भारत ने मोहम्मद यूनुस के सलाहकार को कहा-सोच समझकर बोलें:गलत बयानों से रिश्तों पर असर पड़ता है

Updated on 21-12-2024 01:01 PM

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के सलाहकार महफूज आलम के विवादित पोस्ट पर भारत ने शुक्रवार को कड़ी आपत्ति जताई है। महफूज ने 16 दिसंबर को एक विवादित पोस्ट किया था। इसमें भारत के बंगाल, त्रिपुरा और असम के कुछ हिस्से को बांग्लादेश में दिखाया गया था।

इस मामले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा- हमें पता चला है कि उस पोस्ट को हटा दिया गया, लेकिन हम फिर भी उन्हें याद दिलाना चाहते हैं कि वे पब्लिक कमेंट्स को लेकर सचेत रहें। ऐसी टिप्पणियां जाहिर करती हैं कि सार्वजनिक टिप्पणी करते समय आपको और जिम्मेदार होने की जरूरत है।

प्रवक्ता जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत ने बार-बार बांग्लादेश के लोगों और अंतरिम सरकार के साथ संबंधों को बढ़ावा देने में रुचि दिखाई है। लेकिन ऐसी टिप्पणियां दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं।

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ 2 साल में 4583% हिंसा के मामले बढ़े 

विदेश मंत्रालय ने इस बात का भी खुलासा किया कि साल 2024 में शेख हसीना के सरकार जाने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के 2,200 मामले सामने आए हैं। बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं के लेकर प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और बांग्लादेश सरकार के साथ अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है। भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी।

इससे पहले महफूज आलम ने विवादित पोस्ट में कहा था कि भारत को उस विद्रोह को मान्यता देनी चाहिए, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देने पर मजबूर किया था।

महफूज ने यह भी कहा कि बांग्लादेश को भारत पर निर्भरता से आजाद रखने के लिए 1975 के बाद 2024 होना ही था। दोनों घटनाओं के बीच पचास साल का अंतर है, लेकिन हकीकत में कुछ भी नहीं बदला है।

बांग्लादेशी नेताओं की भड़काऊ बयानबाजी जारी

शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद से लगातार बांग्लादेशी नेताओं की तरफ से भड़काऊ बयानबाजी की जा रही है। कुछ दिन पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता रूहुल कबीर रिजवी ने कहा था कि अगर भारत चटगांव मांगता है, तो हम बंगाल, बिहार और ओडिशा वापस ले लेंगे।

इसके जवाब में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि आपको क्या लगता है, आप हमारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे तो हम लोग लॉलीपॉप खाते रहेंगे?

ममता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा को संबोधित करते हुए लोगों से अपील की कि वे बांग्लादेश में दिए जा रहे बयानों से परेशान न हों। उन्होंने जनता को यकीन दिलाया कि पश्चिम बंगाल हमेशा केंद्र के फैसले का समर्थन करेगा। ममता ने लोगों से कहा कि शांत रहें, स्वस्थ रहें और मन की शांति बनाए रखें।



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