धरती की तरफ बढ़ रहा 'तबाही का देवता', एस्टेरॉयड अफोफिस के खतरे पर मिली नई जानकारी, वैज्ञानिक परेशान

Updated on 09-09-2024 05:27 PM
वॉशिंगटन: 'तबाही का देवता' के नाम से मशहूर विशाल एस्टेरॉयड 99942 अपोफिस एक बार फिर से चर्चा में हैं। एस्टेरॉयड को लेकर नए अध्ययन से पता चलता है कि यह पृथ्वी से टकराने की तरफ बढ़ रहा है, जिसने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों ने पहले इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना को खारिज किया था, लेकिन कनाडा के खगोलविद पॉल वीगर्ट ने एक ऐसी स्थिति के बारे में पता लगाया है जो हमारे गर्ह के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रही है। कनाडाई विशेषज्ञ पॉल वीगर्ट के हालिया शोध ने अपोफिस के संभावित खतरे की चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है। तबाही के देवता के नाम से मशहूर इस क्षुद्रग्रह के 2029 में पृथ्वी के करीब आने का अनुमान है।

क्या है 99942 अपोफिस?


99942 अपोफिस पृथ्वी के निकट करीब 1100 फीट व्यास (335 मीटर) का एस्टेरॉयड है। किट पीक नेशनल ऑब्जर्वेटरी के खगोलविदों ने इसे पहली बार 2004 में खोजा था। शुरुआत में इसे पृथ्वी के करीब सबसे खतरनाक निकटवर्ती पिंडों में से एक माना गया था। एस्टेरॉयड के 13 अप्रैल 2029 को पृथ्वी के बेहद करीब पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इसने संभावित टकराव की आशंका को बढ़ा दिया है। द प्लैनेटरी साइंस जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में कहा गया है कि क्षुद्रग्रह से टकराने वाली एक 'छोटी वस्तु' भी नाटकीय रूप से इसे बदल सकती है।

एक टक्कर बदल सकती है रास्ता


अध्ययन के लेखक पॉल वीगर्ट ने अध्ययन में अपोफिस से टकराने वाले किसी अन्य क्षुद्रग्रह की संभावनाओं की जांच की। अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, 3.4 मीटर की एक छोटी वस्तु अगर 510 मीटर प्रति सेकंड से अपोफिस से टकराती है, तो यह एस्टेरॉयड की हमारे ग्रह से टक्कर का कारण बन सकती है। हालांकि, उन्होंने बताया कि ऐसी घटना होने और क्षुद्रग्रह के पृथ्वी की ओर जाने के मार्ग को बदलने की संभावना लगभग दो अरब में एक है। वीगर्ट ने अपने अध्ययन में आगे बताया है कि इस टक्कर से एस्टेरॉयड अपना रास्ता बदल सकता है.

अध्ययन के मुताबिक, बाद में क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने की संभावना दस लाख में एक से भी कम है, लेकिन वीगर्ट ने कहा कि प्रभाव का जोखिम बना हुआ है। वीगर्ट इसकी एक प्रमुख वजह बताते हुए कहते हैं कि मई 2021 से अपोफिस पर दूरबीनों के जरिए बड़े पैमाने पर निगरानी नहीं रखी गई है। पृथ्वी और सूर्य के सापेक्ष इसकी स्थिति के चलते 2027 तक ऐसा ही रहेगा। वैज्ञानिक इसके टकराव की संभावना बहुत कम बता रहे हैं, लेकिन यह हाल के इतिहास में पृथ्वी के इतने करीब से गुजरने वाले सबसे बड़े एस्टेरॉयड में से एक बना हुआ है।

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