भारत ने मारा मौके पर चौका, तेल के खेल में बना खिलाड़ी, रूस से इस तरह धड़ाधड़ सस्ता तेल खरीदकर बेच रहा यूरोप को

Updated on 01-05-2023 07:27 PM
नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से पश्चिमी देश रूस का बॉयकॉट कर रहे हैं। यूक्रेन पर हमले की सजा देने के लिए यूरोपियन यूनियन (EU) ने पिछले साल दिसंबर में रूसी कच्चे तेल (Russian Crude Oil) पर प्रतिबंध लगा दिया था। दो महीने बाद ये प्रतिबंध उसके रिफाइंड ऑयल प्रोडक्ट्स पर लगा दिए गए। इन प्रतिबंधों से पहले तक यूरोप अपनी जरूरत का करीब 30 फीसदी तेल (Russian Crude Oil) रूस से खरीदता था, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस प्रतिबंध के बावजूद यूरोप को रूसी तेल की सप्लाई (Russian Crude Oil) जारी है। यूरोपीय बाजार में रूस का तेल (Russian Crude Oil) अब भारत के जरिए पहुंच रहा है। इसके जरिए भारत की तेल रिफाइनरियों को बड़ा मुनाफा होने का अनुमान है।

रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीद रहा भारत


एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय तेल रिफाइनरियों ने यूरोप के बड़े मार्केट पर अपना कब्जा कर लिया है। जहाजों के डाटा पर नजर रखने वाली फर्म केप्यर (Kpler) के मुताबिक, रूस यूक्रेन युद्ध से पहले भारत से यूरोपीय देशों के बीच 154,000 बैरल प्रतिदिन के हिसाब से जेट ईंधन और डीजल का निर्यात होता था। अब यह बढ़कर 200,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। इसके साथ ही मार्च में रूसी तेल के आयात में लगातार 7 वें महीने में इजाफा दर्ज किया गया है। भारत फिलहाल सबसे ज्यादा कच्चा तेल रूस से ही खरीद रहा है।

भारत और चीन ने उठाया फायदा


बता दें कि जब रूस और यूक्रेन का युद्ध शुरू हुआ तो रूस (Russian) पर आर्थिक प्रतिबंध लगने शुरू किए गए। रूस ने भी डिस्काउंट रेट यानी सस्ते दामों पर क्रूड ऑयल (Crude Oil) बेचना शुरू कर दिया। इस मौके का फायदा भारत और चीन ने उठाया। भारत वैसे भी अपनी जरूरत का अधिकतर क्रूड ऑयल (Crude Oil) आयात करता है। भारत ने और ज्यादा कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया। अब यही सस्ता क्रूड ऑयल (Crude Oil) यूरोप पहुंच रहा है। बीते वर्ष दिसंबर में यूरोपीय संघ ने रूस से किसी भी तरह के सी-बोर्न क्रूड ऑयल (Crude Oil) का आयात पूरी तरह से रोक दिया था। इसके दो महीने बाद ही रूस से आने वाले रिफाइंड यानी तैयारी पेट्रोलियम उत्पाद के आयात पर भी रोक लगा दी गई. लेकिन ये नियम उन देशों पर लागू नहीं हुआ, जो रूस से सस्ता तेल खरीद कर उसे पेट्रोल और डीजल में कन्वर्ट कर रहे हैं।

भारत ने बढ़ाया निर्यात


अमेरिका और यूरोप की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी भारत रूस से भारी मात्रा में रियायती दाम पर कच्चा तेल (Crude Oil) खरीद रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के पेट्रोलियम उत्पादों पर यूरोपियन यूनियन के प्रतिबंध के बाद भारत के रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का इस बाज़ार में निर्यात लगातार बढ़ा है। अब यहां सबसे बड़े सप्लायर बनने की राह पर है। अप्रैल 2022 से लेकर जनवरी 2023 भारत से यूरोप को निर्यात किया जाने वाला रिफाइंड पेट्रोलियम का निर्यात बढ़ कर 1.16 करोड़ टन तक पहुंच गया है। भारत के रिफाइंड पेट्रोल प्रोडक्ट्स के निर्यात का 15 फीसदी हिस्सा अकेले यूरोपीय बाज़ार में किया गया है। यह बाद में बढ़कर 22 फीसदी तक पहुंच गया है।

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