शेयर बाजार की खराब स्थिति, तब भी इस फंड ने 5 साल में बना दिया 1 लाख को 2.5 लाख से भी ज्यादा

Updated on 12-02-2026 01:04 PM
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार खराब प्रदर्शन से उबर ही नहीं रहे हैं। कल तो बीएसई सेंसेक्स 40.28 अंक या 0.05 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 84,233.64 पर बंद हुए थे। आज भी शेयर बाजार निगेटिव ही खुला है। इसके बावजूद पिछले एक साल में बिजनेस साइकल फंडों ने 18 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। इन फंडों ने तीन और पांच साल में भी सेंसेक्स और निफ्टी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।

क्या हैं बिजनेस साइकिल फंड

बिजनेस साइकिल फंड मुख्य रूप से ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम होते हैं। इन फंडों में व्यावसायिक चक्र पर आधारित निवेश का तरीका अपनाया जाता है। मार्केट डेटा के मुताबिक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के बिजनेस साइकल फंड ने एक साल में 18.12 फीसदी और तीन साल में 22.82 फीसदी का रिटर्न दिया है। कोटक के फंड ने 10.48 और 17.80 फीसदी और एचडीएफसी की इसी स्कीम ने 8.59 और 14.97 फीसदी का रिटर्न दिया है।

विभिन्न परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन

विभिन्न फंड हाउसों के बिजनेस साइकल फंड को देखें तो इन्होंने विभिन्न बाजार स्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। दरअसल इनका उद्देश्य व्यावसायिक चक्र के मौजूदा चरण के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों और विषयों में अवसरवादी रूप से निवेश करना है, ताकि दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि हासिल की जा सके।

एक लाख बन गया ढाई लाख से ज्यादा

उदाहरण के लिए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के बिजनेस साइकल फंड को देखें तो इस स्कीम को पांच साल पूरे हो गए हैं। उस समय जिन निवेशकों ने इसमें एक लाख का निवेश किया होगा, वह अब 2.51 लाख रुपये हो गया है। यदि निवेशक ने यही रकम निफ्टी-500 टीआरआई में लगाई होती तो यह 2.06 लाख रुपये हुई होती। इसमें शुरुआत से ही हर महीने 10,000 रुपये का निवेश (SIP) करने पर 31 जनवरी, 2026 तक कुल रकम बढ़कर लगभग 9.74 लाख रुपये हो गई होती, यानी 18.47% की दर से सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न। इस दौरान निवेशक का वास्तवित निवेश 6.10 लाख रुपये ही हुआ होगा। निफ्टी-500 टीआआई में यह रिटर्न 13.11 प्रतिशत का रहा है।

अर्थव्यवस्था चक्रीय है

आईप्रू एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी एस. नरेन का कहना है कि बिजनेस साइकल फंड की योजना एक टॉप-डाउन निवेश दृष्टिकोण का अनुसरण करती है। यह विकास के रुझान, मुद्रास्फीति, ब्याज दरें, राजकोषीय गतिशीलता और वैश्विक आर्थिक स्थितियों जैसे कई आर्थिक संकेतकों द्वारा निर्देशित है। मौजूदा व्यावसायिक चक्र के आकलन के आधार पर, एएमसी उपयुक्त क्षेत्रों और थीमों की पहचान करती है, जिसके बाद उन क्षेत्रों के भीतर शेयरों का चयन किया जाता है। उनका कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा स्वाभाविक रूप से चक्रीय है। व्यावसायिक चक्र के विकास के साथ इक्विटी नेतृत्व में बदलाव होता रहता है।

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