नाइजर तुरंत छोड़े भारतीय विदेश मंत्रालय की नागरिकों से अपील, तख्तापलट के बाद हालात तनावपूर्ण
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12-08-2023 01:13 PM
नियामी/नई दिल्ली: भारत ने नाइजर में व्यापक हिंसा के मद्देनजर वहां रहने वाले अपने नागरिकों को देश छोड़ने की शुक्रवार को सलाह दी। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में लगभग 250 भारतीय नाइजर में रह रहे हैं, जहां पिछले महीने के तख्तापलट के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन और हिंसा देखी गई है। विदेश मंत्रालय ने एक परामर्श में कहा कि जो लोग नाइजर की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें स्थिति सामान्य होने तक अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत नाइजर में जारी घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है।
भारत ने अपनी अडवाइजरी में क्या कहा
अरिंदम बागची ने कहा कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर, जिन भारतीय नागरिकों के लिए वहां रहना आवश्यक नहीं है, उन्हें जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी जाती है। वे यह ध्यान रखें कि हवाई क्षेत्र फिलहाल बंद है। वहां से लौटते समय अत्यधिक सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन सभी भारतीय नागरिकों जिन्होंने नियामी में भारतीय दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें शीघ्रता से ऐसा करने की सलाह दी जाती है। बागची ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिक किसी भी सहायता के लिए भारतीय दूतावास, नियामी में संपर्क कर सकते हैं।
भारतीयों से संपर्क में दूतावास
बागची ने कहा कि नियामी में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के संपर्क में है और वह भारतीयों को देश से बाहर निकलने की सुविधा प्रदान करने पर विचार कर रहा है। हमें बताया गया है कि भारतीय (वहां) सुरक्षित हैं। कई यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों को नाइजर से निकाला है। जनरल अब्दुर्रहमान त्चियानी ने 26 जुलाई को नाइजर में तख्तापलट करके राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को हटाकर सत्ता पर कब्जा कर लिया था।