स्टार वॉर्स स्टाइल में सुपरशिप बनाएगा चीन, विमानवाहक पोत के कई गुना होगा शक्तिशाली, जानें खूबियां

Updated on 17-06-2023 07:29 PM
बीजिंग: दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना वाला देश चीन अब भविष्य के युद्धपोत बनाने की तैयारी में है। इस युद्धपोत की डिजाइन कुछ हद तक स्टार वॉर्स में दिखाए गए सुपरशिप की तरह होगी। यह खुलासा चीनी नौसेना के सबसे बड़े वैज्ञानिक रियर एडमिरल मा वीमिंग ने किया है। उन्होंने कहा कि पीएलए-नेवी ने भविष्य के युद्धपोत का एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जो दुनिया में किसी भी जहाज से अलग होगा। चीन इलेक्ट्रोटेक्निकल सोसाइटी जर्नल में 13 जून को प्रकाशित एक रिसर्च पेपर में मा वीमिंग ने कगा कि यह 100 साल से अधिक समय से चल रहे नौसैनिक बेड़े के कॉम्बेट फॉर्मेशन को पूरी तरह से उलट देगा।


सुपरशिप की जरूरत क्यों पड़ रही

वर्तमान में दुनियाभर में नेवल कॉम्बेट प्लेटफॉर्म, एयरक्राफ्ट कैरियर्स ग्रुप को उनकी जिम्मेदारियों की विविधता ने और अधिक जटिल बना दिया है। इससे उनके लिए अपने कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देना कठिन हो जाता है। इन जहाजों का निर्माण और संचालन भी महंगा है। मा और उनके सहयोगियों ने कागज पर एक नई नेवल कॉम्बेट सिस्टम का जिक्र करते हुए कहा कि चीन की यह तथाकथित सुपरशिप लगभग पूरे कैरियर फ्लीट का काम कर सकती है। यह सुपरशिप इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हथियारों और शक्तिशाली न्यूक्लियर पॉवर्ड इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स से लैस होगी।


एयरक्राफ्ट कैरियर से कितना अलग होगा सुपरशिप


रियर एडमिरल मा वीमिंग के कंप्यूटर जेनरेटेड फोटो के अनुसार, चीन का यह नया सुपरशिप बड़ी संख्या में विमानों को लेकर जा सकता है, हालांकि यह पारंपरिक कैरियर से अलग होगा। कई विमान वाहक पोत परमाणु रिएक्टर से संचालित होते हैं। इनके इलेक्ट्रिकल सिस्टम को आमतौर पर इंजन को शक्ति देने के लिए और बाकी बुनियादी सिस्टम्स को बिजली सप्लाई करने के लिए डिजाइन किया जाता है। इनकी प्राथमिक भूमिका सीधे युद्ध में उलझने के बजाए नौसैनिक अभियानों के लिए हवाई सहायता प्रदान करना है। वहीं, चीन की सुपरशिप रेल गन, कॉइल गन, रॉकेट लॉन्चर, लेजर हथियार और हाई पॉवर्ड माइक्रोवेव से लैस होगी।

युद्ध में हमले के लिए इस्तेमाल होगा सुपरशिप


वर्तमान के एयरक्राफ्ट कैरियरों से उलट, चीन की सुपरशिप का इस्तेमाल युद्ध के दौरान प्रत्यक्ष किया जा सकेगा। इस सुपरशिप में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो जहाज के शक्ति के स्रोत से अपने हाई पारवर्ड माइक्रोवेव जैसे हथियारों के लिए आवश्यक ऊर्जा को पा सकेगा। मा की टीम ने यह नहीं बताया कि इस सुपरशिप का निर्माण कब किया जाएगा, लेकिन उन्होंने यह जरूर बताया कि चीन इन साइंस फिक्शन को वास्तविक दुनिया में ले जाने के लिए तैयार है।

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