भगवान राम का जन्म, नेपाल के नक्‍शे में लिपुलेख... केपी ओली ने इस्तीफे के बाद भारत के खिलाफ उगला जहर, लगाए कई आरोप

Updated on 11-09-2025 02:09 PM
काठमांडू: नेपाल में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केपी शर्मा ओली ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। बुधवार 10 सितम्बर को जारी एक बयान में ओली ने खुलासा किया कि वह वर्तमान में नेपाल सेना के शिवपुरी बैरक में हैं। ओली ने सत्ता छोड़ने के बाद भी भारत विरोधी बयानबाजी नहीं छोड़ी है और इस बार तो उन्होंने पद से हटाने जाने के लिए भी भारत पर निशाना साधा है। ओली ने कहा कि उन्होंने सत्ता इसलिए खो दी क्योंकि उन्होंने 'अयोध्या में भगवान राम के जन्म का विरोध किया था।'

इस्तीफे के लिए भारत पर निशाना

नेपाल के अपदस्थ प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अगर उन्होंने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा का मुद्दा नहीं उठाया होता तो वह सत्ता में बने रहते। ऐतिहासिक रूप से भारत का हिस्सा रही इन जगहों को नेपाल अपना क्षेत्र बनाता है। केपी शर्मा ओली ने अपने बयान के जरिए उन रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि वह देश छोड़कर भाग गए हैं। ओली ने कहा कि काठमांडू के उत्तर में स्थित शिवपुरी में हैं।
अपने पत्र में ओली ने कहा खुद को स्वभाव से जिद्दी बताया और कहा कि अगर जिद्दी न होते तो बहुत पहले हार चुके होते। उन्होंने कहा, 'इसी जिद के साथ मैंने यहां काम करने वाली सोशल मीडिया कंपनियों से हमारे नियमों का पालन करने और स्थानीय स्तर पर पंजीकरण कराने की मांग की थी। मैंने जोर देकर कहा था कि लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा नेपाल के हैं। मैंने यह भी कहा था कि भगवान श्री राम का जन्म नेपाल में हुआ था, भारत में नहीं, जैसा कि शास्त्रों में कहा गया है।

ओली बोले- समझौता न करने का नतीजा

ओली ने आगे कहा, 'अगर मैंने इन बातों पर समझौता कर लिया होता, तो मैं कई आसान रास्ते चुन सकता था और कई लाभ प्राप्त कर सकता था। अगर लिंपियाधुरा समेत नेपाल का नक्शा संयुक्त राष्ट्र को न भेजा गया होता, या अगर मैंने दूसरों को अपने लिए फैसला लेने दिया होता, तो मेरा जीवन बहुत अलग होता। लेकिन इसके बजाय मैंने अपना सब कुछ राज्य को दिया।' ओली ने कहा कि उनके लिए पद और प्रतिष्ठा कभी मायने नहीं रखती थी।

नेपाल में क्या हुआ है?

केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को Gen-Z के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा दे दिया था। नेपाल के युवा भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे थे। इन प्रदर्शनों को ओली सरकार के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने के फैसले ने भड़का दिया और सोमवार को राजधानी की सड़कों पर प्रदर्शनकारी उतर आए। इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई।

देर रात तक ओली सरकार ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध का फैसला वापस ले लिया लेकिन यह युवाओं के गुस्से को शांत नहीं कर सका। मंगलवार को Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने राजधानी पर कब्जा कर लिया और संसद, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट समेत प्रमुख इमारतों में आग लगा दी। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को सेना ने सुरक्षित निकाला। आखिरकार दबाव बढ़ता देख ओली ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 16 March 2026
ढाका: बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने लगातार भारत-विरोधी भावना का इजहार किया। इसका असर दोनों देशों के रिश्ते पर साफ…
 16 March 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका ने नाटो सैन्य गठबंधन के सहयोगियों को ईरान के खिलाफ युद्ध में साथ देने के लिए धमकाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नाटो को…
 16 March 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ संघर्ष खत्म करने के लिए चीन की मध्यस्थता स्वीकार करने या बातचीत की मेज पर आने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने चीन…
 16 March 2026
तेल अवीव: इजरायल ने आने वाले दिनों ईरान में हमले तेज करने का ऐलान किया है। इजरायली सेना ने आने वाले तीन हफ्तों में ईरान में करीब एक हजार ठिकानों…
 14 March 2026
इस्लामाबाद: अफगानिस्तान की तालिबान आर्मी ने कथित तौर पर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ड्रोन अटैक किया है। अफगान सेना के शुक्रवार के ड्रोन हमले के बाद इस्लामाबाद हवाई अड्डा…
 14 March 2026
तेहरान: अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण खर्ग आईलैंड पर हमला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इस हमले की जानकार दी है और…
 14 March 2026
तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका पर हमला बोला और कहा कि वॉशिंगटन पर भारत समेत दुनिया भर के देशों के सामने रूसी तेल खरीदने…
 14 March 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग आईलैंड पर हमला किया है। इस हमले के साथ ही यह सवाल उठने लगा है…
 14 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान के मिसाइल हमले…
Advt.