राजनीति के लिए फिल्मों से ब्रेक नहीं लेंगी कंगना रनोट:संसद सत्र के बाद ‘इमरजेंसी’ का प्रोमोशन करेंगी, जल्द कर सकती है अगली फिल्म की भी अनाउंसमेंट

Updated on 27-06-2024 02:07 PM

एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने लोकसभा सदस्य के तौर पर शपथ ले ही है। पुराने इंटरव्यू में कंगना ने कहा था कि अगर वो चुनाव जीतती हैं, तो फिल्म इंडस्ट्री छोड़ देंगी, हालांकि वह आगे फिल्मी पारी भी जारी रखेंगी। उनके करीबियों ने इस पर कन्फर्मेशन दे दी है। उन्होंने कंगना की अपकमिंग रिलीज ‘इमरजेंसी’ से जुड़ी अहम जानकारी दी है। फिल्म तो ‘चंदू चैंपियन’ के साथ ही रिलीज होनी थी पर चुनावी व्यस्तताओं के चलते उस डेट पर फिल्म नहीं आ सकी। हालांकि फिल्म को जल्द ही रिलीज करने की तैयारियां चल रही हैं।

राजनीतिक और फिल्मी करियर में बैठाएंगी तालमेल

कंगना से जुड़े करीबी सूत्रों ने कहा, ‘एक बार संसद सत्र खत्म हो जाए तो फिल्म रिलीज पर तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। कोशिश तो फिल्म को 25 जून को ही रिलीज करने की थी, क्योंकि उसी डेट को 1975 में इमरजेंसी लगाई गई थी। हालांकि वह डेट भी टल गई। अब ये 6 सितंबर को रिलीज होगी। कंगना राजनीति के मैदान में अपनी पहली पारी के साथ ही फिल्मी जर्नी को भी जारी रखेंगी। अगली फिल्म पर तो बहुत जल्द अनाउंसमेंट आ सकती है।

चर्चा है कि कंगना के पास आनंद एल राय की ‘तनु वेड्स मनु 3’ और अलौकिक देसाई की माइथोलॉजिकल ड्रामा ‘सीता- द इनकार्नेशन’ जैसी फिल्में भी हैं। इन पर हाल-फिलहाल में कोई अपडेट सामने नहीं आया है।

रिसर्च वर्क और कमर्शियल वैल्यू में सटीक बैलेंस रखा गया है- राइटर जंयत

फिल्म इमरजेंसी के एसोसिएट राइटर जयंत सिन्हा बताते हैं, ‘फिल्म में काफी रिसर्च वर्क है, पर इसका मतलब यह नहीं है कि इसकी कमर्शियल वैल्यू को किनारे पर रख दिया गया है। दोनों पहलुओं में सटीक संतुलन साधा गया है। इंदिरा गांधी से जुड़ी कई ऐतिहासिक जरूरी जगहों पर रिसर्च के लिए लोग गए, जैसे इंदिरा गांधी मेमोरियल, फिर लखनऊ विधानसभा की लाइब्रेरी। वहां बुक फॉर्म में तत्कालीन लोकसभा की प्रोसिडिंग रखी हुई हैं। हमने 1975 से 77 तक और फिर जिस पीरियड में इमरजेंसी लगी थी तब तक की लोकसभा में बहस क्या होती थीं, वह सारी रिसर्च वहां से ली है।’

वसंत साठे और अटली जी की बहस खंगाली गई

जयंत आगे बताते हैं, ‘उस जमाने के जो दिग्गज लीडर थे, वसंत साठे और अटल बिहारी बाजपेयी। उनकी आपस में क्या बहस होती थीं, वह खंगाली गईं। उसका सार निकालकर हमने फैक्ट्स के साथ मैच किया। लखनऊ विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं ब्रजेश पाठक जी के साथ मेरा पर्सनल कॉन्टैक्ट हुआ था और फिर उन्होने मुझे लखनऊ लाइब्रेरी जाने की इजाजत दी थी, क्योंकि वहां किसी को जाने की इजाजत नहीं है, वो सरकारी लाइब्रेरी है। तो हमने वहां से फैक्ट्स निकाले और डिटेल्स मैच कीं और तब जाकर यह फिल्म बनी है।

