रूस में 50 लाख भारतीयों के सेट होने का मौका? इन स्किल वालों की जरूरत, महा-ऑफर की पूरी डिटेल

Updated on 06-12-2025 12:43 PM
नई दिल्‍ली: रूस को 50 लाख स्किल्‍ड लेबरों की जरूरत है। भारत इस कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है। रूस के उद्योगपतियों और उद्यमियों के संघ (आरएसपीपी) के वाइस प्रेसिडेंट सर्गेई क्रास्निलनिकोव ने इस प्‍लान का खुलासा किया। उन्‍होंने बताया कि रूसी व्यवसायी भारत से ज्यादा सामान खरीदना चाहते हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद रूसी आयातकों को भारत से आयात बढ़ाने का सीधा मैसेज दिया है। यह सब भारत-रूस व्यापार मंच के दौरान नई दिल्ली में हुआ।

क्रास्निलनिकोव ने बताया कि रूस को विदेश से करीब 50 लाख मजदूरों की जरूरत है। भारत इस जरूरत को पूरा करने के लिए एक बहुत बड़ा बाजार है। उन्होंने कहा, 'हम यहां सीधे रूसी कंपनियों को भारतीय मजदूरों तक पहुंच दिलाने आए हैं। इन्‍हें भारतीय वर्कफोर्स की जरूरत है।'

पुत‍िन का रूसी कंपन‍ियों को साफ संदेश

उन्होंने यह भी साफ किया कि रूसी खरीदारों को राष्ट्रपति पुतिन से भारत से आयात बढ़ाने का सीधा निर्देश मिला है। उन्होंने कहा, 'हम अपने सरकारी निर्देश के साथ यहां आए हैं कि भारतीय सामान खरीदें। हम यहां अपने भारतीय साझेदारों के साथ मिलकर यह काम प्रभावी ढंग से करने आए हैं। क्योंकि हमारा व्यापार संतुलित नहीं है। हम भारत को जितना बेचते हैं, उससे 10 गुना कम भारत से खरीदते हैं।'इस बढ़ती साझेदारी को आसान बनाने के लिए क्रास्निलनिकोव ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने की बात कही। उन्होंने कहा, 'यह एक प्राथमिकता है और हमारे सहयोगियों ने नवंबर में बातचीत शुरू की थी। वे फरवरी में जारी रखेंगे और हमें उम्मीद है कि हम प्रमुख भारतीय सामानों पर टैरिफ कम कर पाएंगे। उदाहरण के लिए कपड़ा उद्योग में यह 12% तक है। यह कुछ उद्योगों को भारतीय सामानों को प्रभावी ढंग से खरीदने से रोकता है।'
उन्होंने प्रतिबंधों और जिसे उन्होंने 'अति-अनुपालन' (ओवर-कम्‍प्‍लायंस) कहा, उससे उत्पन्न चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मेरी राय में यह अति-अनुपालन है। हमने लॉजिस्टिक्स, परिवहन कनेक्टिविटी पर भी चर्चा की। यह एक बड़ी समस्या है। हम FESCO (रूस की सबसे बड़ी परिवहन और लॉजिस्टिक्स कंपनियों में से एक) के चेन्नई और व्लादिवोस्तोक के बीच कंटेनर लाइन स्थापित करने की परियोजना का समर्थन कर रहे हैं। लेकिन, हमें भारतीय सामानों की जरूरत है। वे (रूसी) मुख्य रूप से कोयला आयात करते हैं। लेकिन, उन्हें व्लादिवोस्तोक खाली न जाए, इसके लिए कुछ सामान ढूंढना होगा।'

भारत और रूस दोनों को होगा फायदा

इसी बात को आगे बढ़ाते हुए साल्टेक्स ग्रुप के प्रेसिडेंट मनीष कुमार ने कहा कि भारत अपने कुशल कार्यबल के माध्यम से रूसी अर्थव्यवस्था के साथ अधिक मजबूती से जुड़ सकता है। उन्होंने कहा, 'रूस को 50 लाख लेबर की जरूरत है। रूस हमारा करीबी सहयोगी है और हमें अपने कुशल मजदूरों के साथ उनकी अर्थव्यवस्था में एकीकृत होना चाहिए ताकि हम दोनों जीत की स्थिति में हों। हमें अपने युवाओं के लिए रोजगार चाहिए और रूस को कुशल मजदूरों की जरूरत है।'

कुमार ने रूसी बाजार के लिए वेल्डरों को प्रशिक्षित करने की अपनी समूह की पहल के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, '15 दिसंबर से हम एक बहुत ही प्रतिष्ठित रूसी विश्वविद्यालय के साथ वेल्डरों के लिए एक तकनीकी कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं। वेल्डरों को रूस से आयात की जा रही रूसी वेल्डिंग मशीन पर सारा प्रशिक्षण मिलेगा। सब कुछ तय हो चुका है। जब कार्यक्रम शुरू होगा तो प्रशिक्षित वेल्डर रूसी भाषा के तकनीकी ज्ञान के साथ वहां जाएंगे।'

उन्होंने आगे कहा, 'उसके बाद हम रोबोटिक्स, ड्रोन और अन्य क्षेत्रों की योजना बना रहे हैं जिनकी रूस को जरूरत है। हमें भारत में उस तरह का इकोसिस्‍टम बनाना होगा जहां कुशल मजदूरों को रूसी आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा, न कि केवल वही जो हम भेज रहे हैं। हमें उनकी आवश्यकताओं को भी समझना होगा।'

FTA को अंत‍िम रूप देने पर जोर

साल्टेक्स ग्रुप के प्रेसिडेंट ने एफटीए को अंतिम रूप देने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, 'भारत को एफटीए को अंतिम रूप देना चाहिए क्योंकि रूस सिर्फ रूसी बाजार नहीं है - वह पांच देशों का संघ हैं। यह एक विशाल बाजार है। एक बार जब एफटीए हो जाता है और टैरिफ बाधाएं दूर हो जाती हैं तो यह व्यापार को वास्तव में बढ़ावा देगा।'

यह सब दिखाता है कि भारत और रूस के बीच व्यापार और श्रम सहयोग के नए रास्ते खुल रहे हैं। रूस को मजदूरों की जरूरत है और भारत के पास कुशल श्रमिक हैं। दोनों देश इस मौके का फायदा उठाकर एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं। एफटीए और बेहतर लॉजिस्टिक्स इस साझेदारी को और मजबूत बनाएंगे।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
 05 September 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और जी के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ…
 05 September 2026
नई दिल्ली: आपने कई बार देखा होगा कि जरूरत पड़ने पर जब किसी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट भी हो…
 05 September 2026
नई दिल्‍ली: एग्रीकल्चर एनालिस्ट देविंदर शर्मा ने भारत की कृषि नीति पर नए सिरे से विचार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इथेनॉल, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और ट्रेड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में करोड़ों की संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी हो रही है। इसको देखते हुए क्रेडिट कार्ड…
Advt.