फ्रांस, जर्मनी, चीन और अमेरिका की जमात में शामिल होगा भारत, देश में ही बनेंगे हवाई जहाज!

Updated on 16-01-2023 06:22 PM
नई दिल्ली: आने वाले दिनों में आपको मेड इन इंडिया विमान में सफर करने का मौका मिल सकता है। सरकार ने भारत को एयरोस्पेस इंडस्ट्री (Aerospace Industry) का हब बनाने के लिए बड़ी योजना बनाई है। भारत एविएशन इंडस्ट्री में बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। देश की एयरलाइन कंपनियां अगले दस साल में 2,000 विमानों का ऑर्डर दे सकती हैं। सरकार चाहती हैं कि एयरबस (Airbus) और बोइंग (Boeing) जैसी दिग्गज कंपनियां भारत में ही विमान तैयार करें। सरकार ने इस बारे में इन कंपनियों से बात भी की है और उनके जवाब का इंतजार है। हाल के वर्षों में एयरक्राफ्ट और टर्बो जेट्स के आयात में भारी तेजी आई है। सरकार ट्रेड डेफिसिट में कमी लाने के लिए ऐसी चीजों की पहचान कर रही है जिनका बहुत ज्यादा आयात किया जा रहा है।
देश में मिडिल क्लास की आबादी तेजी से बढ़ रही है। इस वर्ग के लिए हवाई जहाज से यात्रा करना अब लग्जरी नहीं रह गया है बल्कि यह उसकी जरूरत बन गई है। यही वजह है कि घरेलू एयरलाइन कंपनियां तेजी से अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने 2019 में 300 ए320 नियों विमानों का ऑर्डर दिया था। उसके बेड़े में अभी ऐसे 730 विमान हैं। टाटा ग्रुप भी बड़ा ऑर्डर देने की तैयारी में है। इसके अलावा कई छोटी कंपनियां भी विमानों का ऑर्डर दे सकती हैं। कुल मिलाकर अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइन कंपनियां 2000 विमानों का ऑर्डर दे सकती हैं।

इंपोर्ट में भारी तेजी

एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनियां भारत से भी कुछ कलपुर्जे खरीद रही हैं। लेकिन सरकार इससे संतुष्ट नहीं है। वह चाहती है कि बोइंग और एयरबस भारत में अपनी फाइनल एसेंबली लाइन स्थापित करें। पिछले महीने कॉमर्स डिपार्टमेंट ने देश में एयरक्राफ्ट्स के बढ़ते आयात पर अलर्ट जारी किया था। अप्रैल-सितंबर के दौरान देश में एयरक्राफ्ट्स के आयात में 56.5 फीसदी, टर्बो जेट्स के आयात में 34 फीसदी और हेलीकॉप्टर्स के आयात में 42 फीसदी तेजी आई। इसके बाद एविएशन मिनिस्ट्री ने ट्रेड डेफिसिट को कम करने के लिए रणनीति बनाने का काम शुरू किया था।

फाइनल एसेंबली लाइन का मतलब है कि भारत में इसका पूरा सप्लाई चेन ईकोसिस्टम होगा। इनमें एयरक्राफ्ट की बॉडी बनाने से लेकर विंग्स, एसेंबल्ड इंजन, सीट आदि शामिल है। जानकारों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में समय लग सकता है। लेकिन इसकी शुरुआत अभी से हो जानी चाहिए ताकि अगले तीन-चार साल में यह इसका ईकोसिस्टम तैयार हो जाए। सरकार भी मानती है कि यह देश में एयरक्राफ्ट बनाने की दिशा में अगला कदम बढ़ाने का सही समय है।

कहां-कहां एयरक्राफ्ट बनते हैं

यूरोपीय कंपनी एयरबस की पूरी दुनिया में चार फैसिलिटीज हैं। ये फ्रांस के शहर Toulouse, जर्मनी के हैम्बर्ग, चीन के तियानजिन और अमेरिका के Mobile में है। चीन की फैसलिटी ने 2008 में काम करना शुरू किया था और पिछले साल नवंबर में इससे पहला ए321 बनकर तैयार हुआ था। वहीं अमेरिकी कंपनी बोइंग की सारी एसेंबली लाइन अमेरिका में ही हैं। पिछले साल अक्टूबर में टाटा ग्रुप और एयरबस ने एयरफोर्स के लिए सी-295 एयरक्राफ्ट बनाने की घोषणा की थी। अब तक केवल सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स ही सेना के लिए विमान बनाती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, बिकवाली समेत अन्य वजहों से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। आज मंगलवार को…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल कब होगा, इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि…
 08 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बंद पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों…
 05 September 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को इंटरनेशनल बेंचमार्क…
 05 September 2026
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और जी के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने चंद्रा और अन्य लोगों के खिलाफ…
 05 September 2026
नई दिल्ली: आपने कई बार देखा होगा कि जरूरत पड़ने पर जब किसी बीमा कंपनी से इंश्योरेंस क्लेम (बीमा दावा) किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट भी हो…
 05 September 2026
नई दिल्‍ली: एग्रीकल्चर एनालिस्ट देविंदर शर्मा ने भारत की कृषि नीति पर नए सिरे से विचार करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इथेनॉल, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और ट्रेड…
 31 August 2026
नई दिल्ली: देश में करोड़ों की संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब फेस्टिव सीजन की शुरुआत भी हो रही है। इसको देखते हुए क्रेडिट कार्ड…
Advt.