इजरायल ने किया कैंसर के अचूक इलाज को विकसित करने का दावा, अस्‍पताल में भर्ती मरीजों में 90 फीसदी हुए ठीक!

Updated on 10-06-2023 07:21 PM
तेल अवीव: इजरायल ने कैंसर के इलाज में बड़ी सफलता हासिल की है। यहां की हदासाह यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में जो यरूशलम में हैं, उसने नया सफल इलाज तलाशने का दावा किया है। यरूशलम के ऐन केरेम ने ऐलान किया है कि मल्टीपल मायलोमा कैंसर के इलाज में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर ली गई है। यह दूसरी सबसे आम हेमेटोलॉजिकल बीमारी जो ब्‍लड कैंसर का 10वां हिस्‍सा है। जबकि हर तरह के कैंसर में यह एक फीसदी होती है। इस नए तरह के उपचार को कई प्रयोग के बाद विकसित किया गया है। कैंसर को आज भी दुनिया में एक लाइलाज बीमारी करार दिया जाता है।


अब मिलेंगे जीने के लिए और साल
यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में विभाग की प्रमुख पोलीना स्टेपेंस्की ने कहा, ' सीएआर-टी ट्रीटमेंट के प्रभावशाली नतीजे देखकर ऐसा लगता है कि कैंसर के मरीजों के पास जीने के लिए कई और साल हैं। अब वह एक सर्वश्रेष्‍ठ जिंदगी जी सकते हैं। इस नए ट्रीटमेंट के प्रयोगों को अस्पताल के बोन-मैरो ट्रांसप्लांट और इम्यूनोथेरेपी विभाग की तरफ से अंजाम दिया गया है। यह नया ट्रीटमेंट जेनेटिक इंजीनियरिंग तकनीक पर आधारित है। यह वह तकनीक है जो कैंसर के उन रोगियों के लिए एक प्रभावी और महत्वपूर्ण समाधान है, जिनकी आयु कुछ साल पहले तक सिर्फ दो साल ही थी।
90 फीसदी मरीज हुए ठीक
डॉक्‍टरों ने एआर-टी, या चिमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल थेरेपी नामक जेनेटिक इंजीनियरिंग टेक्‍नोलॉजी का प्रयोग किया है। यह कैंसर को नष्ट करने के लिए रोगी के इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करता है। ऑन्कोलॉजिस्ट ने कहा कि हदासाह में इलाज किए गए 74 रोगियों में से 90 फीसदी से ज्‍यादा पूरी तरह से ठीक हो गए। स्‍टेपेंस्‍की ने कहा, 'हमारे पास किसी भी समय इजरायल और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 200 से अधिक रोगियों की वेटिंग लिस्‍ट है। मगर उत्पादन की जटिलता और खुद से इलाज में मुश्किलों की वजह से हफ्ते में सिर्फ एक रोगी ही ट्रीटमेंट हासिल कर पाता है।

क्‍या है मल्‍टीपल मायलोमा

ऑन्‍कोलॉजी रिसर्च में वर्ल्‍ड लीडर माने जाने वाले और हिब्रू यूनिवर्सिटी-हादसाह मेडिकल स्‍कूल में झिल्ली और लाइपोसोम रिसर्च लैब के मुखिया प्रोफेसर (एमेरिटस) येचेजकेल बारेनहोल्ज ने कहा सीएआर-टी टेक्‍नोलॉजी एक बड़ी उपलब्धि है जो इलाज को और आसान बनाएगा। इसकी वजह से कैंसर का इलाज संभव भी हो सकेगा। मल्टीपल मायलोमा, बोनमैरो का एक प्रकार का कैंसर है। यह कैंसर अक्सर खोपड़ी, पेल्विस, पसलियों और रीढ़ सहित शरीर के कई हिस्‍सों को प्रभावित करता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 August 2026
ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि एक देश के साथ रिश्ते बेहतर होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश के साथ रिश्ते खराब…
 01 August 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: भारत बिजली की रफ्तार से 'फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल' (FRCV) और 'फ्यूचर मेन बैटल टैंक' (FMBT) प्रोग्राम के तहत अपने खुद के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का तेजी से…
 01 August 2026
मैड्रिड: स्पेन ने कहा है कि उत्तरी अफ्रीका के स्पेनिश इलाके सेउटा में अचानक आए प्रवासी संकट पर बहुत हद तक काबू कर लिया गया है। स्पेनिश अधिकारियों का कहना…
 01 August 2026
मास्‍को/नई दिल्‍ली/कीव: भारत और रूस के बीच दोस्‍ती सोवियत जमाने से ही दुनिया में एक मिसाल है। साल 1971 का बांग्‍लादेश युद्ध हो या भारत का परमाणु विस्‍फोट, रूस भारत…
 31 July 2026
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित चीनी दूतावास में 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ मनाया गया है। इस मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें बांग्लादेश…
 31 July 2026
तेलअवीव/तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेनई ने अपने पिता की अयातुल्‍ला की हत्‍या के बाद सत्‍ता तो संभाल ली है लेकिन उन्‍हें इस हमले के बाद किसी ने…
 31 July 2026
इस्लामाबाद: फारूक खान उर्फ कमांडर फारूक सुधन की पीओके में प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी की चपेट में आने से मौत हो गई है। वो पहले पाकिस्तान के…
 31 July 2026
काठमांडू: नेपाल के दक्षिणपूर्वी तराई-मधेस क्षेत्रों जैसे कोशी और मधेस प्रांत में दो समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक झड़प के बाद हिंसा फैल गई है। ये क्षेत्र भारत की सीमा…
 31 July 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को दावा किया कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। हमास और दूसरे सभी हथियारबंद संगठनों ने हथियार…
Advt.