मशहूर पाकिस्तानी लेखक तारेक फतह का 73 साल की उम्र में निधन, बेटी ने बताया भारत का बेटा

Updated on 25-04-2023 07:41 PM
ओटावा: मशहूर पाकिस्तानी पत्रकार और लेखक तारेक फतह का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें कैंसर हो गया था और लंबे समय से बीमार थे। उनकी बेटी नताशा फतह ने उनके निधन की पुष्टि की है। इससे पहले शुक्रवार को उनके निधन की अफवाह सामने आई थी, जिसके बाद लोगों ने श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया था। देखते ही देखते ट्विटर पर तारेक फतह ट्रेंड करने लगा था। तारेक फतह से सीधे तौर पर जुड़े लोगों ने इसका खंडन किया था। हालांकि इस बार उनके निधन की पुष्टि सीधे तौर पर उनकी बेटी ने की है।


तारेक फतह की बेटी ने अपने पिता के निधन पर ट्वीट किया, 'पंजाब का शेर। भारत का बेटा। कनाडा का प्रेमी। सच बोलने वाला। न्याय के लिए लड़ने वाला। शोषितों और वंचितों की आवाज तारेक फतह ने अपनी मुहिम आगे बढ़ा दी है। उनकी क्रांति उन सभी के साथ जारी रहेगी जो उन्हें जानते और प्यार करते थे। क्या आप इसमें जुड़ेंगे?' पाकिस्तानी पत्रकार आरजू काजमी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

पाकिस्तान में हुआ था जन्म

तारेक फतह का जन्म 20 नवंबर 1949 में पाकिस्तान के कराची में हुआ था। 1987 में वह कनाडा चले गए। उन्हें अपनी रिपोर्टिंग के लिए कई तरह के पुरस्कार भी मिल चुके हैं। कनाडा समेत दुनिया की कई प्रमुख पत्रिकाओं और अखबारों में उनके लेख छपते रहे हैं। भले ही उनका जन्म पाकिस्तान में हुआ हो, लेकिन वह पाकिस्तान की कमियों को उजागर करने में पीछे नहीं रहते थे। सेना और कट्टरपंथियों के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोल रखा था, जिसके कारण उनकी सोशल मीडिया पर लाखो फॉलोअर्स थे। 1970 में उन्होंने कराची सन के लिए एक रिपोर्टर के रूप में काम शुरू किया। 1977 में तारेक फतह पर देशद्रोह का आरोप लगा था। जिया-उल हक शासन ने उन्हें पत्रकारिता करने से रोक दिया था। उन्हे अरबी भाषा भी आती थी, और वह कुछ दिन सऊदी अरब में भी रहे।

पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

कनाडा में रहने वाले पत्रकार ताहिर गोरा ने तारेक फतह के साथ आखिरी शो का लिंक शेयर करते हुए लिखा, 'भारी मन से मैं इस दुखद खबर को साझा कर रहा हूं कि हमारे मित्र, लेखक और एक्टिविस्ट तारेक फतह का आज सुबह देहांत हो गया। ओम शांति। रेस्ट इन पीस। उनका मेरे साथ आखिरी शो' इसके साथ ही द जयपुर डॉयलॉग ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साथ अपने आखिरी शो को शेयर किया।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधारों का भारत समेत G4 के सभी सदस्यों ने समर्थन किया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान G4…
 24 September 2026
वॉशिंगटन: भारत 'मिडिल पावर्स' (मध्यम दर्जे की ताकतों) के एक नए मल्टीलेटरल (बहुपक्षीय) ग्रुप में शामिल हुआ है। यह ग्रुप पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज्म (P4M) है। विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने…
 24 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने मक्का समझौते के जरिए सऊदी अरब और तुर्की के साथ रक्षा संबंध मजबूत किए हैं। साथ ही खाड़ी देशों की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाने की उसकी…
 24 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भारत के दोस्त ने साइप्रस ने तुर्की को करारा जवाब दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति ने निकोस क्रिस्टोलाइट्स ने महासभा को संबोधित…
 24 September 2026
तेहरान: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की न्यूयॉर्क में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ सीधी बातचीत पर तेहरान में कट्टरपंथी भड़क गए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड…
 24 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर दुनिया के सामने सिंधु जल संधि (IWT) का मामला उठाया गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने OIC (ऑर्गनाइजेशन ऑफ…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) के जम्मू-कश्मीर कांटेक्ट ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। न्यूयॉर्क में हुई इस…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक को संबोधित करते हुए कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कश्मीर पर बातचीत करने और…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। पीएम…
Advt.