कहीं आपने भी तो ऑनलाइन नहीं खरीदे एंटी ड्रोन सिस्टम और GPS जैमर

Updated on 21-02-2026 12:40 PM
नई दिल्ली: एंटी ड्रोन सिस्टम, ड्रोन जैमर और GPS जैमर उपकरणों की ऑनलाइन बिक्री पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ऐसी वायरलेस ट्रांसमिटिंग डिवाइसेज बेचने वाले छह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और कंपनियों को नोटिस भेजा है। इन कंपनियों पर गलत जानकारी देने और नियमों का पालन न करने के आरोप हैं। अगर वे सही जवाब नहीं दे पाए तो उन पर कार्रवाई हो सकती है।

CCPA ने Everse, Indiamart, Xboom, Javiat Aerospace, AirONE Robotics, और Maveric Drones & Technologies Pvt Ltd जैसी कंपनियों से कई तरह की जानकारी मांगी है। उन्हें बताना होगा कि इन उपकरणों को कहां से खरीदा या इंपोर्ट किया गया। इसके लिए उन्हें इंपोर्ट लाइसेंस, खरीद की रसीदें और अन्य जरूरी कागजात दिखाने होंगे। CCPA ने कंपनियों से खरीदारों का पूरा विवरण भी मांगा है।

कंपनियों पर जानकारी छिपाने का आरोप

  • अथॉरिटी ने पाया कि ये कंपनियां इन उपकरणों को ऑनलाइन बेच रही थीं, लेकिन यह नहीं बता रही थीं कि इन्हें खरीदने और इस्तेमाल करने के लिए खास लाइसेंस की जरूरत होती है।
  • इन पर जरूरी Equipment Type Approval (ETA) या Wireless Planning and Coordination (WPC) सर्टिफिकेशन की जानकारी भी नहीं दी गई थी।
  • यह भी साफ नहीं किया गया था कि आम लोगों के लिए इन्हें खरीदना और इस्तेमाल करना गैरकानूनी है।
  • CCPA का कहना है कि इस तरह की बिक्री से ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा है, जैसे कि ये चीजें आसानी से खरीदी जा सकती हैं।

CCPA ने दिए ये निर्देश

  • CCPA ने इन कंपनियों को विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया है। इसमें यह भी बताना होगा कि ये उपकरण कहां से खरीदे गए या इंपोर्ट किए गए।
  • साथ ही इंपोर्ट लाइसेंस, इनवॉइस और अन्य संबंधित दस्तावेजों की कॉपी भी जमा करनी होगी।
  • कंपनियों को WPC, Department of Telecommunications (DoT), Directorate General of Foreign Trade (DGFT), Cabinet Secretariat और Ministry of Home Affairs (MHA) जैसे सरकारी विभागों से मिले सभी जरूरी अप्रूवल और लाइसेंस की कॉपी भी दिखानी होगी।

अथॉरिटी ने मांगी लिस्ट

  • अथॉरिटी ने यह भी पूछा है कि इन प्रतिबंधित उपकरणों को व्यावसायिक रूप से बेचने का कानूनी आधार क्या है।
  • पिछले दो सालों में कितने ऐसे उपकरण बेचे गए हैं और खरीदारों का पूरा विवरण भी मांगा गया है। यह भी पूछा गया है कि क्या कोई तीसरी पार्टी भी ऐसे उपकरण बेच रही है।
  • इन कंपनियों को यह भी बताना होगा कि उन्होंने ऐसी बिक्री को रोकने और भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए हैं।
  • उनके प्लेटफॉर्म पर बिक रहे सभी तरह के रेडियो फ्रीक्वेंसी या वायरलेस ट्रांसमिटिंग उपकरणों की पूरी लिस्ट भी मांगी गई है।
  • सरकार ने बना रखे हैं कड़े नियम

    ड्रोन जैमर और सिग्नल जैमिंग उपकरण भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम (Indian Telegraph Act) और वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम (Wireless Telegraphy Act) के तहत आते हैं। इन्हें खरीदने और इस्तेमाल करने के लिए Department of Telecommunications (DoT) और Wireless Planning & Coordination (WPC) Wing से खास लाइसेंस लेना पड़ता है। इन पर कड़े नियम और नियंत्रण हैं।ऐसे प्रतिबंधित उपकरणों का इंपोर्ट Foreign Trade (Development and Regulation) Act, 1992 और DGFT की नोटिफिकेशन के तहत होता है। आमतौर पर, ऐसे उपकरण सिर्फ सरकारी एजेंसियों और कानून लागू करने वाली संस्थाओं को ही खास मंजूरी के बाद इस्तेमाल करने की इजाजत होती है। आम लोगों के लिए इन्हें खरीदना या इस्तेमाल करना गैरकानूनी है। CCPA की इस कार्रवाई से ऑनलाइन बिक्री में पारदर्शिता आएगी और ग्राहकों को गलत जानकारी मिलने से रोका जा सकेगा।

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