जिन्‍ना के मुल्‍क पाकिस्‍तान में केले 450 रुपए दर्जन और प्‍याज 200 रुपए किलो, बच्‍चों के लिए दो वक्‍त की रोटी सपना

Updated on 11-04-2023 09:15 PM
इस्‍लामाबाद: आर्थिक संकट में घिरे पाकिस्‍तान की जनता के लिए अब स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। देश में महंगाई उस स्‍तर पर पहुंच गई है जहां पर दो वक्‍त की रोटी का जुगाड़ करना और अपने बच्‍चों को अच्‍छे स्‍कूल में पढ़ाना लोगों के लिए सपना सा होता जा रहा है। पाकिस्‍तान रुपए में हाल के दिनों में हुई गिरावट ने आर्थिक संकट को और बढ़ा दिया है। इस समय एक डॉलर के मुकाबले पाकिस्‍तान रुपया 288 के स्‍तर पर पहुंच चुका है। रमजान के महीने में लोगों के पास रोजा तोड़ने के लिए जरूरी फल खरीदने तक के पैसे नहीं बचे हैं। देश में केले 450 रुपए दर्जन, सेब 400 रुपए किलो और प्‍याज 200 रुपए किलो पर बिक रहा है।
आजादी के बाद सबसे बड़ा संकट
सन् 1947 में देश को आजादी मिली थी और तब से लेकर अब तक पाकिस्‍तान तीन बार तख्‍तापलट का सामना कर चुका है। चुनी हुई सरकारों को सत्ता से बेदखल करने वाले और सैन्‍य शासन का इतिहास रखने वाले इस मुल्‍क में आर्थिक स्थिति कभी इतनी खराब नहीं रही, जितनी कि इस समय है। नगदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पिछले कई सालों से लगातार गिरावट की स्थिति में है। इसकी वजह से गरीब जनता पर अनियंत्रित मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ता जा रह है।
इसका नतीजा है कि अब बड़ी संख्या में लोगों के लिए गुजारा कर पाना भी नामुमकिन सा हो गया है। पिछले साल की आई विनाशकारी बाढ़ ने हालातों को और मुश्किल कर दिया है। बाढ़ की वजह से जनता की मुसीबतें कई गुना बढ़ गईं। सितंबर 2022 में आई बाढ़ में 1,700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ।
जनता ने नेताओं को दिया दोष
लाहौर में एकाउंटेंट के तौर पर काम करने वाले नाजिम मलिक ने कहा, 'महंगाई की वजह से मेरी सामान खरीदने की शक्ति खत्‍म हो चुकी है। वास्तव में, मैं जो कमाता हूं उससे दो वक्त का खाना भी मुमकिन नहीं है।' पिछले छह महीनों के दौरान, मुद्रास्फीति उस स्तर पर पहुंच गई जहां उनकी सैलरी जो कि 65,000 पाकिस्तानी रुपए है, उसमें भी वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के लिए भोजन खरीदने में परेशानियों का सामना करते हैं। नाजिम ने बताया कि उन्‍होंने अपने बच्चों को एक अंग्रेजी मीडियम के स्कूल से निकाल लिया है। मलिक ने इस स्थिति का दोष मौजूदा शासकों को दिया जिन्‍होंने जनता की दुर्दशा पर भी ध्यान ही नहीं दिया और राजनीति में ही बिजी रहे।

आटे के बदले मिली मौत
देश में पिछले दो हफ्तों के दौरान मुफ्त भोजन या गेहूं पाने की कोशिश में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। 25,000 रुपए कमाने वाले शकील अहमद अकेले हैं और उनकी अभी फैमिली नहीं है। एक कैंटीन में काम करने वाले शकील भी महीने के पहले दो हफ्तों में जो कमाते हैं, वह सारा खर्च हो जाता है। फिर उन्‍हें या तो उधार लेना पड़ता है या फिर बाकी बचे समय में ओवरटाइम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि फलों और सब्जियों की कीमतें ज्यादातर लोगों की पहुंच से बाहर हो गई हैं और गरीबों को केवल आटा और चावल की चिंता है। पाकिस्तान अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से 1.1 अरब डॉलर के जरूरी फंड का इंतजार कर रहा है। यह फंडिंग साल 2019 में किए गए 6.5 बिलियन डॉलर के बेलआउट समझौते का हिस्सा है।
फिलहाल इससे कोई छुटकारा नहीं
लाहौर में, एक किलो आटे की कीमत 170 पाकिस्तानी रुपए है, जिसे एक मजदूर के लिए खरीद पाना सपना है। 59 वर्षीय स्कूल शिक्षक अब्बास राणा कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में कभी भी इस तरह की बढ़ती महंगाई नहीं देखी। कराची में रहने वाली अर्थशास्त्री रुहमा रहमान ने कहा कि इस महंगाई की वजह से हजारों घरों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष जारी है। मगर इसका तुरंत इसका कोइ समाधान नहीं है। उनका कहना है कि सबसे बड़ी समस्या है कि नेता आम आदमी से बलिदान की उम्मीद करते हैं, लेकिन खुद वो ऐश कर रहे हैं और ऐसा करने से बच रहे हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) के जम्मू-कश्मीर कांटेक्ट ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। न्यूयॉर्क में हुई इस…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक को संबोधित करते हुए कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कश्मीर पर बातचीत करने और…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भारत के साथ अपनी अटूट दोस्ती को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। पीएम…
 23 September 2026
न्यूयॉर्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका, भारत और चीन, रूस पर दबाव डालें तो वह यूक्रेन में युद्ध जारी नहीं रख पाएगा। जेलेंस्की ने कहा…
 23 September 2026
इस्लामाबाद: भारत, आतंकवाद का हवाला देकर सिंधु जल संधि को एकतरफा सस्पेंड नहीं कर सकता है। ये कहना है विलेम वैन ड्यूरसेन का जो एक सीनियर डच इंडिपेंडेंट वॉटर मैनेजमेंट…
 23 September 2026
वॉशिंगटन: 23 सितम्बर को धरती पर एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसके चलते दिन और रात बराबर होंगे। इसे उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों की शुरुआत का संकेत…
 23 September 2026
संयुक्‍त राष्‍ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने विश्व भर के नेताओं से सुरक्षा परिषद में सुधार करने की जोरदार अपील की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि…
 23 September 2026
मॉस्को: रूसी तेल खरीदने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के 100 फीसदी टैरिफ को लेकर रूसी मीडिया ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और पश्चिमी देश 'भारत-रूस की दोस्ती तोड़ने की…
 22 September 2026
नई दिल्ली/तेल अवीव: पाकिस्तान के खिलाफ 1965 की लड़ाई के दौरान भारत के खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद 21 सितंबर 1968 को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग…
Advt.