मोरारजी देसाई सरकार के इस फैसले की जानकारी जब इंदिरा गांधी को मिली, उन्होंने दु:ख जताते हुए जेआरडी टाटा को पत्र लिखा। साल 1978 में लिखे गए अपने पत्र में इंदिरा ने टाटा के काम की तारीफ की। इंदिरा का पत्र पढ़कर जेआरडी भावुक हो गए। इंदिरा ने लिखा में हमें आप पर और आपकी एयरलाइन पर गर्व है। आप सिर्फ एयर इंडिया के चेयरमैन नहीं बल्कि उसके जनक और पालक भी हैं। आपका एयर इंडिया को लेकर भावनात्मक जुड़ाव मैं समझती हूं। आपने एयर इंडिया को दुनिया भर में पहचान दिलाई है। भारत इसके लिए आपका हमेशा आभारी रहेगा। इंदिरा के इस पत्र के जवाब में जेआरडी टाटा ने भी खत लिखकर उनका आभार जताया।इंदिरा ने फिर से सौंपी जिम्मेदारी
साल 1980 में जैसे ही इंदिरा गांधी सत्ता में लौंटी, उन्होंने सबसे पहले जेआरडी टाटा को एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के बोर्ड में शामिल कर लिया। उन्हें एयर इंडिया का वापस चेयरमैन बना दिया गया। उसके बाद फिर से शुरू हो गई एयर इंडिया की नई यात्रा। उन्होंने इन दोनों कंपनियों को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया।