इस हॉस्पिटैलिटी कंपनी के लिए भारत बनेगा दुनिया का तीसरा बड़ा मार्केट, अभी कौन देश हैं हमसे आगे

Updated on 24-11-2025 02:33 PM
नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी होटल चेन मैरियट इंटरनेशनल के लिए भारत जल्द ही तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनने वाला है। मैरियट के पास अभी सबसे ज्यादा होटल अपने देश अमेरिका में हैं। उसके बाद चीन, कनाडा, मेक्सिको और फिर भारत का नंबर आता है। मैरियट के एशिया पैसिफिक के प्रेसिडेंट राजीव मेनन का कहना है कि भारत में कंपनी के अभी हमारे 187 होटल चल रहे हैं और 200 और बनने वाले हैं। इससे 2-3 साल में भारत इस ग्रुप के लिए तीसरा बड़ा बाजार बन जाएगा। उसके बाद सिर्फ अमेरिका और चीन ही भारत से आगे रहेंगे।

भारत में मैरियट के 187 होटलों में 33,000 से ज्यादा कमरे हैं। कमरों की संख्या के मामले में मैरियट भारत की सबसे बड़ी होटल चेन है। हालांकि होटलों की संख्या के मामले में टाटा ग्रुप का ताज (255 होटल) अब भी नंबर 1 है। मेनन ने कहा, "पांच साल में भारत में हमारे 60,000 से ज्यादा कमरे होंगे।" पिछले कुछ सालों में भारत में हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री का चेहरा पूरी तरह बदल गया है। अब भारतीय यात्री ही होटलों में ज्यादा आते हैं।

भारतीय की बढ़ती हैसियत

साथ ही, भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रोफेशनल दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारतीय अब खूब घूमते हैं और बाहर जाकर खूब खर्च भी करते हैं। मेनन ने बताया कि 2007-08 में भारत में हमारे जैसे होटलों में 70% तक मेहमान विदेशी होते थे। आज, 80% मेहमान भारतीय हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह आया है कि भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रोफेशनल अब दुनिया भर में छा गए हैं। यह कुछ वैसा ही है जैसे आईटी (IT) सेक्टर में हुआ था।मेनन ने कहा, '2002 में जब मैं ऑस्ट्रेलिया से भारत आया था, तब भारतीय मूल के लोगों के लिए मैनेजमेंट में ऊंचे पदों तक पहुंचना मुश्किल था। ज्यादातर बड़े होटलों में विदेशी जनरल मैनेजर होते थे। अब यह सोच बदल गई है। हम अपने देश के टैलेंट को तैयार कर रहे हैं और उन्हें दुनिया भर में भेज रहे हैं। आपको हमारे कई होटलों में भारतीय जनरल मैनेजर या शेफ मिलेंगे। भारत के लिए हॉस्पिटैलिटी अब आईटी की तरह ही महत्वपूर्ण हो गई है।'

गुजरातियों से प्रेरणा

मेनन ने आगे बताया कि अमेरिका 60% होटल भारतीय मूल के अमेरिकियों के हैं। इनमें से ज्यादा वो लोग हैं जिनके पूर्वज 1960 और 1970 के दशक में गुजरात से अमेरिका गए थे। इनमें से कई लोग सूरत के 90 किमी के दायरे से आते हैं। अब उनमें से कुछ लोग भारत आकर यहां होटल खोल रहे हैं। मैरियट की भारत की रणनीति का एक अहम हिस्सा अमेरिका में गुजरात के पटेलों द्वारा खोले गए मोटलों से प्रेरित है।

मेनन ने कहा, "अमेरिका के मोटलों के विपरीत, हम भारत में बड़े शहरों के बाहर अर्बन रिसॉर्ट्स (शहरी रिसॉर्ट्स) बनते हुए देख रहे हैं। हाईवे और एयरपोर्ट के इन्फ्रास्ट्रक्चर में हो रही भारी बढ़ोतरी ने इस कॉन्सेप्ट को बढ़ावा दिया है।"

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