झीरम हमले का मास्टरमाइंड चैतू ने किया सरेंडर:25 लाख का इनामी था, 2013 के हमले में कांग्रेस नेताओं समेत 32 लोग मारे गए थे

Updated on 29-11-2025 12:28 PM
जगदलपुर, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड नक्सली चैतू उर्फ श्याम दादा ने सरेंडर कर दिया है। झीरम घाटी में कांग्रेस के टॉप लीडरशिप समेत 32 लोगों का कत्ल हुआ था। बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा को 100 गोलियां मारी गई थी। उनके सीने पर चढ़कर नक्सली नाचे थे।

चैतू उर्फ श्याम दादा वर्तमान में DKSZCM कैडर का है। इस पर 25 लाख का इनाम था। बस्तर के जंगलों में कई बार सुरक्षाबलों की गोलियों से बच निकला था। फोर्स की लगातार मौजूदगी के बाद चैतू उर्फ श्याम ने हथियार डाले हैं। 45 साल से नक्सल संगठन में था, जिसमें 35 साल बस्तर में काम किया है।

बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि चैतू समेत सरेंडर सभी नक्सलियों पर 65 लाख रुपए का इनाम घोषित था। पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी, केंद्रीय समिति सदस्य रामदर, DKSZC सदस्य पापाराव, देवा (बार्से देवा) और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।

चैतू बोला- अब नक्सल संगठन में कुछ नहीं रखा

आत्मसमर्पण करने के बाद चैतू ने कहा कि, रूपेश और सोनू दादा ने भी हथियार डाल दिए हैं। नक्सल संगठन में अब कुछ नहीं रखा है। मेरी उम्र करीब 63 साल है। वर्तमान की परिस्थितियों को देखते हुए मैंने अपने अन्य साथियों के साथ हिंसा का रास्ता छोड़ने का मन बनाया और पुलिस के सामने पहुंच गया।

वहीं नक्सल जानकारों का कहना है कि चैतू झीरम हमले का मास्टरमाइंड है। 25 मई 2013 में दरभा घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला करवाने में इसका हाथ था। महेंद्र कर्मा समेत अन्य नेता और जवानों ने अपनी शहादत दी थी। हालांकि, IG ने इनकी फाइलें खंगालने के बाद ही जानकारी देने की बात कही है।

अब जानिए झीरम घाटी हमले के बारे में ?

दरअसल, 2013 के आखिर में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने थे। रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। 10 साल से विपक्ष में बैठी कांग्रेस जीत के लिए जोर लगा रही थी। पार्टी पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा शुरू करने वाली थी। 25 मई को सुकमा में परिवर्तन रैली की गई।

रैली के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। इसमें करीब 25 गाड़ियां थीं। इन गाड़ियों में 200 नेता-कार्यकर्ता थे। सबसे आगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और कवासी लखमा थे।

कांग्रेस की पूरी टॉप लीडरशिप एक काफिले में थी

साथ ही उनके पीछे महेंद्र कर्मा और मलकीत सिंह गैदू की गाड़ी थी। उनके पीछे बस्तर के कांग्रेस प्रभारी उदय मुदलियार चल रहे थे। यानी छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पूरी टॉप लीडरशिप इस काफिले में थी। दोपहर करीब 3:40 बजे काफिला झीरम घाटी में पहुंचा।

यहीं नक्सलियों ने पेड़ गिराकर रास्ता बंद कर दिया। गाड़ियां रुकते ही 200 से ज्यादा नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही।

महेंद्र कर्मा को नक्सलियों ने मारी थी 100 गोलियां

शाम करीब 5:30 बजे नक्सली पहाड़ों से उतरकर नीचे आए और एक-एक गाड़ी चेक की। एक गाड़ी में उन्हें सलवा जुडूम आंदोलन शुरू करने वाले महेंद्र कर्मा मिल गए। आंदोलन की वजह से नक्सली महेंद्र कर्मा को दुश्मन समझते थे। उन्होंने बेरहमी से महेंद्र कर्मा की हत्या कर दी। उन्हें करीब 100 गोलियां मारी गईं।

चश्मदीदों के मुताबिक, नक्सलियों ने कुछ नेताओं को नाम लेकर पहचाना और उन्हें गोली मारी। हमला पूरी योजना के साथ किया गया। नक्सलियों ने जगह का चुनाव, बम लगाने और भागने तक की पूरी तैयारी कर रखी थी। खुफिया एजेंसियों को हमले की कोई भनक नहीं थी।

BJP सरकार पर सुरक्षा में लापरवाही का लगा था आरोप

कांग्रेस ने हमले को राजनीतिक साजिश बताकर BJP सरकार पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया। BJP ने आरोपों को खारिज कर कहा कि यह नक्सली हमला था। हमले के दो दिन बाद 27 मई, 2013 को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA को जांच सौंप दी गई।

NIA ने सितंबर, 2014 में पहली चार्जशीट दाखिल की। एक साल बाद अक्टूबर 2015 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट के आधार पर जगदलपुर NIA कोर्ट में अब भी इस मामले का ट्रायल चल रहा है। हालांकि, NIA की जांच रिपोर्ट कभी सामने नहीं आई।

हमले में बचे कांग्रेस नेता बोले- ये सुपारी किलिंग

हमले में बस्तर के कांग्रेस नेता मलकीत सिंह गैदु की जान बच गई थी। वे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के महामंत्री हैं। मलकीत ने दैनिक भास्कर से हमले को साजिश बताते हुए इसे 'सुपारी किलिंग' कहा था। वे कहते हैं, ‘पहली बार ऐसा हुआ था कि नक्सलियों ने हमले का न वीडियो जारी किया, न जिम्मेदारी ली।

मलकीत कहते हैं कि इसलिए मैं शुरुआत से इस हमले को सुपारी किलिंग कहता रहा हूं।’ NIA की जांच में क्या निकला, ये सामने आना चाहिए। पता चलना चाहिए कि कौन दोषी है। या SIT को जांच की अनुमति मिलनी चाहिए। ये पूरी घटना शक के दायरे में है।’



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 30 September 2026
रायपुर में गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने छापेमारी की है। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद अधिकारियों की टीम 3 गाड़ियों…
 30 September 2026
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नवविवाहिता की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले पति, देवर और सास ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद पट्टे…
 30 September 2026
महाराष्ट्र से झारखंड और ओडिशा जाने वाले ट्रेन यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक बदलने का काम किया जाएगा। यह काम सीनी-राजखरसावां…
 30 September 2026
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में प्रोफेसर ने कॉलेज की छात्राओं से अश्लील डिमांड की है। शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान कॉलेज की छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रोफेसर जेपी…
 30 September 2026
रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में इन दिनों छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एंड एंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इस कॉन्क्लेव में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से युवा…
 30 September 2026
छत्तीसगढ़ के 100 से ज्यादा अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि आयुष्मान कार्ड से फर्जी इलाज किए जाने की शिकायतें मिली थीं, जिसके…
 30 September 2026
रायपुर ।  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान की भावना जनभागीदारी और सेवा के माध्यम से…
 29 September 2026
रायपुर (वीएनएस)। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के बैगा बाहुल्य क्षेत्र तरेगांव जंगल और दलदली क्षेत्र में सेवा, पोषण और जनभागीदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। ‘सेवा संकल्प अभियान’…
 29 September 2026
बेमेतरा । छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के 10वें प्रांतीय सम्मेलन में बिलासपुर के कवि एवं डेटा साइंटिस्ट डॉ. अंकुर शुक्ला ‘खावर’ को छत्तीसगढ़ी भाषा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा…
Advt.