प्राचीनतम महादेव मंदिर पाली के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग पर 108 बेलपत्र अर्पित कर मुख्यमंत्री ने की प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की

Updated on 14-01-2023 08:32 PM

महादेव मंदिर के द्वार शाखा के अधोभाग में गंगा, जमुना और शेव द्वारपालों का अंकन

रायपुर 14 जनवरी 2023

आज मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल विधानसभा पाली-तानाखार के प्राचीनतम महादेव के मंदिर पहुंचे थे। जहां उन्होंने 108 बेलपत्र  मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग पर अर्पित कर प्रदेश वासियों के लिए सुख एवं समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी और पुरातत्व विभाग के केयरटेकर शिव मंदिर के संबंध में जानकारी ली।पुरातत्व विभाग के केयरटेकर ने बताया कि मंदिर की प्रमुख विशेषताओं में से एक मंदिर के द्वार शाखा के अधोभाग में गंगा ,जमुना और शेव द्वारपालों का अंकन है। देवी गंगा का वाहक प्रतीक मगरमच्छ और यमुना देवी के वाहक प्रतीक कछुआ है। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा यह महादेव मंदिर ना केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि अनेकता में अखंडता का संदेश भी दे रहा है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति धनाढ्य है जिसका जीवित उदाहरण पाली में स्थापित यह महादेव मंदिर है।

द्वार शाखा पर उत्कीर्ण एक अभिलेख के अनुसार इस मंदिर का निर्माण बाण राजवंश के राजा विक्रमादित्य ने 870-900 ई. पूर्व के मध्य कराया था। इस मंदिर का जीर्णोद्धार लगभग 200 वर्षों के पश्चात रतनपुर के कलचुरी राजा जाजल्लदेव द्वारा करवाया गया। लगभग 3 फीट ऊंचे चबूतरे पर निर्मित यह मंदिर उत्तर भारतीय नागर शैली का प्रतिनिधित्व करता है। गर्भगृह की बाह्य दीवारों पर भद्र रथ में  व्दि तलीय कुलिकाओं  का समायोजन किया गया है। मंदिर के गर्भगृह का प्रवेश द्वार  त्रिशाखा प्रकार का एवं विभिन्न अभिप्राय से सुसज्जित है। गर्भ ग्रह में शिवलिंग स्थापित है  जिसके बाह्य भित्तियों पर उत्कीर्ण देव प्रतिमाओं में नटराज, वायुमुंडा, सूर्य,शिव वाहिनी दुर्गा एवं सरस्वती उल्लेखनीय है। गर्भगृह के सामने अष्टकोण मंडप है। स्थापत्य की दृष्टि से संभवतः यह स्थापतियों का दक्षिण कौशल क्षेत्र में एक नया प्रयोग था, को की अष्टकोणीय आकार के मंडप तत्कालीन समय में इस क्षेत्र में प्रस्तुत नहीं थे। मंडप के उत्तरी व दक्षिणी ओर वतायन है, साथ ही उत्तर की ओर एक अतिरिक्त प्रवेश द्वार की हैह मंडप की अंतः भित्तियों पर शैवाचार्यों एवं धर्मावलंबियों को विभिन्न मुद्राओं और क्रियाकलापों में व्यस्त दिखाए गया है, जोया प्रमाणित करता है कि तत्कालीन समय में यह क्षेत्र शैव संप्रदाय का बड़ा केंद्र था। यह मंदिर 22 एकड़ में फैले नौकोनिया तलाब के समीप स्थित है जिसके चलते इसका दृश्य और भी मनोरम दिखता है।  प्रत्येक वर्ष माघ मास में पाली में आयोजित होने वाले मेले के दौरान काफी संख्या में पर्यटक मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 August 2026
महासमुंद।  जिला कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में सरायपाली-बसना विकासखंड में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जिला स्तरीय…
 07 August 2026
कोरिया।  छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष  नेहरू राम निषाद ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाना सभी…
 07 August 2026
उत्तर बस्तर कांकेर।  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत विकासखण्ड मुख्यालय नरहरपुर के शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल में स्टॉप डायरिया कैंपेन आयोजित किया गया। अभियान के…
 07 August 2026
दुर्ग।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की समृद्ध लोक कला, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रभावी पहल कर रही…
 07 August 2026
सुकमा। कभी नक्सलवाद के अंधेरे और खौफ के लिए जाने जाने वाला सुकमा का दूरस्थ वनांचल आज शिक्षा की नई रोशनी से जगमगा रहा है। बुनियादी विकास के साथ-साथ जिले…
 07 August 2026
सुकमा। जिला पंचायत संसाधन केंद्र परिसर में 3 अगस्त से कृषि एवं पशु सखियों के लिए चार दिवसीय जैविक खेती सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य…
 07 August 2026
सुकमा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुकमा जिला प्रशासन ने सख्त और जवाबदेह रुख अपनाया है। योजना की पहली किस्त प्राप्त करने के बावजूद आवास निर्माण…
 07 August 2026
सुकमा। डिजिटल सुशासन की दिशा में राज्य शासन ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पुराने लोक सेवा केंद्रों को आधुनिक “सेवा सेतु केंद्र” के रूप में विकसित किया…
 07 August 2026
सुकमा। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं वनांचल जिले सुकमा में नौनिहाल बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक अत्यंत सराहनीय एवं नवाचारी पहल की शुरुआत की गई है।…
Advt.