
मंत्रालय सूत्रों के अनुसार राज्य शासन ने तय किया है कि ठंड के महीनों में जब तापमान 5 डिग्री या उससे नीचे तक पहुंच जाए तब ही कलेक्टर स्कूलों के समय में बदलाव कर सकते हैं। इसी तरह गर्मी के महीनों को लेकर भी यह तय किया गया है कि जब पारा 42 डिग्री के पार हो जाए तो स्कूल का समय बदला जा सकता है और ऐसी स्थिति में कलेक्टर अपने जिले में स्कूलों को निर्देश जारी कर सकते हैं।
बताया जाता है कि शासन यह आदेश भी जारी करने वाला है कि जब स्कूलों का समय बदला जाएगा तो उस स्थिति में भी स्कूल संचालित होने का कुल टाइमिंग कम नहीं किया जाएगा। यानी अगर ज्यादा ठंड पड़ने से स्कूल का समय एक घंटे आगे बढ़ाना पड़ा तो स्कूल का संचालन पूर्व की अवधि से एक घंटे बाद तक रहेगा।
गौरतलब है कि पिछले दिनों ठंड के तेज प्रकोप के चलते भोपाल, इंदौर, रीवा, सतना समेत आधा दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टरों ने अपने स्तर पर आदेश जारी कर सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान और मान्यता प्राप्त अन्य स्कूलों के संचालन का समय 8.30 बजे कर दिया है। अब इन कलेक्टरों को आदेश को लेकर ही स्कूल शिक्षा विभाग नए निर्देश जारी करने वाला है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों का समय भी बदला गया है।
विभाग के अपर सचिव पीके सिंह के अनुसार स्कूलों के टाइमिंग को लेकर जल्द ही आदेश जारी करेंगे। इसमें यह भी फोकस किया जाएगा कि आदेश सरकारी स्कूलों को लेकर जारी होंगे। हालांकि अभी इसको लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डिस्कसन करना है, इसके बाद निर्देश जारी किए जाएंगे।