रूस जा रहे जयशंकर, नरेंद्र मोदी भी करेंगे व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात

Updated on 28-10-2022 05:56 PM

अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों के ऐतराज के बाद भी रूस के साथ भारत अपने संबंधों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसी कड़ी में अब विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस का दौरा करने वाले हैं। वह 8 नवंबर को रूस जाएंगे, जहां अपने समकक्ष सेरगे लावरोव से मुलाकात करेंगे। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने गुरुवार को मॉस्को में कहा कि अगले महीने लावरोव की जयशंकर से मुलाकात होने वाली है। इस दौरान दोनों नेता रूस और भारत के संबंधों के अलावा इंटरनेशनल एजेंडा पर भी बात करेंगे। हालांकि जाखाोवा ने विस्तार यह नहीं बताया कि दोनों के बीच किन मुद्दों पर बात होगी।

इस यात्रा को लेकर अब तक भारत की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि पूरे मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि जयशंकर की यह यात्रा थोड़ी लंबी होगी। इस दौरान वह लावरोव एवं अन्य रूसी अफसरों से मुलाकात करेंगे। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब इस बात के कयास लग रहे थे कि दोनों देशों के बीच इस बार सालाना समिट नहीं होगी। समिट को लेकर अब तक दोनों तरफ से कुछ भी नहीं कहा गया था। कुछ महीने पहले यह बात सामने आई थी कि रूस में ही 2022 में समिट का आयोजन होना है।

पुतिन और मोदी की भी फिर से होगी मुलाकात

इस बीच व्लादिमीर पुतिन और पीएम नरेंद्र मोदी की नवंबर में एक बार फिर से मुलाकात हो सकती है। सितंबर में उज्बेकिस्तान में हुई एससीओ समिट के दौरान दोनों नेता मिले थे। उसके बाद एक बार फिर से इंडोनेशिया के बाली में आयोजित हो रहे जी-20 समिट में वह एक बार फिर से मिल सकते हैं। बता दें कि कोरोना के बाद से पुतिन ने विदेश यात्रा कम ही की हैं, लेकिन बीते साल वह सालाना समिट में शामिल होने के लिए भारत आए थे। इसके अलावा विदेश मंत्री लावरोव भी इसी साल अप्रैल में भारत आए थे। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद लावरोव का यह दौरा अहम था क्योंकि दुनिया के कई देश भारत से अपील कर रहे थे कि वह इस मामले में दखल दे और रूस के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में मतदान करे।

भारत ने रूस से बड़े पैमाने पर खरीदा तेल, अमेरिका का दबाव दरकिनार

गौरतलब है कि यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत की ओर से रूस की कोई तीखी आलोचना नहीं की गई है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्थाओं में वोटिंग के दौरान भी भारत ने दूरी ही बनाई है। इसे अमेरिका और यूरोप के कई देशों ने भारत की ओर से रूस के समर्थन के तौर पर देखा है। गौरतलब है कि भारत ने इन दिनों रूस से बड़े पैमाने पर सस्ते तेल की खरीद भी की है, जबकि अमेरिका और यूरोप ने इस पर ऐतराज भी जाहिर किया था। हालांकि भारत ने दोटूक कहा था कि हम अपने देश के हित के अनुसार ही फैसला लेंगे।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 March 2026
बेलग्रेड: यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच एक ऐसी तस्वीर आई है जिससे रूस बहुत परेशान होगा। सर्बिया के लड़ाकू विमान MiG-29 में चीनी CM-400AKG मिसाइलों को इंटीग्रेट देखा गया है।…
 11 March 2026
मॉस्को: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर लगातार हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है। इसमें भी खास…
 11 March 2026
तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर है। इजरायली मीडिया में दावा किया है कि युद्ध के दौरान मोजतब खामेनेई घायल हो गए थे। हालांकि,…
 11 March 2026
शैलेंद्र पांडेय, तेहरान/नई दिल्‍ली: इसे डॉनल्ड ट्रंप की मासूमियत कह लीजिए या फिर नादानी कि उन्हें डिप्लोमेसी की मान्य भाषा नहीं आती। वह शब्दों को मर्यादा के कपड़े नहीं पहनाते, बस…
 11 March 2026
रियाद/अबू धाबी: होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की धमकियों के बीच खाड़ी में दो ऐसे पाइपलाइन हैं जिनसे दुनिया को तेल और गैस की सप्लाई हो सकती है। एक सऊदी अरब में…
 11 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच ईरान और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बात हुई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट के जरिए इसकी…
 11 March 2026
सियोल/वॉशिंगटन: ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से THAAD एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की…
 09 March 2026
इस्लामाबाद/बीजिंग: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान अब अपने 80 फीसदी हथियार चीन से खरीदता है। SIPRI ने 2026 के लिए नई रिपोर्ट…
 09 March 2026
नेपाल में Gen-Z आंदोलन के बाद हुए संसदीय चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत दिया। इससे पहले 2006 की पहली जनक्रांति के बाद हुए…
Advt.