ट्रम्प पर क्रिमिनल केस चलेगा कोर्ट ने कहा कानून सबके लिए बराबर

Updated on 07-02-2024 12:42 PM

अमेरिका की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ आपराधिका केस चलाने का आदेश दिया है। फेडरल अपील कोर्ट ने मंगलवार को कहा- ट्रम्प पर 2020 के चुनाव के नतीजे पलटने की साजिश रचने का आरोप है। उस वक्त वो राष्ट्रपति जरूर थे, लेकिन सिर्फ इस वजह से उन्हें राहत नहीं दी जा सकती।

‘यह फैसला बहुत शुरुआती है। ट्रम्प के पास अब भी सुप्रीम कोर्ट जाने समेत कई विकल्प खुले हैं।

नतीजे पलटना चाहते थे

2020 के प्रेसिडेंशियल इलेक्शन में ट्रम्प को वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हरा दिया था। इसके बावजूद ट्रम्प धांधली का आरोप लगाते रहे और नतीजे मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उनके समर्थकों ने 6 जनवरी 2021 को संसद भवन पर हमला भी कर दिया था। इस मामले में ट्रम्प पर कई आरोप लगे। इनमें से एक समर्थकों को उकसाने का भी था।

ट्रम्प की दलील है कि उस वक्त वो राष्ट्रपति थे और संविधान के मुताबिक, प्रेसिडेंट पर कोई क्रिमिनल केस नहीं चलाया जा सकता। मंगलवार को फेडरल अपील कोर्ट या कहें निचली अदालत ने इसी मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा- ट्रम्प पर केस जरूर चलाया जा सकता है।

डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के तीन जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक- यह पूर्व राष्ट्रपति के लिए शिकस्त जरूर है, लेकिन इसे आखिरी फैसला बिल्कुल नहीं कहा जा सकता। ट्रम्प के पास कई विकल्प हैं और वो इनका इस्तेमाल करेंगे। सबसे आखिर में वो सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं।

पहली बार इस तरह के मामले की सुनवाई

अपील कोर्ट ने 57 पेज का फैसला दिया। अमेरिका की ज्युडिशियल हिस्ट्री में यह अपनी तरह का पहला मामला है। खास तौर पर पहली बार किसी अपील कोर्ट के सामने ऐसा केस आया जिसमें किसी पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ क्रिमिनल केस चलाने पर बहस हुई और फैसला भी आया। अदालत के सामने सवाल यह था कि क्या किसी पूर्व राष्ट्रपति सिर्फ इसलिए गुनहगार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि घटना के वक्त वो देश का टॉप एग्जीक्यूटिव यानी प्रेसिडेंट था। उसने पद पर रहते हुए इस तरह का अपराध किया है।

अमेरिका में जजों का अपॉइंटमेंट पॉलिटिकल पार्टीज ही करती हैं। जिस पैनल ने मंगलवार को फैसला सुनाया उसमें शामिल दो जज डेमोक्रेट और एक रिपब्लिकन पार्टी ने अपॉइंट किया था। पैनल ने कहा- ये सही है कि प्रेसिडेंट रहने की वजह से प्रेसिडेंट को काफी पॉवर्स हासिल हैं, लेकिन कानून सबके लिए एक ही है। हमारे लिए इस वक्त पूर्व राष्ट्रपति भी बाकी अमेरिकी नागरिकों की तरह ही है।

ट्रम्प के खिलाफ एडमिनिस्ट्रेशन और जांच एजेंसियों 2020 के बाद कई केस दर्ज कराए थे। इनमें चुनाव नतीजे पलटने की साजिश से लेकर संसद पर हमले को न रोक पाने का केस भी शामिल है। पिछले दिनों ट्रम्प की लीगल टीम ने इस केस की सुनवाई टलवाने की नाकाम कोशिश की थी।

ट्रम्प इस वक्त रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट बनने की रेस में सबसे आगे हैं। 13 फरवरी को कैरोलिना प्राइमरी में उनका मुकाबला निक्की हेली से होगा।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) समेत 5 अन्य पर्वतारोहियों का पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बने मुहाफिज-V बख्तरबंद वाहनों को कथित तौर पर सूडान की राजधानी खार्तूम में एक मिलिट्री परेड में देखा गया है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि यह…
 07 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी अगले हफ्ते की शुरुआत (10 अगस्त) में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात करेंगे। त्रिवेदी की बांग्लादेश के पीएम से मुलाकात दोनों देशों…
 07 August 2026
बैंकॉक: थाईलैंड के एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना में सात लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में तीन शिक्षक और तीन छात्र हैं। हमले का आरोपी भी…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरकार ने बांग्लादेश में आईएसआई के प्रभाव की बात को नकार दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि शेख हसीना और उनके बेटे…
 01 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
 01 August 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
 01 August 2026
मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
 01 August 2026
मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
Advt.