Climate Change IPCC Report: जलवायु परिवर्तन पर वैज्ञानिकों की 'फाइनल वॉर्निंग', अभी फैसला नहीं लिया तो हो जाएगी बहुत देर

Updated on 21-03-2023 08:14 PM
बर्लिन: दुनिया में जलवायु परिवर्तन पर वैज्ञानिकों ने फाइनल वॉर्निंग दी है। संयुक्त राष्ट्र के वैज्ञानिकों की एक शीर्ष समिति ने सोमवार को कहा कि मानवता के पास जलवायु परिवर्तन के भविष्य के सबसे गंभीर नुकसान को रोकने के लिए अब भी एक मौका है जो, आखिरी के करीब है। जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी समिति (IPCC) ने कहा कि हालांकि ऐसा करने के लिए 2035 तक कार्बन प्रदूषण और जीवाश्म ईंधन के उपयोग को लगभग दो-तिहाई तक कम करने की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इसे और अधिक स्पष्ट करते हुए नये जीवाश्म ईंधन की खोज पर रोक और अमीर देशों को 2040 तक कोयला, तेल और गैस का उपयोग छोड़ने का आह्वान किया।
    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा, ‘‘मानवता बर्फ की पतली चादर पर है और यह बर्फ तेजी से पिघल रही है। हमारी दुनिया को सभी मोर्चों पर जलवायु कार्रवाई की जरूरत है - सब कुछ, हर जगह, एक साथ।’’ गुतारेस ने जीवाश्म ईंधन पर कार्रवाई का अपना आह्वान तेज करते हुए न केवल ‘‘नो न्यू कोल" (यानी अब कोयला ईंधन चालित किसी भी नये ऊर्जा संयंत्र का विकास नहीं किया जाए) बल्कि 2030 तक अमीर देशों और 2040 तक गरीब देशों की ओर से इसके उपयोग को समाप्त करने का भी आह्वान किया।

    ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में करनी होगी कमी

    उन्होंने 2035 तक दुनिया के विकसित देशों में कार्बन उत्सर्जन मुक्त बिजली उत्पादन का आग्रह किया, जिसका अर्थ है गैस से चलने वाला कोई बिजली संयंत्र भी नहीं हो। यह तिथि महत्वपूर्ण है क्योंकि देशों को जल्द ही पेरिस जलवायु समझौते के अनुसार, 2035 तक प्रदूषण में कमी के लक्ष्यों को पेश करना होगा। चर्चा के बाद, संयुक्त राष्ट्र की विज्ञान समिति ने गणना की और बताया कि पेरिस में निर्धारित तापमान की सीमा के तहत रहने के लिए दुनिया को 2019 की तुलना में 2035 तक अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 60 प्रतिशत की कटौती करने की आवश्यकता है।

    जलवायु परिवर्तन ग्रह के लिए खतरा

    उसने साथ ही यह भी कहा कि 2018 से जारी छह रिपोर्ट में नये लक्ष्य का उल्लेख नहीं किया गया था। रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन को ‘‘मानव कल्याण और ग्रह के स्वास्थ्य के लिए खतरा’’ बताते हुए कहा गया है, ‘‘इस दशक में लागू किए गए विकल्पों और कार्यों का प्रभाव हजारों वर्षों तक रहेगा।’’ रिपोर्ट की सह-लेखिका और जल वैज्ञानिक अदिति मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम सही रास्ते पर नहीं हैं, लेकिन अभी भी देर नहीं हुई है। हमारा इरादा वास्तव में आशा का संदेश है, न कि कयामत के दिन का।’’ ऐसे में जब दुनिया तापमान को पूर्व-औद्योगिक समय से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के विश्व स्तर पर स्वीकृत लक्ष्य से कुछ ही दूर है, वैज्ञानिकों ने तात्कालिकता की भावना पर बल दिया।

    'ये अंतिम चेतावनी है'

    लक्ष्य को 2015 के पेरिस जलवायु समझौते के हिस्से के रूप में स्वीकार किया गया था और दुनिया पहले ही 1.1 डिग्री सेल्सियस गर्म हो चुकी है। रिपोर्ट लिखने वालों सहित कई वैज्ञानिकों ने कहा कि यह नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिकों की 1.5 डिग्री के बारे में संभवत: अंतिम चेतावनी है क्योंकि उनकी अगली रिपोर्ट संभवतः तब आएंगी जब पृथ्वी इस निशान को पार कर चुकी होगी या जल्द ही इसे पार कर जाएगी। रिपोर्ट के सह-लेखक फ्रांसिस एक्स ने कहा कि 1.5 डिग्री के बाद 'जोखिम बढ़ने लगेंगे। रिपोर्ट में उस तापमान के आसपास प्रजातियों के विलुप्त होने का उल्लेख किया गया है, जिसमें प्रवाल भित्तियां, बर्फ की चादरों का पिघलना और समुद्र का जलस्तर कई मीटर बढ़ना शामिल है। गुतारेस ने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘1.5 डिग्री की सीमा प्राप्त की जा सकती है।’

    अन्य महत्वपुर्ण खबरें

     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) के जम्मू-कश्मीर कांटेक्ट ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। न्यूयॉर्क में हुई इस…
     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक को संबोधित करते हुए कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कश्मीर पर बातचीत करने और…
     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। पीएम…
     23 September 2026
    न्यूयॉर्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका, भारत और चीन, रूस पर दबाव डालें तो वह यूक्रेन में युद्ध जारी नहीं रख पाएगा। जेलेंस्की ने कहा…
     23 September 2026
    इस्लामाबाद: भारत, आतंकवाद का हवाला देकर सिंधु जल संधि को एकतरफा सस्पेंड नहीं कर सकता है। ये कहना है विलेम वैन ड्यूरसेन का जो एक सीनियर डच इंडिपेंडेंट वॉटर मैनेजमेंट…
     23 September 2026
    वॉशिंगटन: 23 सितम्बर को धरती पर एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसके चलते दिन और रात बराबर होंगे। इसे उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों की शुरुआत का संकेत…
     23 September 2026
    संयुक्‍त राष्‍ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने विश्व भर के नेताओं से सुरक्षा परिषद में सुधार करने की जोरदार अपील की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि…
     23 September 2026
    मॉस्को: रूसी तेल खरीदने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के 100 फीसदी टैरिफ को लेकर रूसी मीडिया ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और पश्चिमी देश 'भारत-रूस की दोस्ती तोड़ने की…
     22 September 2026
    नई दिल्ली/तेल अवीव: पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की लड़ाई के दौरान भारत के खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद 21 सितंबर 1968 को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग…
    Advt.