सऊदी अरब ने अगर हूतियों पर हमला किया तो पाकिस्‍तान देगा साथ? भारत से बदला लेने के चक्कर में बड़ी गलती कर गए शहबाज

Updated on 18-09-2025 01:32 PM
रियाद/इस्लामाबाद: सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच एक बड़ा रक्षा समझौता हुआ है। इसमें कहा गया है कि अगर किसी भी देश पर हमला होता है, तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। यही वजह है कि इस डील को नाटो की तरह का समझौता बताया जा रहा है। इसका मतलब है कि सऊदी अरब का पाकिस्तान, किसी पर बाहरी आक्रमण होने की स्थिति में दोनों देश उसका मुकाबला करेंगे। इस समझौते की टाइमिंग खास है। यह ऐसे वक्त में हुआ है, जब कतर पर इजरायली हमले से खाड़ी के मुस्लिम देश डरे हुए हैं तो इसके पीछे पाकिस्तान का भी डर है, जो मई में भारत के हवाई हमलों के बाद से उसके अंदर बना हुआ है।

इस समझौते के बाद पाकिस्तान को लगता है कि उसे भविष्य में भारत के हमलों के खिलाफ गारंटी मिल गई है, लेकिन असलियत यह है कि वह एक तरह से फंस गया है। पाकिस्तान ने जिस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, उसके चलते इस्लामाबाद के लिए सऊदी अरब के लिए यमन में हमला करने को अनिवार्य बना दिया है। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को लंबी लड़ाई के बाद भी सऊदी अरब हटाने में नाकाम रहा है।

पाकिस्तान बनेगा सऊदी की किराये की सेना

इस समझौते ने पाकिस्तान को सिर्फ सऊदी अरब की 'किराये की सेना' के रूप में पुष्ट किया है। यह समझौता नया भी नहीं है। सऊदी अरब और पाकिस्तान ने पहले भी ऐसे रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन ये हमेशा सऊदी सुरक्षा के लिए रहे हैं, पाकिस्तान को इससे कोई फायदा नहीं हुआ है। भारत के साथ पाकिस्तान तीन बड़ी लड़ाइयां (1965, 1971 और 1999) लड़ चुका है। इस दौरान रियाद ने उसे वित्तीय और राजनयिक सहायता तो दी लेकिन कभी सेना तैनात नहीं की।

यमन में हूतियों पर हमला करेगा पाकिस्तान?

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नया समझौता एक बार फिर पाकिस्तान को यमन में सऊदी अरब के लिए किराये की सेना के रूप में इस्तेमाल करने का दस्तावेज है। क्या पाकिस्तान यमन में सऊदी की अधूरी पड़ी लड़ाई लड़ने जा रहा है? पाकिस्तान के लिए यह इतना आसान नहीं होगा। इसके पहले पाकिस्तान ने 2015 में यमन के हूतियों के खिलाफ जंग के लिए सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर दिया था। उस दौरान पाकिस्तान लगभग तैयार था, लेकिन उस समय विपक्ष के नेता और पीटीआई चेयरमैन इमरान खान के विरोध के बाद नवाज शरीफ सरकार बैकफुट पर आ गई थी।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.