सस्ती शराब के लिए दिल्लीवालों को अब गुड़गांव नहीं भागना पड़ेगा, प्रीमियम ब्रांड भी मिलेंगे, क्या है सरकार का प्लान?

Updated on 06-10-2025 12:55 PM
नई दिल्ली: दिल्लीवालों को अब सस्ती शराब के लिए गुड़गांव या हरियाणा के किसी दूसरे शहर में नहीं जाना होगा। हाल ही की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सरकार प्रीमियम शराब की कीमतों को कम करने की योजना बना रही है। इसका मकसद इन कीमतों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के दूसरे शहरों के बराबर लाना है।

खबर है कि एक आबकारी समिति ने इस बारे में एक बैठक की है। इस समिति को 'पारदर्शी और सामाजिक रूप से सुरक्षित' शराब नीति बनाने के लिए बनाया गया है। इस मंत्री स्तरीय समिति की अध्यक्षता पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह कर रहे हैं। उनके साथ कुछ और मंत्री भी इस समिति के सदस्य हैं

कब तक तैयार होगी नई नीति?

सूत्रों के मुताबिक नई शराब नीति अगले एक महीने में तैयार हो जाएगी। हाल ही में हुई बैठक में कई खास बातों पर चर्चा हुई। इनमें तय खुदरा मार्जिन, एक्साइज ड्यूटी, दिल्ली में बीयर पीने की कानूनी उम्र और प्रीमियम ब्रांड की उपलब्धता जैसे मुद्दे शामिल थे।
भारतीय ब्रांड की शराब की कीमतों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। लेकिन, लोग अक्सर प्रीमियम शराब खरीदने के लिए दिल्ली से सटे हरियाणा के शहर गुड़गांव (गुरुग्राम) जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि दिल्ली में 'प्रति बोतल' के हिसाब से खुदरा मार्जिन तय होता है। वहीं गुड़गांव में ऐसा कोई तय खुदरा मार्जिन नहीं है। इससे सिर्फ गुड़गांव ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में शराब सस्ती दर पर मिलती है।

गुड़गांव में क्यों सस्ती है शराब?

गुड़गांव की शराब नीति दिल्ली से अलग है। वहां के व्यापारियों को कीमतें और छूट तय करने की आजादी होती है। इसकी वजह यह है कि वे लाइसेंस की नीलामी के दौरान बहुत बड़ी रकम चुकाते हैं। यह न्यूनतम आरक्षित मूल्य करीब 20 करोड़ रुपये होता है, जो नीलामी में और भी बढ़ जाता है। इसलिए, उन्हें छूट और ऑफर देकर अपनी लागत वसूल करनी पड़ती है। वहीं, दिल्ली में इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) पर खुदरा मार्जिन 50 रुपये प्रति बोतल और विदेशी शराब पर 100 रुपये प्रति बोतल तय है।
इस तय मार्जिन के कारण, दिल्ली में सरकारी निगम 1000 रुपये से ज्यादा कीमत वाली प्रीमियम इम्पोर्टेड शराब नहीं रखते हैं। इसी वजह से ग्राहक प्रीमियम ब्रांड खरीदने के लिए पड़ोसी शहरों, खासकर गुरुग्राम और फरीदाबाद जाते हैं।

फिर से शुरू होंगी प्राइवेट दुकानें

सूत्रों के अनुसार राजधानी में सरकारी दुकानों के साथ-साथ निजी शराब की दुकानें फिर से शुरू करने की योजना है। यह व्यवस्था नवंबर 2021 से पहले भी थी। मौजूदा नीति के तहत, प्रीमियम ब्रांड उपलब्ध नहीं हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस समस्या को ठीक करने के लिए, सरकार अब सभी दुकानों पर प्रीमियम ब्रांड उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है। इसके अलावा, बीयर पीने की कानूनी उम्र को 25 साल से घटाकर 21 साल करने पर भी चर्चा चल रही है।

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