भारत ने बढ़ाई चीन की बेचैनी, न्यूजीलैंड के साथ FTA डील से ड्रैगन का दबदबा होगा कम

Updated on 25-12-2025 01:13 PM
नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बातचीत पूरी हो गई है। वहीं इस डील से चीन की बेचैनी बढ़ चुकी होगी। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने कहा है कि यह ट्रेड डील न्यूजीलैंड के आयात में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। फिलहाल, न्यूजीलैंड के आयात पर चीन का दबदबा है। ऐसे में भारत और न्यूजीलैंड के बीच डील से चीन का दबदबा कम होगा।

जीटीआरआई के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में न्यूजीलैंड का चीन से आयात 10 अरब डॉलर था, जबकि इसी अवधि में भारत का न्यूजीलैंड को निर्यात केवल 711 मिलियन डॉलर था। जीटीआरआई ने कहा, 'भारत उन कई उत्पादों में कम प्रतिनिधित्व करता है जहां वह एक प्रमुख वैश्विक निर्यातक है और न्यूजीलैंड एक बड़ा आयातक है।'

भारत को कहां मिलेगा अवसर?

जीटीआरआई ने बताया कि यह एफटीए भारत के फार्मास्यूटिकल्स, प्रोसेस्ड फूड, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, वाहन और फर्नीचर जैसे उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण निर्यात वृद्धि के अवसर खोल सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये क्षेत्र एफटीए-संचालित विकास के प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरने की उम्मीद है, क्योंकि व्यापार डेटा स्पष्ट रूप से भारत की वैश्विक निर्यात ताकत और न्यूजीलैंड के बाजार में उसकी सीमित उपस्थिति के बीच एक बड़ा अंतर दिखाता है
थिंक टैंक ने कहा कि प्रोसेस्ड फूड निर्यात में विशेष रूप से बड़े अंतर हैं। जहां भारत का बेकरी उत्पादों का वैश्विक निर्यात 602 मिलियन डॉलर है, वहीं न्यूजीलैंड को निर्यात केवल 6.5 मिलियन डॉलर तक सीमित है। इसी तरह, भारत ने विश्व स्तर पर 817 मिलियन डॉलर के फूड प्रेपरेशन्स का निर्यात किया, लेकिन न्यूजीलैंड को शिपमेंट केवल 7.7 मिलियन डॉलर है।

फार्मा में कितना अंतर?

जीटीआरआई ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र भी एक प्रमुख अवसर क्षेत्र के रूप में सामने आता है। न्यूजीलैंड ने 962 मिलियन डॉलर की दवाएं आयात कीं, फिर भी भारत केवल 75 मिलियन डॉलर की आपूर्ति करता है, भले ही फार्मा क्षेत्र में उसकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत हो। एफटीए इस खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

क्या है अभी चुनौती?

जीटीआरआई ने कहा कि भले ही एफटीए संपन्न हो गया हो, लेकिन इसके अधिकांश लाभ अभी आने बाकी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो भारत-न्यूजीलैंड एफटीए मौजूदा व्यापार अंतर को पाटने में मदद कर सकता है और एक मामूली द्विपक्षीय व्यापार संबंध को एक गहरे और अधिक विविध आर्थिक साझेदारी में बदल सकता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 16 June 2026
नई दिल्ली: हाल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है और उसमें गिरावट आई है। इस बीच आरबीआई ने…
 16 June 2026
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच सुलह होने की डील (US-Iran Deal) हो गई है। खबर है कि दोनों देशों के बीच 60 दिनों का सीजफायर होने के बाद…
 16 June 2026
नई दिल्‍ली: अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा के बाद एक भारतीय लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरा है। यह ऐसा करने वाले शुरुआती बड़े कमर्शियल जहाजों में से…
 16 June 2026
मुंबई: लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी A-1 लिमिटेड ने बताया है कि उसने प्रमुख औद्योगिक घरानों से 35 करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल किए हैं। इससे चालू वित्तीय वर्ष में उसकी…
 15 June 2026
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर और पहले ट्रिलियनेयर बने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का आईपीओ अमेरिकी शेयर मार्केट में लिस्ट हो गया है। इस आईपीओ की लिस्टिंग धमाकेदार…
 15 June 2026
नई दिल्ली: रुपये की कीमत में डॉलर के मुकाबले हाल में काफी गिरावट देखने को मिली। इसे रोकने के लिए आरबीआई ने कई कदम उठाए। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री…
 15 June 2026
नई दिल्ली: अमेरिकी-ईरान के बीच शांति समझौता होने से भारत को भी बड़ी राहत मिलेगी। इस समझौते के बाद मुख्य ईधन मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) भी खुल जाएगा।…
 15 June 2026
नई दिल्ली: आपने भी यह कहावत सुनी होगी कि नाम में क्या रखा है। लेकिन नाम की वजह से कुछ नामी-गिरामी कंपनियां खाद्य सुरक्षा क्षेत्र के नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा…
 13 June 2026
नई दिल्ली: एयर इंडिया का एक विमान पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में हादसे का शिकार हो गया था। उसके बाद से कंपनी को पिछले एक साल में करीब…
Advt.