भारत करने जा रहा है कुछ ऐसा कि देखता रह जाएगा चीन, इस मामले में ड्रैगन को मिलेगी पटखनी

Updated on 13-10-2025 01:15 PM
नई दिल्ली: रेयर अर्थ एलिमेंट्स ( rare earth elements ) यानी दुर्लभ पृथ्वी तत्वों के मामले में चीन अभी तक भारत समेत दुनिया के कई देशों को आंखें दिखाता रहा है। रेयर अर्थ एलिमेंट्स के भारत को निर्यात करने पर भी चीन ने रोक लगा दी थी। हालांकि चीन ने इसमें थोड़ी ढील दी है, लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है। अब भारत सरकार कुछ ऐसा करने जा रही है ताकि रेयर अर्थ एलिमेंट्स के लिए चीन पर निर्भरता कम हो।

दरअसल, सरकार देश में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नेशनल क्रिटिकल मिनरल स्टॉकपाइल (NCMS) नाम से एक कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार यह कदम चीन द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टर्बाइनों और अन्य हरित प्रौद्योगिकियों के लिए एक महत्वपूर्ण कच्चा माल रेयर अर्थ मैग्नेट्स ( rare earth magnets ) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद उठाया गया है। चीन के इस फैसले से दुनिया भर की सप्लाई चेन में बाधा आई है।

निजी कंपनियां भी होंगी शामिल

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, 'हम इस कार्यक्रम के तहत दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का दो महीने का स्टॉक बनाने की सोच रहे हैं। इसमें निजी कंपनियों की भागीदारी पर भी ध्यान दिया जाएगा।' उन्होंने आगे कहा, 'शुरुआत में हमारा ध्यान दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर रहेगा।' अधिकारी ने यह भी बताया कि बाद में इसका दायरा बढ़ाकर अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।'

क्या हैं रेयर अर्थ एलिमेंट्स?

रेयर अर्थ एलिमेंट्स 17 तत्वों का एक ग्रुप है जिनके रासायनिक गुण एक जैसे होते हैं। इन तत्वों का हाई-टेक इस्तेमाल होता है, खासकर रेयर अर्थ मैग्नेट्स के रूप में। ऐसा इसलिए है क्योंकि इनमें अनोखे चुंबकीय और विद्युत गुण होते हैं।

क्या है सरकार का प्लान?

यह कार्यक्रम सरकार के घरेलू स्तर पर दुर्लभ पृथ्वी चुम्बकों के उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों का पूरक होगा। इकोनॉमिक टाइम्स ने पहले बताया था कि एक प्रमुख अंतर-मंत्रालयी पैनल ने अगले पांच वर्षों में 6,000 टन उत्पादन के लक्ष्य के साथ दुर्लभ पृथ्वी चुम्बकों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 7300 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी थी।

500 करोड़ रुपये का अलग फंड

नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन (National Critical Minerals Mission) के तहत, सरकार ने 'आपूर्ति में रुकावटों से बचाव और घरेलू उपयोग के लिए खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने' के लिए 500 करोड़ रुपये अलग रखे हैं। क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि चीन दुर्लभ पृथ्वी चुम्बक निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील के शुरुआती संकेतों के बावजूद ये प्रतिबंध अभी भी जारी हैं।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि स्टॉकपाइलिंग NCMM की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन भारत की घरेलू भंडारों से दुर्लभ पृथ्वी तत्वों को निकालने की सीमित तकनीकी क्षमता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि अधिकांश आपूर्ति वर्तमान में आयात की जाती है।

भारत में पास कितना भंडार?

अनुमान है कि भारत के पास तटीय और आंतरिक भंडारों में 7.23 मिलियन टन दुर्लभ पृथ्वी ऑक्साइड (rare earth oxide) है, जो 13.15 मिलियन टन मोनाजाइट (monazite) में बंद है। यह मोनाजाइट आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में पाया जाता है। सरकार ने अब तक पांच चरणों में नीलामी की है, जिसमें 55 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों को बोली के लिए रखा गया है, जिनमें से 34 सफलतापूर्वक आवंटित किए गए हैं। पिछले महीने, सरकार ने अतिरिक्त ब्लॉकों के लिए नीलामी का छठा चरण शुरू किया था।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
 05 September 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और जी के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ…
 05 September 2026
नई दिल्ली: आपने कई बार देखा होगा कि जरूरत पड़ने पर जब किसी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट भी हो…
 05 September 2026
नई दिल्‍ली: एग्रीकल्चर एनालिस्ट देविंदर शर्मा ने भारत की कृषि नीति पर नए सिरे से विचार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इथेनॉल, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और ट्रेड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में करोड़ों की संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी हो रही है। इसको देखते हुए क्रेडिट कार्ड…
Advt.