खतरे में पड़ सकती है MP के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों की नौकरी, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने बढ़ाई टेंशन

Updated on 05-09-2025 12:14 PM

भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले से प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों की नौकरी खतरे में आ सकती है। ये वे शिक्षक हैं, जिन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण नहीं किया है। अगर तय समय के भीतर इन्होंने पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं किया तो इन्हें बर्खास्त किया जाएगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब साढ़े चार लाख शिक्षक पदस्थ हैं, जिनके पास डीएलएड, बीएड की डिग्री है। 2005 के बाद से शिक्षकों की भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए टीईटी शुरू किया गया था। ऐसे में बाद के अधिकतर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर आए हैं।

2005 से पहले सीधी भर्ती से नौकरी में आए डेढ़ लाख से कुछ अधिक शिक्षकों ने अलग से पात्रता परीक्षा नहीं दी है। ऐसे शिक्षकों का कहना है कि तत्कालीन विभागीय नियमों के आधार पर भर्ती हुई थी। अगर कोई बिना टेस्ट नौकरी कर रहा है तो इसके लिए विभाग जिम्मेदार है। इधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा कराने का फैसला शासन स्तर पर होगा। वहां से फैसला हुआ तो नियमित टीईटी परीक्षा में शिक्षकों को शामिल किया जाएगा, जो सफल होंगे उन्हें नियमित किया जाएगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2011 में लागू हुआ। इसके बाद से शिक्षक बनने के लिए टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।

पात्रता के लिए दो साल का मौका

सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के साथ-साथ पदोन्नति की इच्छा रखने वाले सेवारत उम्मीदवारों के लिए भी अनिवार्य है। जिन शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले हुई थी और जिनकी सेवा अवधि अभी पांच वर्ष से अधिक शेष है, उन्हें टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए दो वर्ष का समय दिया जाएगा।

जिलेवार आंकड़े जुटा रहा है विभाग

प्रदेश में 1998 से 2005 तक नगरीय निकाय और पंचायतों के माध्यम से करीब एक लाख पदों पर शिक्षक भर्ती हुए थे। वहीं करीब 50 हजार पदों पर इससे पहले सीधी भर्ती की गई थी। अब विभाग इन शिक्षकों के जिलेवार आंकड़े जुटा रहा है।

अब पदोन्नति के लिए भी परीक्षा देनी होगी

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अब शिक्षकों की पदोन्नति भी वरिष्ठता के आधार पर नहीं, बल्कि परीक्षा के माध्यम से की जाएगी। यह भी बता दें कि पांच साल पहले 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा में 30 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों की एक परीक्षा हुई थी। उसमें करीब 1300 शिक्षक फेल हो गए थे।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 12 August 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा बाधक नहीं बने। उन्होंने निर्देश दिए कि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी…
 12 August 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड पर 15 अगस्त 2026 को होने वाले स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे…
 12 August 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 500 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है और राहत कार्य जारी है। पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के…
 12 August 2026
भोपाल। रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाले अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भोपाल मंडल…
 12 August 2026
 भोपाल। रविवार शाम से हुई बारिश ने छोला क्षेत्र की उड़िया बस्ती के रहवासियों की परेशानी बढ़ा दी। सोमवार सुबह करीब छह बजे अचानक कई घरों में पानी घुसने लगा।…
 12 August 2026
भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था और बिगड़ते शहरी ढांचे को लेकर पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजी) पवन जैन ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल…
 12 August 2026
भोपाल। कजली खेड़ा थाना क्षेत्र स्थित फाटापान बाबाझिरी पिकनिक स्पाट पर दोपहर में पिकनिक मनाने गए पुराने भोपाल के सात युवक अचानक आए पानी के तेज बहाव के कारण एक…
 12 August 2026
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल स्थित राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र के सिचुएशन रूम पहुंचकर प्रदेश में अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ की स्थिति का जायजा…
 12 August 2026
भोपाल। कांग्रेस के प्रकोष्ठ और विभागों को पांच अगस्त को भंग किए जाने के बाद अब इसी सप्ताह पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी (पीसीसी) को भी भंग किया जाएगा। इसमें उपाध्यक्ष,…
Advt.