क्रेडिट सुइस और सिलिकॉन वैली तो झांकी है...डूबने के कगार पर पहुंचा अमेरिका का एक और बैंक

Updated on 29-04-2023 07:36 PM
नई दिल्ली: अमेरिका में बैंकिंग संकट (US Banking Crisis) खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। वित्तीय संकट से जूझ रही अमेरिकी बैंक एक के बाद एक मुश्किल में घिर रहे हैं। सिलिकॉन वैली बैंक (Silicon Valley Bank) के डूबने के साथ शुरू हुआ अमेरिकी बैंकिंग संकट अब अगले फेज में पहुंच गया है। अब एक और बैंक संकट से घिर गया है। अब अमेरिका का फर्स्ट रिपब्लिक बैंक (First Republic Bank) मुश्किल दौर से गुजर रहा है। शुक्रवार को करोबार बंद होने पर बैंक के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। एक ही झटके में बैंक के शेयर 30 फीसदी तक गिर गए। CNBC ने अपनी रिपोर्ट में फर्स्ट रिपब्लिक बैंक की हालात के बारे में लिखा है।

मुश्किल में अमेरिका का बैंक

सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक फर्स्ट रिपब्लिक बैंक की हालत को देखते हुए अमेरिका के बैंक ग्राहकों के पैसे को बीमा देने वाली कंपनी फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (FDIC) अपने एक रिसीवर को बैंक में बिठा सकती है। इस खबर के आने के बाद बैंक के शेयर अचानक 30 फीसदी गिर गए। बैंक के शेयरों में अब तक बैंक का वैल्यू 50 फीसदी तक गिर चुका है। हालात ऐसे बने कि शेयरों में की ट्रेडिंग को कई बार रोकना पड़ा।

बैंक के शेयरों में आई बड़ी गिरावट

बैंक के निवेशकों के बीच हलचल की स्थिति बन गई है। निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल और बढ़ गया है। फर्स्ट रिपब्लिक बैंक के शेयर अपने सबसे निचले स्तर 3.09 डॉलर पर पहुंच गया है। बैंक के शेयरों में 30 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिली है। बैंक की आधी मार्केट वैल्यू खत्म हो चुकी है। हालांकि बैंक को इससे पहले सरकार की मदद भी मिली। फर्स्ट रिपब्लिक बैंक की मार्केट वैल्यू इस साल अब तक 21 अरब डॉलर तक गिर चुके हैं। बैंक की वित्तीय हालात को देखते हुए इसे पहले भी बचाने की कोशिश हुई। अमेरिकी बैंक को बचाने के लिए बैंकों के समूह ने मिलकर करीब 30 अरब डॉलर जमा किए, लेकिन इस सहायता के बाद भी बैंक की सेहत नें सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।

सरकारी मदद के बाद भी फर्स्ट रिपब्लिक बैंक की वित्तीय स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ। बैंक खुद को बचाने के लिए फंडिग की तलाश कर रहा है, लेकिन अभी तक उसे सफलता नहीं मिल पाई है। बैंक अपने खर्च को कम करने के लिए छंटनी के विकल्प पर गौर कर रहा है। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक साल के अंत कर बैंक अपने 7200 कर्मचारियों की छुट्टी कर सकता है। इतना ही नहीं अपने आप को बचाने के लिए बैंक कम ब्याज दर पर दिए गए लोन और गिरवी संपत्ति को बेचने के विकल्प की तलाश कर रहा है।

गौरतलब है कि सिलिकॉन वाली बैक के डूबने के बाद अमेरिका में बैंकिंग संकट की शुरुआत हुई थी। इसके बाद सिग्नेचर बैंक (Signature Bank) की स्थिति खराब होने की बात सामने आई। अमेरिका का बैंकिंग संकट वहीं तक सीमित नहीं रहा। ये स्विट्जरलैंड तक पहुंच गया। स्विट्जरलैंड के क्रेडिट सुइस बैंक (Credit Suisse Bank) भी मुश्किल हालात में पहुंच गया।

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