पिता आईएएस, मां संस्कृत की प्रोफेसर... जानें कितनी है माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला की नेटवर्थ

Updated on 19-08-2025 04:56 PM
नई दिल्ली: दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ( Microsoft ) के सीईओ सत्या नडेला ( Satya Nadella ) का आज जन्मदिन है। सत्या नडेला भारतीय मूल के हैं जो अमेरिका की इस दिग्गज कंपनी की कमान संभाल रहे हैं। सत्या नडेला के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट पिछले एक दशक से नई ऊंचाइयों को छू रही है।

सत्या नडेला का जन्म 19 अगस्त 1967 को हैदराबाद में हुआ था। उनके पिता आईएएस अधिकारी अधिकारी और मां संस्कृत की प्रोफेसर थीं। हैदराबाद पब्लिक स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने साल 1988 में मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद वे अमेरिका गए और कंप्यूटर साइंस में एमएस किया। बाद में उन्होंने शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए पूरा किया।

कैसे की करियर की शुरुआत?

नडेला ने अपने करियर की शुरुआत सन माइक्रोसिस्टम्स से की। लेकिन साल 1992 में वे माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ गए। शुरुआती दिनों में उन्होंने सर्वर ग्रुप से काम शुरू किया और बाद में सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन सर्विसेज, रिसर्च एंड डेवलपमेंट समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे।
माइक्रोसॉफ्ट में नडेला को ‘क्लाउड गुरु’ कहा जाता है। उनके नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट ने क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग लगाई और Azure को दुनिया के सबसे बड़े क्लाउड प्लेटफॉर्म्स में शामिल कराया।

11 साल पहले संभाली सीईओ की कमान

नडेला साल 2014 में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ बने। उस समय कंपनी कई चुनौतियों से जूझ रही थी। नडेला ने क्लाउड, मोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर देकर कंपनी को फिर से टेक इंडस्ट्री का दिग्गज बना दिया। साल 2021 में उन्हें कंपनी का चेयरमैन भी नियुक्त किया गया।

क्रिकेट का है शौक

नडेला ने साल 1992 में अनुपमा से विवाह किया। वे वर्तमान में अपने परिवार के साथ अमेरिका के वॉशिंगटन में रहते हैं। क्रिकेट और फिटनेस के शौकीन नडेला को पेस्ट्री और मीठा खाना बहुत पसंद है। वे खुद को आजीवन सीखने वाला मानते हैं और खाली समय में ऑनलाइन कोर्स करने और कविता पढ़ने का आनंद लेते हैं।

कितनी है नेटवर्थ?

फोर्ब्स के मुताबिक सत्या नडेला की नेटवर्थ करीब 1.1 अरब डॉलर है। सत्य नडेला की संपत्ति का मुख्य कारण है उन्हें मिलने वाली अच्छी सैलरी, माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों की बढ़ती कीमत और कंपनी के शेयरधारकों के साथ उनका तालमेल।

कंपनी के वित्तीय वर्ष 2024 के अनुसार, नडेला के पास माइक्रोसॉफ्ट के 867,989 शेयर हैं। एक शेयर की कीमत करीब 517.10 डॉलर है। इस हिसाब से उनके शेयरों की कुल कीमत करीब 449 मिलियन डॉलर है। माइक्रोसॉफ्ट के साल 2024 के आंकड़ों से पता चलता है कि नडेला का वेतन पिछले साल के मुकाबले 63% बढ़कर 79,106,183 डॉलर हो गया। उन्हें यह वेतन कई चीजों को मिलाकर मिला है। इसके अलावा इनके पास सिएटल साउंडर्स FC में भी हिस्सेदारी भी है। यह एक मेजर लीग सॉकर क्लब है। साथ ही उनके पास Bellevue, वाशिंगटन और अमेरिका में दूसरी प्रॉपर्टीज भी हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 June 2026
मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में इस बार तगड़ी वाली गिरावट देखी गई है। एक ही सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार से करीब 10 अरब डॉलर…
 20 June 2026
नई दिल्ली: थर्मल पावर प्लांट से निकली राख ( Fly Ash ) कभी पावर प्लांट के लिए सर दर्द का सबब था। लेकिन जबसे इसका उपयोग सड़क बनाने, सीमेंट या…
 20 June 2026
नई दिल्‍ली: साफ-सुथरी ऊर्जा की ओर दुनिया का झुकाव अब एक ज्‍यादा मुश्किल और अनिश्चित दौर में पहुंच रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, सप्लाई चेन में रुकावटें और एनर्जी सिक्‍योरिटी की…
 20 June 2026
नई दिल्ली: स्मार्टफोन और पैसेंजर वीकल्स की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में भारतीय कंस्यूमर्स अब रीफर्बिश्ड और सेकंड हैंड सामानों की ओर रुख कर रहे हैं। मोबाइल…
 19 June 2026
नई दिल्ली: एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के 7 करोड़ से अधिक सदस्य UPI और ATM के जरिए अपने पीएफ अकाउंट से फंड निकाल सकेंगे। सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को…
 19 June 2026
नई दिल्ली: नेचुरल गैस (एलएनजी) एक्‍सपोर्ट में अमेरिका ने अपनी पकड़ मजबूत की है। पश्चिम एशिया के बीच संकट के दौर में उसे ऐसा करने का मौका मिला। ग्‍लोबल मार्केट…
 19 June 2026
 पश्चिम एशिया में युद्ध पर फिलहाल विराम है। लेकिन युद्ध की वजह से हुए नकुसान की भरपायी के लिए ईरान ने होर्मुज पर टोल वसूलने का संकेत दिया है। इससे…
 19 June 2026
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बाद भारत व्हिस्की की बिक्री में आई उछाल अब धीमी पड़ती दिख रही है। देश में विदेशी व्हिस्की की बिक्री की ग्रोथ 2025 में लगातार…
 16 June 2026
नई दिल्ली: हाल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है और उसमें गिरावट आई है। इस बीच आरबीआई ने…
Advt.