अमेरिका की जासूसी के लिए क्यूबा में स्पाई सेंटर खोलेगा चीन, व्हाइट हाउस बोला- हमें सब कुछ पता है

Updated on 09-06-2023 07:42 PM
वॉशिंगटन: चीन जल्द ही क्यूबा में एक जासूसी केंद्र खोलने जा रहा है। यह केंद्र अमेरिका के फ्लोरिडा से 100 मील की दूरी पर मौजूद एक द्वीप पर स्थापित किया जाएगा। इस इलेक्ट्रॉनिक ईव्सड्रॉपिंग फैसिलिटी को स्थापित करने के लिए क्यूबा और चीन के बीच गुप्त समझौता भी हुआ है। इस फैसिलिटी के जरिए चीन अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी इलाके से इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन इकट्ठा करेगा। ऐसे में इस चीनी फैसिलिटी की जद में कई अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी आ जाएंगे। इसके अलावा चीन यहां से गुजरने वाले समुद्री यातायात खास तौर पर युद्धपोतों और पनडुब्बियों की निगरानी भी करेगा। यूएस सेंट्रल कमांड का मुख्यालय टाम्पा में स्थित है। वहीं, अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा फोर्ट ब्रैग जिसे अब फोर्ट लिबर्टी के नाम से जाना जाता है, वो भी उत्तरी कैरोलिना में स्थित है। ये दोनों सैन्य ठिकाने चीनी जासूसी केंद्र के दायरे में होंगे।
चीन और क्यूबा समझौते के करीब पहुंचे
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने गुरुवार को क्लासिफाइड खुफिया जानकारी से परिचित अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि चीन और क्यूबा जासूसी केंद्र को लेकर सैद्धांतिक रूप से एक समझौते पर पहुंच गए हैं। इसके लिए चीन, क्यूबा को अरबों डॉलर का भुगतान भी करने को तैयार है। व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि मैं इस विशिष्ट रिपोर्ट पर बात नहीं कर सकता, लेकिन हम इसके बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। उन्होंने कहा कि हमने दुनियाभर में बुनियादी ढांचे में चीन के प्रयासों के बारे में कई बार बात की है, जिसमें उसके सैन्य उद्देश्य हो सकते हैं।
अमेरिका बोला- हमें सब कुछ पता है
जॉन किर्बी ने यह भी कहा कि हम इसकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। हमने इसका मुकाबला करने के लिए कदम भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को आश्वस्त करते हैं कि हम घर, क्षेत्र और दुनियाभर में अपनी सभी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सक्षम हैं। वहीं, वाशिंगटन में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमें मामले की जानकारी नहीं है और इस कारण हम अभी कोई टिप्पणी नहीं दे सकते। वहीं, क्यूबा में चीनी दूतावास ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।

चीन और क्यूबा ने बढ़ाई बाइडेन की चिंता


वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका के दो प्रतिद्वंदियों के बीच समझौता बाइडेन प्रशासन के लिए चिंता की बात है। ये दोनों देश साम्यवादी सरकारों के द्वारा शासित हैं, जो अमेरिका के तटों के करीब एक नया खतरा पैदा कर रहा है। यह सौदा तब हुआ है, जब अमेरिका और चीन ने तनाव कम करने के लिए कुछ अस्थायी कदम उठाए हैं। इसी साल फरवरी में अमेरिका ने एक संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराया था। चीन ने इसे सामान्य मौसम वाला गुब्बारा बताया था। हालांकि, अमेरिका का दावा था कि इस गुब्बारे में जासूसी के लायक कई उपकरण तैनात थे।

चीन दौरे पर जाएंगे ब्लिंकन


इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन चीन दौरे की योजना बना रहे हैं। उन्हें यह दौरा फरवरी में करना था, लेकिन तब जासूसी गुब्बारे वाले विवाद के कारण उन्होंने अपनी चीन यात्रा रद्द कर दी थी। अब क्यूबा में जासूसी केंद्र खोलने को लेकर भी अमेरिका और चीन के बीच बवाल बढ़ रहा है। बाइडेन प्रशासन ने चीन के साथ संबंधों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।

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