कनाडा जाने की सोच रहे भारतीय जान लें वहां का हाल, बाहरी लोगों के लिए अब बदल चुका है ट्रूडो का देश, नहीं मिल रहा काम

Updated on 09-09-2024 05:20 PM
ओट्टावा: कनाडा की पहचान अप्रवासियों का स्वागत करने वाले देश के रूप में रही है। दूसरे देशों से लोग काम की तलाश में कनाडा पहुंचते रहे हैं, जिनमें भारतीयों की बड़ी संख्या रही है। लेकिन अब कनाडा अप्रवासियों के लिए मुश्किल जगह बनता जा रहा है। कनाडा पहुंचने वाले विदेशियों को अब काम मिलने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। कनाडाई कंपनियों ने भर्ती की रफ्तार धीमी कर दी है। कनाडाई राष्ट्रीय सांख्यिकी एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि अगस्त में काम करने वाली उम्र के लोगों की संख्या में 96,400 की वृद्धि हुई। देश की लेबर फोर्स में 82,000 से ज्यादा लोग शामिल हुए, लेकिन रोजगार में सिर्फ 22,100 की वृद्धि हुई।

छह कामगारों पर एक रोजगार


कनाडा में कम होती नौकरियों के चलते देश पर बेरोजगारों का बोझ बढ़ रहा है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन महीनों में कनाडा की अर्थव्यवस्था ने हर छह कामगारों पर केवल एक नौकरी पैदा की है, जो एक साल में सबसे कम दर है। साल की शुरुआत से इसकी तुलना की जाए तो यह बहुत बड़ी गिरावट है। उस समय नौकरियों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी।

कनाडा में कामगारों पर बढ़ता दबाव


पिछले साल 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या में 11 लाख की वृद्धि हुई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग आधे लोगों ने रोजगार की तलाश की और उनमें से केवल 54% ही सफल हुए। यह आंकड़े महामारी से पहले के 20 वर्षों में से काफी अलग है, जब कनाडा ने हर साल अपनी कामकाजी आयु वर्ग की आबादी में 20000 से 500,000 लोगों को जोड़ा। औसतन दो तिहाई लोगों ने काम की तलाश की और लगभग सभी को रोजगार मिला। कनाडा के जॉब मार्केट में काफी सुस्ती दिखाई दे रही है।

कनाडा में बढ़ता संकट


पिछले साल कनाडा की आबादी में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विदेशी छात्रों और अस्थायी श्रमिकों की इसमें अहम भूमिका है। यह लगातार दूसरा साल है, जब कनाडा में दस लाख से ज्यादा लोग आए हैं। इसने आवासीय संकट और बढ़ती बेरोजगारी से जूझ रही जस्टिन ट्रूडो की सरकार को नए अप्रवासियों की संख्या को रोकने के लिए कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है। इसी साल अगस्त में पिछले पांच सालों में आए अप्रवासियों की बेरोजगारी दर 12.3 प्रतिशत थी। यह कनाडा में जन्में और 10 साल से ज्यादा पहले अप्रवासियों, दोनों की दर से दोगुनी से भी ज्यादा है।

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