MP में 15 जिलों के बदल सकते हैं BJP अध्यक्ष:पार्टी बनवा रही परफॉर्मेंस रिपोर्ट, मालवा-निमाड़ और विंध्य में हो सकती है सर्जरी

Updated on 31-08-2022 09:16 PM
मध्यप्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां राजनीतिक दलों ने शुरू कर दी हैं। इस दौरान भाजपा पांचवीं बार सत्ता में आने की कोशिश में है। इसके लिए पार्टी की तरफ से जिलाध्यक्षों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट बनवाई जा रही है। जिसके आधार पर पार्टी प्रदेश के 15 जिलों में बदलाव की तैयारी में है। जिन जिलों से जिलाध्यक्षों की ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं, उनको जल्दी बदला जा सकता है। निकाय चुनाव में जहां पार्टी के प्रत्याशियों की हार हुई या क्रॉस वोटिंग हुई, वहां भी अध्यक्षों को बदला जा सकता है। संगठन ने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के जरिए जिलाध्यक्षों की जानकारी मंगवाई है। इस आधार पर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।

इन जिलों की सबसे अधिक शिकायतें
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में कई जिलाध्यक्षों की परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए गए हैं। खासतौर पर मालवा-निमाड़ और विंध्य क्षेत्र के जिले इसमें आगे हैं। डिंडोरी, मंडला, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, नर्मदापुरम, कटनी, दमोह, अशोकनगर, बड़वानी, बालाघाट, राजगढ़ समेत करीब डेढ़ दर्जन जिलों के जिलाध्यक्षों की परफॉर्मेंस ने इन चुनावों पर असर डाला है। कई जिलाध्यक्षों पर पार्टी के कैंडिडेट का विरोध करने के भी आरोप लगे हैं।

जिलाध्यक्षों ने दावेदारों के कराए निष्कासन
संगठन की जानकारी में आया है कि कुछ जिलाध्यक्ष रंजिश के चलते चुनाव के बहाने पार्टी के ईमानदार कार्यकर्ताओं को निशाने पर ले रहे हैं। ऐसे जिलाध्यक्षों के विरुद्ध निष्कासन का प्रस्ताव भेजेंगे। मामले को संगठन ने भी गंभीरता से लिया है। ऐसे जिलाध्यक्षों की वर्किंग पर नजर रखी जा रही है। विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक जिलाध्यक्ष अपने क्षेत्र के टिकट के दावेदारों का निष्कासन करा रहे हैं।

दो बार जिलाध्यक्ष रहने के बाद मौका नहीं
भाजपा संगठन में व्यवस्था है कि कोई भी व्यक्ति एक ही पद पर दो कार्यकाल से अधिक समय तक नहीं रह सकता, इसलिए तय किया गया है कि कई जिलों के जिलाध्यक्ष जो लगातार दो बार से अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, संगठन उन्हें पद से मुक्त कर नई जिम्मेदारी सौंप सकता है।

नवंबर में संगठन में होंगे बड़े बदलाव
प्रदेश भर में ज्यादातर जिलाध्यक्षों का कार्यकाल इस साल नवंबर में खत्म हो रहा है। 2019 के नवंबर में संगठनात्मक चुनाव के बाद 33 नए जिलाध्यक्षों की पहली सूची 5 दिसम्बर 2019 को जारी हुई थी। इसके बाद 24 जिलाध्यक्षों की सूची अलग-अलग जारी हुई। पार्टी में केंद्र और राज्य स्तर पर संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया एक साथ चलती है। ऐसे में 2022 का साल संगठनात्मक चुनाव का है।

वैसे, 2017 में जिलाध्यक्षों का कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें हटाने की बजाय 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल भी अगले साल फरवरी में खत्म हो रहा है। ऐसे में प्रदेशाध्यक्ष को लेकर भी चर्चाएं तेज हो चली हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 26 April 2026
भोपाल। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पाक्सो) के मामलों के पीड़ित की आयु निर्धारित करने के लिए 10वीं कक्षा की मार्कशीट को ही अहम माना जाएगा। यह नहीं होने…
 26 April 2026
 भोपाल। तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से पूरा प्रदेश ग्रीष्म लहर की चपेट में है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सो में दिन का तापमान सामान्य से दो से…
 26 April 2026
भोपाल। अयोध्यानगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात डेयरी संचालक और कर्मचारियों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगने के बाद हंगामा खड़ा हो गया। घटना से नाराज लोगों…
 26 April 2026
भोपाल: “ऑपरेशन फेस” के तहत फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेशन के खिलाफ भोपाल देहात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया है। ये एजेंट एक ही चेहरे…
 26 April 2026
भोपाल। प्रदेश में खाली पड़ी वर्षों पुरानी अनुपयोगी शासकीय भूमि अब राज्य सरकार बेचेगी नहीं बल्कि निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए दी जाएगी। इस दिशा में राज्य सरकार ने तैयारी…
 26 April 2026
भोपाल। स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के अंतर्गत सिटीजन फीडबैक की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। ऑनलाइन पोर्टल खुलते ही भोपाल को नंबर वन बनाने के लिए नागरिकों ने फीडबैक देना शुरू कर दिया…
 26 April 2026
भोपाल। शहर के अन्ना नगर इलाके में स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार देर रात भीषण आग लग गई, जिसकी सूचना मिलते ही फायर दमकल मौके पर पहुंची और करीब 10…
 26 April 2026
भोपाल। श्यामला हिल्स में कार पार्किंग विवाद के बाद आधा दर्जन लोगों घर में घुसकर तोड़फोड़ और वहां मौजूद महिला के विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। तोड़फोड़ के बाद…
 25 April 2026
भोपाल, उज्जैन में संन्यास विवाद के बीच स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने नया वीडियो जारी कर संतों के आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने फॉरेन फंडिंग के आरोपों को…
Advt.