अमेरिका से टेंशन के बीच ईरान को मिला 'ब्रह्मास्त्र', अब रैमजेट इंजन से लैस होंगी तेहरान की मिसाइलें

Updated on 12-08-2023 01:18 PM
तेहरान: अमेरिका से तनाव के बीच ईरान ने अपनी मिसाइलों के लिए रैमजेट इंजन विकसित किया है। रैमजेट इंजन की तकनीक काफी उन्नत मानी जाती है। इस तरह की तकनीक सिर्फ चुनिंदा देशों के पास ही है। इस इंजन से ईरानी मिसाइलों की शक्तियां कई गुना बढ़ जाएंगी। ईरान रैमजेट इंजन से चलने वाली एक नई नौसैनिक क्रूज मिसाइल का भी परीक्षण कर रहा है। ईरानी मीडिया का दावा है कि रैमजेट से लैस मिसाइलें ईरान के दुश्मनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में काफी प्रभावी भूमिका अदा करेंगी। ईरान वर्तमान में अमेरिका की आक्रामकता का सामना कर रहा है। अमेरिका ने ईरान के नजदीक हाल में ही अपने 3000 सैनिकों और दो युद्धपोतों को तैनात किया है।

रैमजेट तकनीक इतनी खास क्यों

ईरान ने बताया है कि उसकी नई मिसाइल में रैमजेट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह एक अडवांस एयर ब्रीथिंग इंजन होता है, जिसमें कोई बड़ा पार्ट नहीं होता जो मिसाइल के आकार पर प्रभाव डाले। यह इंजन हवा में मिसाइल को तेज गति से आगे बढ़ाने में काम आता है। अब तक, रूस, चीन, भारत और अमेरिका सहित दुनिया भर में केवल कुछ ही देशों के पास रैमजेट तकनीक है। इसस तकनीक के जरिए ही हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल को तेज गति से उड़ान भरने योग्य बनाया जाता है। रैमजेट इंजन से कम गर्मी निकलती है, जो हीट सीकिंग मिसाइलों को आसानी से चकमा दे सकती है।

रैमजेट इंजन से ईरानी मिसाइलों को मिलेगी ताकत

नई मिसाइल पर ईरानी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि नौसैनिक क्रूज मिसाइलों में रैमजेट इंजनों के इस्तेमाल और सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के विकास से किसी भी सैन्य संघर्ष की स्थिति में ईरान की प्रतिक्रिया शक्ति में काफी वृद्धि होगी। इससे हमला करने वाले देशों के खिलाफ समय पर और निर्णायक कार्रवाई की जा सकती है। बुधवार को जारी हुई यह रिपोर्ट ईरानी फत्ताह मिसाइल के अनावरण के ठीक दो महीने बाद आई है। दावा किया जा रहा है कि ईरान की फत्ताह मिसाइल हाइपरसोनिक स्पीड से उड़ान भरने में सक्षम है।


हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने का दावा कर रहा ईरान

स्क्रैमजेट तकनीक की तरह, हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक केवल कुछ ही देशों के पास है, जिनमें रूस, चीन और संभवत उत्तर कोरिया शामिल हैं अमेरिका ने 2010 के दशक में सेना की विभिन्न शाखाओं के लिए लगभग आधा दर्जन विभिन्न हाइपरसोनिक मिसाइल कार्यक्रमों पर काम करने की योजना बनाई थी, लेकिन आज तक, किसी ने भी एक भी काम के लायक हाइपरसोनिक मिसाइल नहीं बनाई है।


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