चैटजीपीटी जैसी एआई टेक्नोलॉजी पर लगाम लगाएगी सरकार, जानिए क्या है प्लान

Updated on 17-05-2023 07:15 PM
नई दिल्ली: देश और दुनिया में चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे एआई-इनेबल्ड स्मार्ट टेक प्लेटफॉर्म्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। दुनियाभर की सरकारें इस बात पर माथापच्ची कर रही हैं कि इस पर कैसे लगाम लगाई जाए। भारत सरकार भी इससे बेखबर नहीं है। सरकार इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (regulatory framework) बनाने पर विचार कर रही है। उसका कहना है कि इस बारे में जो भी कानून बनाया जाएगा, वह दूसरे देशों के कानूनों के मुताबिक होगा। कम्युनिकेशंस एंड आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने मंगलवार को कहा कि एआई प्लेटफॉर्म्स का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया के कई देश इस पर नजर रखे हुए हैं। दुनियाभर के देशों के बीच चर्चा के बाद इस बारे में एक फ्रेमवर्क बनाने की जरूरत है।

वैष्णव ने कहा कि पूरी दुनिया इस बारे में चर्चा कर रही है कि इसके लिए क्या फ्रेमवर्क और रेगुलेटरी सेटअप होना चाहिए। जी7 देशों के डिजिटल मिनिस्टर इस बात को लेकर गंभीर हैं कि इसके लिए किस तरह का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क होना चाहिए। इसलिए यह दुनिया का विषय है। यह किसी एक देश का मुद्दा नहीं है। इसे अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस बारे में विभिन्न देशों के बीच विचारों का आदान-प्रदान जारी रहेगा। जब उनसे पूछा गया कि चैट जीपीटी जैसे एआई चैट प्लेटफॉर्म्स को लेकर क्या समस्याएं हैं, तो उन्होंने कहा कि ये आईपीआर, कॉपीराइट और अलगॉरिद्म को लेकर पूर्वाग्रह से जुड़ी हैं। इस तरह के कई मुद्दे हैं। यह बहुत बड़ा फील्ड है। क्या इस विषय पर अलग कानून की जरूरत है, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पर सभी देशों को एक को-ऑपरेटिव फ्रेमवर्क बनाने की जरूरत है।

चैटजीपीटी की बढ़ती लोकप्रियता


चैटजीपीटी को स्टार्टअप कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने विकसित किया है। इसे पिछले साल के अंत में लॉन्च किया गया था और पहले पांच दिन में ही इसके 10 लाख से अधिक यूजर बन गए थे। माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने इस कंपनी में अरबों डॉलर का निवेश किया है। साथ ही उसने अपने प्रॉडक्ट्स में इस टेक्नोलॉजी को इंटिग्रेट किया है। गूगल (Google) भी अपना जेनेरेटिव एआई टूल Bard को विकसित कर रहा है। लेकिन दुनियाभर के रेगुलेटर्स इस तरह की टेक्नोलॉजी की बढ़ती लोकप्रियता, स्वीकार्यता और बढ़ते चलन से चिंतित हैं। उनकी चिंता यह है कि इससे लोगों को गुमराह किया जा सकता है, फर्जी खबरें फैलाई जा सकती हैं, कॉपीराइट का उल्लंघन किया जा सकता है और लाखों नौकरियों से हाथ धोना पड़ सकता है।

यूरोपियन और अमेरिकन रेगुलेटर्स इस तरह की स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर लगाम कसने के लिए पहले ही कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं। सोमवार को ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अमेरिकी संसद में अपनी पेशी में कहा कि पावरफुल एआई सिस्टम के खतरों को कम करने के लिए सरकार की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने कहा, 'लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि टेक्नोलॉजी के एडवांस होने से उनका जिंदगी जीने का तरीका बदल जाएगा। इसे लेकर पूरी दुनिया में चिंता है और हम भी इससे चिंतित हैं।'

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 September 2026
नई दिल्ली: देश में पैसों की बचत और इनके निवेश के कई सारे विकल्प हैं। इनमें से एक है म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना। मार्केट एक्सपर्ट शेयर बाजार में निवेश…
 14 September 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 10 सितंबर को फूड रेगुलेटर FSSAI को आदेश दिया था कि वह 10 दिनों के भीतर अपने प्रस्तावित 'फ्रंट-ऑफ-पैक' चेतावनी लेबल को लागू करने के…
 14 September 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कंपनी ने कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द…
 14 September 2026
नई दिल्ली: भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर रूस ने एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूसी रोलिंग स्टॉक निर्माता ट्रांसमैशहोल्डिंग (TMH) ने भारत में अपनी Ivolga FG हाई-स्पीड ट्रेन…
 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
Advt.