस के ज्यादातर हस्से में घना काला धुआं देखा जा सकता है। एक जगह पर धुएं का गुबार उठ रहा है। फैसेलिटी के कई हिस्सों पर हमले का असर देखा जा सकता है। तस्वीरों के आकलन से पता चलता है कि फ्लोटिंग डॉक को गंभीर नुकसान पहुंचा है, पेट्रोल बोट डैमेज हो चुके हैं, बिल्डिंग पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।
बंदर अब्बास नेवल बेस को अमेरिका ने किया तबाह
तस्वीरों से पता चलता है कि IRINS मकरान जहाज पर हमला किया गया है। इसे नौसेना अड्डे के दक्षिणी छोर पर एक बर्थ पर डॉक किया गया था। यह जहाज एक ऑयल टैंकर है जिसे ईरानी अधिकारियों ने “फॉरवर्ड बेस शिप” में बदल दिया था। इसके आगे के हिस्से में एक बड़ा खुला फ्लाइट डेक और दूसरी खूबियां हैं। मकरान जहाज ने 2021 में कमीशन होने के बाद से कई बार विदेश यात्राएं की हैं। यह उन कई समुद्री बेस जैसे जहाजों में से एक है जिन्हें ईरान ने हाल के सालों में सेवा में लगाया है। इसके अलावा 2 मार्च को और उससे पहले की स्वी
2 मार्च की इमेज और पहले की तस्वीरों की तुलना करने पर लगता है कि एक और शायद दो फ्रिगेट साइज के वॉरशिप पर भी हमला हुआ है। ये साफ तौर पर पोर्ट पर सबसे कीमती टारगेट में से एक है। पोर्ट में जो एक किलो क्लास पनडुब्बी और छोटी पनडुब्बी है, उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। कुछ और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ईरानी नौसना के कई और मुख्य युद्धपोत शायद तबाह हो गये या उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा हैं। आपको बता दें कि बंदर अब्बास पोर्ट ईरान के होर्मोज़्गन प्रांत की राजधानी बंदर अब्बास में है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य बिल्कुल पास स्थित है।
कोनार्क पोर्ट पर भी अमेरिका ने किया है हमला
बंदर अब्बास की तस्वीर में धुएं की वजह से यह अंदाजा लगाना थोड़ा मुश्किल है कि पोर्ट में ईरानी नेवी के कितने जहाजों को कितना नुकसान हुआ है। 2 मार्च की तस्वीर की तुलना 26 फरवरी की तस्वीर से करने पर यह साफ होता है कि कई छोटी नावें और कुछ बड़े जहाज पोर्ट से बाहर कर दिए गए हैं। यह शायद ईरान पर हमले शुरू होने के ठीक बाद किया गया होगा। यह भी हो सकता है कि शायद कुछ जहाज डूब गए हों, लेकिन डूबने के कोई संकेत नहीं दिख रहा है। फिर भी ईरानी नौसेना कई जहाज अभी भी बचे हुए हैं और ड्राईडॉक में कई जंगी जहाज दिख रहे हैं।बंदर अब्बास के बाहर भी ईरानी नौसेना के एसेट्स पर हमला हुआ है। तस्वीरों से पता चलता है कि ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिरे के पास कोनार्क में पोर्ट पर हमलों की रिपोर्ट है। दूसरी सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि उस जगह पर कई जंगी जहाज नष्ट हो गए और/या डैमेज हो गए, जिसके बारे में पहले अंदाजा लगाया जा रहा था कि ये अलवंद क्लास का फ्रिगेट है। बाद में U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बाद में उस जहाज की पहचान मौज क्लास के वॉरशिप के तौर पर की थी जिसे कभी-कभी जमरान क्लास भी कहा जाता है, जो अलवंद क्लास से लिया गया है। कोनार्क पोर्ट, ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है। यह प्रसिद्ध चाबहार बंदरगाह के ठीक बगल में (ओमान की खाड़ी के पास) स्थित है।
3 दिनों के युद्ध में अभी तक की 10 बड़ी बातें
  • 28 फरवरी को युद्ध के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत
  • अमेरिका ने इस हमले को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और इजरायल ने 'ऑपरेशन रोअर ऑफ द लॉयन' नाम दिया है।
  • ईरान ने जवाबी कार्रवाई में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया है। इससे तेल की कीमतों में इजाफा शुरू हो गया है।
  • पेंटागन ने अभी तक 6 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। 18 घायल हैं। इजरायल में अभी तक 12 लोगों की मौत की जानकारी दी गई है।
  • खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सरकार चलाने के लिए अंतरिम शासी परिषद का गठन किया गया है।
  • ईरान ने खाड़ी के कई देशों जैसे सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे देशों पर भीषण हमले किए हैं।
  • अमेरिका के बी-2 बॉम्बर्स ने ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु केन्द्रों और मिसाइल भंडारण सुविधाओं पर हमले किए हैं।
  • ईरान के रेड क्रेसेंट ने ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 600 से ज्यादा पहुंचने की जानकारी दी है। इनमें बड़ी संख्या में सैनिक और आम नागरिक हैं।
  • अमेरिका ने खाड़ी देशों में स्थित प्रमुख दूतावासों जैसे इराक, जॉर्डन और कुवैत से अपने अधिकारियों को तत्काल निकल जाने को कहा है।
  • डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि युद्ध 4-5 हफ्ते या उससे भी ज्यादा दिनों तक चल सकता है। ट्रंप ने ईरान में सैनिकों को उतारने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 March 2026
बेलग्रेड: यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच एक ऐसी तस्वीर आई है जिससे रूस बहुत परेशान होगा। सर्बिया के लड़ाकू विमान MiG-29 में चीनी CM-400AKG मिसाइलों को इंटीग्रेट देखा गया है।…
 11 March 2026
मॉस्को: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर लगातार हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है। इसमें भी खास…
 11 March 2026
तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर है। इजरायली मीडिया में दावा किया है कि युद्ध के दौरान मोजतब खामेनेई घायल हो गए थे। हालांकि,…
 11 March 2026
शैलेंद्र पांडेय, तेहरान/नई दिल्‍ली: इसे डॉनल्ड ट्रंप की मासूमियत कह लीजिए या फिर नादानी कि उन्हें डिप्लोमेसी की मान्य भाषा नहीं आती। वह शब्दों को मर्यादा के कपड़े नहीं पहनाते, बस…
 11 March 2026
रियाद/अबू धाबी: होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की धमकियों के बीच खाड़ी में दो ऐसे पाइपलाइन हैं जिनसे दुनिया को तेल और गैस की सप्लाई हो सकती है। एक सऊदी अरब में…
 11 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच ईरान और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बात हुई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट के जरिए इसकी…
 11 March 2026
सियोल/वॉशिंगटन: ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की…
 09 March 2026
इस्लामाबाद/बीजिंग: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान अब अपने 80 फीसदी हथियार चीन से खरीदता है। SIPRI ने 2026 के लिए नई रिपोर्ट…
 09 March 2026
नेपाल में Gen-Z आंदोलन के बाद हुए संसदीय चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत दिया। इससे पहले 2006 की पहली जनक्रांति के बाद हुए…
Advt.