महाद्वीप मिल जाएंगे, सूरज उगलेगा आग... धरती की तबाही और इंसानों के विलुप्त होने पर नई रिसर्च में सनसनीखेज दावा

Updated on 11-11-2024 01:37 PM
लंदन: धरती पर लगातार बढ़ता हुआ तापमान बड़ी तबाही की वजह बन सकता है। एक नई रिसर्च से पता चला है कि भविष्य में अत्यधिक तापमान डायनासोर के बाद पृथ्वी पर पहली बार बड़े पैमाने पर विलुप्त होने का कारण बन सकता है। ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के एलेक्जेंडर फार्न्सवर्थ के नेतृत्व में नेचर जियोसाइंस में भविष्य के सुपरकॉन्टिनेंट और दूसरे जलवायु परिवर्तनों के प्रभाव का पता लगाने के लिए रिसर्च की गई है। इसी रिसर्च में ये डराने वाले संकेत मिले हैं।

रिसर्च कहती है कि पृथ्वी के महाद्वीप आखिरकार एक भूभाग (लैंडमास) में विलीन हो जाएंगे, जिसे पैंजिया अल्टिमा कहा जाता है। यह सुपरकॉन्टिनेंट पृथ्वी की जलवायु को नाटकीय रूप से बदल सकता है। इससे बहुत गर्म और शुष्क परिस्थितियां बन जाएंगी, जहां जिंदा रहना संभव नहीं होगा। ये इंसानों के खात्मे की वजह बन जाएगी।

रिसर्च में इस्तेमाल हुआ खास मॉडल


इस रिसर्च में टीम ने सुपरकंप्यूटर जलवायु मॉडल का उपयोग किया है। इस मॉडल के जरिए टीम ने दिखाया कि कैसे यह लेआउट मनुष्यों के लिए एक खराब ग्रह बना सकता है। डॉक्टर फार्न्सवर्थ का कहना है कि नए उभरे सुपरकॉन्टिनेंट से तिहरी मार पड़ेगी। इसमें महाद्वीपीय प्रभाव, गर्म सूर्य और वायुमंडल में अधिक कार्बन डाइऑक्साइड शामिल है। ये ग्रह के अधिकांश भाग में बेतहाशा गर्मी बढ़ाएगी।

फार्नस्वर्थ की 'ट्रिपल व्हैमी' बताती है कि ये तीन कारक असहनीय तापमान बढ़ने की वजह बनेंगे। पहले यानी महाद्वीपीय प्रभाव की बात की जाए तो जैसे-जैसे भूमि ठंडे महासागरीय प्रभावों से दूर होती जाएगी, महाद्वीप पर तापमान बढ़ता जाएगा। दूसरे यानी चमकदार सूर्य से मतलब ये है कि सूरज बहुत ज्यादा ऊर्जा उत्सर्जित करेगा और पृथ्वी गर्म होती जाएगी। वहीं बढ़ी हुई कार्बन डाइऑक्साइड की बात करें तो टेक्टोनिक शिफ्ट से ज्वालामुखी गतिविधि अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ेगी, इससे वायुमंडल में गर्मी बरकरार रहेगी।

भोजन और पानी नहीं बचेगा!


डॉक्टर फार्नस्वर्थ ने चेताते हुए कहा है कि इस कॉम्बिनेशन से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 50 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री से 122 डिग्री फारेनहाइट) के बीच हो जाएगा। साथ ही दैनिक चरम सीमा और आर्द्रता भी बढ़ सकती है। इस गर्मी को इंसान समेत दूसरे जीवों को झेलना मुश्किल होगा। रिसर्च से संकेत मिलता है कि पैंजिया अल्टिमा के केवल 8 प्रतिशत से 16 प्रतिशत स्तनधारियों के लिए उपयुक्त होने की संभावना है। ज्यादातर भूभाग को बहुत गर्मी और सूखे का सामना करना होगा, इससे भोजन और पानी की भयावह कमी होगी।

रिसर्च ने इस ओर ध्यान दिलाया है, हालांकि यह परिदृश्य लाखों साल दूर है। इसके बावजूद शोधकर्ता आज के जलवायु संकट की ओर ध्यान देने पर जोर देते हैं। ब्रिस्टल विश्वविद्यालय में रिसर्च फेलो डॉक्टर यूनिस का कहना है कि हमारे वर्तमान जलवायु संकट को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, जो ग्रीनहाउस गैसों के मानव उत्सर्जन का परिणाम है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 August 2026
माले/इस्लामाबाद: मालदीव अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए दक्षिण एशियाई देशों के संगठन 'सार्क' को फिर से शुरू करने की कोशिशें कर रहा है लेकिन उसके सारे दांव नाकाम…
 11 August 2026
मॉस्को/कीव: रूसी वायुसेना ने 4-5 अगस्त की रात को यूक्रेन पर 24 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने इन मिसाइलों को 'इस्कंदर-M/S-400' कैटेगरी में रखा है। इसका…
 11 August 2026
लंदन: सूडान में चल रहे नरसंहार को लेकर दुबई के शासक को लंदन की सड़कों पर घेर लिया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम जो दुबई के शासक होने के साथ…
 11 August 2026
वॉशिंगटन/अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने NATO शिखर सम्मेलन के बाद बेहद सीक्रेट तरीके से एक मिलिट्री विमान के जरिए तुर्की से बाहर निकाला गया था। अमेरिकी सीक्रेट…
 11 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि 1816 की वह मूल सुगौली संधि नहीं मिल रही है जिसने ब्रिटिश भारत के साथ उसकी सीमा तय की…
 11 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए डिफेंस पैक्ट के बाद इजरायली डिफेंस सर्किल में भारत को 'इंश्योरेंस पॉलिसी' की तरह देखा जा रहा है। इजरायल में…
 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
Advt.