'भारतीय युवाओं ने हमें उम्मीद दी', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ग्रेटा थनबर्ग का बड़ा बयान, लंदन में सड़क पर उतरीं

Updated on 27-07-2026 03:28 PM
लंदन: स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दिल्ली में मजबूती से विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारतीय छात्रों की तारीफ की है। लंदन के ट्रैफलगर स्क्वायर पर एसएफआई की रैली में शामिल होते हुए थनबर्ग ने कहा कि भारतीय युवाओं ने जिस एकजुटता से आंदोलन किया, उसने दुनियाभर के लोगों को उम्मीद दी है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के मंत्री पद से इस्तीफे पर खुशी जताई और भारत के प्रदर्शनकारी छात्रों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस आंदोलन ने आम लोगों की ताकत का असली मतलब बताया है।

पर्यावरण और मानवाधिकार पर अपनी लड़ाई के लिए पहचान रखने वाली ग्रेटा थनबर्ग ने कहा, 'भारतीय छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने हम सभी को गर्व महसूस कराया है। उन्होंने हमें उम्मीद दी है। वे दिखाते हैं कि जब लोग एक साथ आते हैं और विरोध करते हैं तो हम क्या हासिल कर सकते हैं। वे जन-शक्ति का असली मतलब दिखाते हैं।'

'हम भारतीय छात्रों के साथ'

ग्रेटा थनबर्ग उन कई लोगों में शामिल थीं, जो आंदोलन की जीत का जश्न मनाने के लिए SFI की ओर से लंदन में आयोजित वीकेंड की सभा में शामिल हुए थे। ग्रेटा ने कहा, 'न्याय के लिए भारतीय छात्रों का संघर्ष और लोकतंत्र और आजादी के लिए व्यापक संघर्ष हमारा भी संघर्ष है। इसलिए हम सभी को अब एक साथ आना होगा और भारत के साथ एकजुटता दिखानी होगी।'

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की ब्रिटेन की यूनिट ने लंदन में जंतर-मंतर के प्रदर्शन के समर्थन में लगातार प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों में पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया और इस्तीफे के बाद जश्न भी मनाया गया। ग्रेटा विदेश के कई उन दूसरे कार्यकर्ताओं में शामिल थीं, जो इस प्रदर्शन को सही कर रहे हैं और सपोर्ट कर रहे हैं।

क्या है जंतर-मंतर प्रदर्शन का मामला

दिल्ली ने बीते एक महीने में भारी विरोध प्रदर्शन देखे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और वामपंथी छात्र संगठनों नेतृत्व में NEET पेपर लीक के मामले पर युवाओं ने प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन पर दुनिया का ध्यान तब गया, जब 20 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने संसद की ओर मार्च किया, जिसे पुलिस ने बलपूर्वक रोका।

20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन और हिंसा के बाद भारत के बड़े शहरों के साथ-साथ दुनियाभर के कई हिस्सों में इस मुद्दे पर लोग सड़कों पर उतर गए। एक महीने से ज्यादा के विरोध प्रदर्शन के बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि उन्होंने प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इसके बाद छात्र संगठनों ने सड़कों पर उतरकर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
 18 September 2026
इस्लामाबाद: सिंधु जल संधि (IWT) पर भारत को दुनिया का साथ मिलता दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 63वें सत्र के दौरान आयोजित कॉन्फ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं…
 18 September 2026
माले: मालदीव ने गुरुवार को भारत को 150 मिलियन डॉलर का बकाया चुका दिया है। यह रकम 2019 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सुविधा के जरिए ली गई…
 18 September 2026
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में तैनात एक पुलिस अधिकारी का शेख हसीना को लेकर ऑडियो सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारी को तैनाती…
 18 September 2026
काठमांडू: नेपाल ने पिछले महीने आई भयानक बाढ़ चलते हुए तबाही के बाद बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और बहाली के लिए भारत से मदद मांगी है। इसी सप्ताह गुरुवार को…
 18 September 2026
ढाका: झारखंड में अडानी पावर के थर्मल प्लांट में शटडाउन को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने तारिक रहमान के ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली ना आने से जोड़ा है। यह…
 17 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी संसद ने भारी बहुमत से 'रूस बैन बिल' (Lindsey O. Graham Sanctions Act) पारित कर दिया है। इस बिल के पास होने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूसी…
Advt.