कश्‍मीर के लिए तैयार‍ किए जेहादी, आतंकवाद को दिया बढ़ावा, पाकिस्तानी लेखक ने अपनी ही हुकूमत को दिखाया आईना

Updated on 29-01-2023 06:25 PM
इस्‍लामाबाद: भारत का पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान उस संकट की तरफ बढ़ रहा है जहां से उसका लौटना बहुत ही मुश्किल है। भयंकर आर्थिक संकट और गिरते विदेशी मुद्रा भंडार के बीच किसी को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है। आने वाले कुछ दिनों में पाकिस्‍तान में नए टैक्‍स आम जनता पर थोपे जा सकते हैं। वहीं कुछ लोग यह मानते हैं कि पाकिस्‍तान में संकट की स्थिति के बीच एलीट वर्ग को दोषी ठहराना नया ट्रेंड शुरू हो गया है। अक्‍सर देश के एलीट वर्ग पर आरोप लगते हैं कि वह सार्वजनिक संसाधनों की चोरी कर रहा है। जबकि स्थिति इससे पूरी तरह से अलग है। देश के एक भौतिक विज्ञानी की मानें तो पूरी स्थिति के लिए पाकिस्‍तान ही जिम्‍मेदार है। देश में आतंकवाद को पनाह देने की वजह से आज यह हालात पैदा हुए हैं।
आतंकवाद के जिम्‍मेदार
पाकिस्‍तान के जाने-माने भौतिक विज्ञानी परवेज हुदभाय की मानें तो धर्म और प्रपोगैंडे के आधार पर दी गई शिक्षा कभी किसी का भला नहीं कर सकती है। देश की कुछ यूनिवर्सिटीज को छोड़ दिया जाए तो बाकी सारी कचरा हैं। यहां पर पढ़ाने वाले प्रोफेसर सिर्फ टैक्‍सी चलाने के लिए लायक ही हैं। परेवज मानते हैं कि पाकिस्‍तान को यह समझना होगा कि इन हालातों के लिए कोई और जिम्‍मेदार नहीं हैं।एक तरफ तो आप पश्चिम से नफरत करते हैं लेकिन बेलआउट पैकेज के लिए उन्‍हीं पर निर्भर हैं। ऐसे में अपने दुर्भाग्‍य के लिए पाकिस्‍तान ही जिम्‍मेदार हैं। उन्‍होंने तालिबान और आतंकवाद के लिए भी पाकिस्‍तान को ही जिम्‍मेदार ठहराया है। उनका मानना है कि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि अमेरिका ने पाकिस्‍तान का फायदा उठाया। लेकिन पाकिस्‍तान को भी तो डॉलर का लालच था।

देश के भ्रष्‍ट अमीर
भारत, अमेरिका, यूरोप, रूस और चीन हर जगह एलीट वर्ग है। लेकिन इन देशों के अमीर अपने देश की तरफ ज्‍यादा ध्‍यान देने वाले हैं। इस वजह से उनके ज्ञान पर आधारित अर्थव्‍यवस्‍थाएं ओ बढ़ती रहती हैं। परवेज का मानना है कि पाकिस्‍तान का अमीर तबका सिर्फ अपने तक ही सीमित है। कुछ लोग इसमें से भ्रष्‍ट भी हैं और वो कानून में जरा भी यकीन नहीं रखते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस पूरी स्थिति के लिए सिर्फ वो ही जिम्‍मेदार हैं। परवेज के मुताबिक देश की यह हालत इसलिए भी है क्‍योंकि पाकिस्‍तान के अमीरों के मूल्य और दुनिया को देखने का उनका नजरिया पूरी तरह से फेल हो गया है।

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