भाजपाइयों का कहना है कि, यह वटवृक्ष शहर की पहचान था। विकास के लिए
पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ करना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे अपराध करने
वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। वट वृक्ष सालों पुराना था। इस शहर की
धरोहर था। इस शारदीय नवरात्रि के पवित्र अवसर पर इसे काटकर हिंदू आस्था के
साथ खिलवाड़ किया गया है। इस वट वृक्ष को काटकर न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान
पहुंचाया बल्कि शहर की जनता की भावनाओं से भी खिलवाड़ किया गया है।
जगदलपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पांडेय ने कहा कि, वट वृक्ष
राष्ट्रीय वृक्ष भी है। सैकड़ों साल पुराने वटवृक्ष को जब 2 साल पहले काटा
जा रहा था तब कुछ पर्यावरण प्रेमियों के दवाब में महापौर ने आकर वृक्ष पर
रक्षा सूत्र बांधा और इसकी रक्षा का संकल्प लिया था। आज वही महापौर संकल्प
से मुकर कर वन विभाग के साथ मिलकर वटवृक्ष को कटवा रही हैं। महापौर ने
रक्षा सूत्र बांधकर शहर में खूब वाहवाही ली थी, आज महापौर कहां है?
उन्होंने कहा है कि आज सब कांग्रेस के नेता मौन क्यों है?