धड़ाधड़ चीन जा रहे हैं खाली कंटेनर, भारत में पड़ गया भारी अकाल, आखिर क्या है माजरा?

Updated on 12-09-2024 12:49 PM
नई दिल्ली: अमेरिका और चीन के बीच चल रही तनातनी से भारत पर असर हो सकता है। अमेरिकी ने चीन से आने वाली कुछ चीजों पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। इस टैरिफ के लागू होने से पहले चीन अपना ज्यादा से ज्यादा सामान अमेरिकी बाजारों में भेजना चाहता है। इसलिए खाली कंटेनर चीन भेजे जा रहे हैं। इससे भारत में कंटेनर की भारी कमी हो गई है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कमजोर वैश्विक मांग के बीच अगस्त और सितंबर में भारत के एक्सपोर्ट में गिरावट देखने को मिल सकती है। इसकी वजह यह है कि निर्यातकों को अपना माल भेजने के लिए कंटेनर नहीं मिल रहे हैं।

अमेरिका के बाइडन प्रशासन ने चीन की कई वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की है। इनमें स्टील से लेकर सौलर सेल, लिथियम आयन बैटरी और उनके पुर्जे, इलेक्ट्रिक वीकल और मेडिकल प्रॉडक्ट्स शामिल हैं। इस टैरिफ को इस साल से 2026 तक कई चरणों में लागू किया जाना है। यही वजह है कि अमेरिका इस टैरिफ के लागू होने से पहले ज्यादा से ज्यादा सामान अमेरिका भेजना चाहता है। इस कारण चीन में कंटेनर की डिमांड अचानक बढ़ गई है। दुनियाभर से खाली कंटेनर चीन भेजे जा रहे हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है। यमन के हूती विद्रोहियों ने अदन की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया था। इस कारण कंटेनर की दरों में तेज उछाल आई थी। लेकिन हाल के दिनों में इसमें नरमी आने लगी थी लेकिन निर्यातकों की परेशानी फिर बढ़ने लगी है।

लंबा इंतजार


चीनी वस्तुओं पर अमेरिका का हाई टैरिफ अगस्त से ही लागू होने लगा है। यही वजह है कि चीनी एक्सपोर्टर जल्दी से जल्दी अपना माल अमेरिका भेजना चाहते हैं। खाली कंटेनर को चीन भेजा जा रहा है ताकि उन्हें स्टॉक किया जा सके और सामान को अमेरिका भेजा जा सके। यूरोपीय संघ और कनाडा ने भी टैरिफ बढ़ा दिया है। लाल सागर में संकट के कारण जहाजों के लिए भारत का रूट लंबा हो गया है। साथ ही भारतीय बंदरगाहों पर उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यही कारण है कि कई शिपिंग कंपनियां भारत आने से बच रही हैं।

फियो के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय ने कहा कि शिपिंग लाइन्स हमारे पोर्ट्स पर आने से बच रही हैं क्योंकि उन्हें लंबा सफर करना पड़ रहा है। हालांकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बुरा दौर बीत चुका है और आने वाले महीनों में कंटेनर सप्लाई में सुधार होने की संभावना है। एक अधिकारी ने कहा कि अगले छह से आठ हफ्तों में चीजों में सुधार की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक अप्रैल से जुलाई के बीच देश के एक्सपोर्ट में 6.6 फीसदी तेजी आई है। सरकार को इस फाइनेंशियल ईयर में इसके पॉजिटिव बने रहने की उम्मीद है।

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