चाबहार पर ऐक्शन क्या भारत के खिलाफ ट्रंप की नई चाल? मध्य एशिया में प्रवेशद्वार बंद करके नई दिल्ली को झटका देने का प्लान

Updated on 19-09-2025 01:42 PM
तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका ने भारत को झटका देते हुए ईरान के चाबहार बंदरगाह को लेकर दी गई 2018 की प्रतिबंध छूट वापस ले ली है। इसे 29 सितम्बर से दोबारा लागू किए जाएगा। वॉशिंगटन के इस कदम से चाबहार बंदरगाह के माध्यम से अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत की पहुंच पर खतरा मंडराने लगा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को जारी एक बयान में इसे ईरानी शासन को अलग-थलग करने की राष्ट्रपति ट्रंप की अधिकतम दबाव नीति के तहत उठाया गया कदम उठाया है। इस घोषणा का मतलब है कि जो कंपनी या व्यक्ति चाबहार बंदरगाह के संचालन में शामिल होंगे, उनके ऊपर अमेरिका प्रतिबंध लगाएगा।

अमेरिकी विदेश विभाग के बयान में कहा गया है कि 'विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान पुनर्निर्माण सहायता और आर्थिक विकास के लिए ईरान स्वतंत्रता एवं प्रसार विरोधी अधिनियम (IFCA) के तहत 2018 में जारी प्रतिबंध अपवाद को रद्द कर दिया है, जो 29 सितम्बर 2025 से प्रभावी होगा।' इस कदम से बंदरगाह पर भारतीय संचालकों पर अमेरिकी प्रतिबंध लग सकता है। चाबहार बंदरगाह का बेहेश्टी टर्मिनल 2018 से इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड के माध्यम से भारत के ऑपरेशन कंट्रोल में है।

चाबहार भारत के लिए क्यों है जरूरी?

ईरान का ये बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को साइडलाइन करके अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने में मदद करता है। नई दिल्ली ने बंदरगाह के बुनियादी ढांचे के विकास में 12 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इस टर्मिनल की क्षमता को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख TEU करने और 2026 तक इसे ईरान के रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। लेकिन चाबहार प्रतिबंधों से छूट खत्म करके अमेरिका ने ईरानी परियोजना में शामिल अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के लिए माहौल प्रतिकूल कर दिया है।

अमेरिकी फैसले का भारत पर असर

चाबहार प्रतिबंध छूट को वापस लेने का फैसला भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक दोनों तरह की चुनौतियां लेकर आया है। चाबहार में काम करने वाली भारतीय कंपनियों को अब अमेरिकी दंड का सामना करना पड़ेगा, जिसका असर कार्गो संचालन, निवेश योजनाओं और भविष्य के विस्तार पर पड़ सकता है।
यह विकास भारत की अमेरिका के साथ अपनी बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और ईरान के साथ दीर्घकालिक व्यापारिक और रणनीतिक संबंदों के बीच संतुलन बनाने की क्षमता का भी परीक्षण करता है। रणनीतिक रूप से भी चाबहार बहुत महत्वपूर्ण है और भारत के क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यह बंदरगाह पाकिस्तान में चीन समर्थित ग्वादर बंदरगाह का जवाब भी है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और समुद्री रणनीतिक में भारत की स्थिति मजबूत होती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 16 March 2026
ढाका: बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने लगातार भारत-विरोधी भावना का इजहार किया। इसका असर दोनों देशों के रिश्ते पर साफ…
 16 March 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका ने नाटो सैन्य गठबंधन के सहयोगियों को ईरान के खिलाफ युद्ध में साथ देने के लिए धमकाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नाटो को…
 16 March 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ संघर्ष खत्म करने के लिए चीन की मध्यस्थता स्वीकार करने या बातचीत की मेज पर आने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने चीन…
 16 March 2026
तेल अवीव: इजरायल ने आने वाले दिनों ईरान में हमले तेज करने का ऐलान किया है। इजरायली सेना ने आने वाले तीन हफ्तों में ईरान में करीब एक हजार ठिकानों…
 14 March 2026
इस्लामाबाद: अफगानिस्तान की तालिबान आर्मी ने कथित तौर पर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ड्रोन अटैक किया है। अफगान सेना के शुक्रवार के ड्रोन हमले के बाद इस्लामाबाद हवाई अड्डा…
 14 March 2026
तेहरान: अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण खर्ग आईलैंड पर हमला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इस हमले की जानकार दी है और…
 14 March 2026
तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका पर हमला बोला और कहा कि वॉशिंगटन पर भारत समेत दुनिया भर के देशों के सामने रूसी तेल खरीदने…
 14 March 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग आईलैंड पर हमला किया है। इस हमले के साथ ही यह सवाल उठने लगा है…
 14 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान के मिसाइल हमले…
Advt.