फिल्म का पहला रिसर्च 500 पन्नों में सिमट पाया

जयंत के शब्दों में, ‘पहला ड्राफ्ट 130 पन्नों का था, जिसे हमने कम करके 100 पन्नों के अंदर लाया था, लेकिन बायोपिक जब आप लिखते हो और ऐसी चीजें करते हो, तो उसका फाइनल ड्राफ्ट से कुछ करना नहीं होता है। जैसे 100 पेजेस से आपकी 2 घंटे की फिल्म बनेगी या डेढ़ घंटे की बनेगी, उसमें आपको सभी असल चीजों को देखना पड़ता है। हमारा जो रिसर्च डॉक्यूमेंट था वो 500 पन्नों से ज्यादा का था और उस पर मैने अपनी एक किताब भी लिखी हुई है, ‘डॉटर ऑफ इंडिया’।’

डेढ़ सालों की रिसर्च रही, कई किताबों को पढ़कर निकाला सार

बकौल जयंत, ‘रिसर्च में हमें डेढ़ साल का समय लगा। मतलब डेढ़ से दो साल तो प्रॉपर हमारी रिसर्च चली। इंदिरा जी की सबसे पहली बायोग्राफी कैथरीन फ्रैंक ने लिखी थी। बुक का नाम था ‘इंदिरा- द लाइफ ऑफ इंडिया नेहरू गांधी’। वो बहुत मोटी किताब थी। जनरल लैंग्वेज में कहें तो पूरी किताब को पढ़कर उसका निचोड़ निकालना। फिर कूमी कपूर की बुक ‘द इमरजेंसी: ए पर्सनल हिस्ट्री’ पढ़ना, इसके बाद में कुलदीप नायर ने जो बुक ‘इमरजेंसी की इनसाइड स्टोरी’ लिखी थी। फिर खुशवंत सिंह ने जो लिखी थी। वहीं एंटी इमरजेंसी के जो राइटर थे उन्हें भी पढ़ना और जो प्रो इमरजेंसी थीं उन्हें भी पढ़ना था।

जर्मन राइटर और पुपुल जयकर का भी पहलू फिल्म में दिखेगा

कैथरीन फ्रैंक एक जर्मन राइटर थीं और उन्होंने उस जमाने में बुक लिखी थी। उसके अलावा पुपुल जयकर ने भी बुक लिखी थी, वह इंदिरा जी की निजी सहायक थीं। कहा जाए तो इंदिरा जी की नजदीकी मित्र थीं, उनकी भी एक किताब है। हमारे पास जो ऑफिशियल राइट्स थे वो कूमी कपूर की बुक के थे। इसके अलावा किताबें तो बहुत सारी थीं। फिल्म के डीओपी तेत्सुओ नगाटा थे। यह जापान के हैं, जिन्होंने कंगना की ‘धाकड़’ भी की थी। फिल्म में एक्शन निक पॉवेल का है। वह हॉलीवुड से हैं।

फिल्म पर रितेश शाह भी राइटर, पहला ड्राफ्ट उन्होंने लिखा

जयंत के मुताबिक ‘इसका पहला ड्राफ्ट रितेश शाह ने लिखा था। जब मैं ‘मणिकर्णिका’ में ऑन बोर्ड था, तब मैं एक एसोसिएट राइटर था। इसमें मेरा स्क्रीनप्ले और डायलॉग भी है। स्टोरी कंगना मैम की है और स्क्रीनप्ले और डायलॉग में रितेश शाह और मैं भी हूं। जयंत दावा करते हैं कि कंगना जी एमपी बन गई हैं तो आलोचकों को लग रहा होगा कि यह एक प्रोपेगेंडा है टारगेट करने के लिए, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमारी फिल्म अनाउंस हुई थी 2021 में और उनको टिकट मिला था 2024 में। तो तब तो हमको पता नहीं था। ऐसा सवाल आता है कि क्या यह एंटी इंदिरा फिल्म है या एंटी कांग्रेस फिल्म। तो कोई भी किसी को एंटी दिखाने के लिए अपना करिअर दांव पर नहीं लगा सकता है। कंगना आगे भी फिल्म करेंगी।’



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 September 2026
साउथ सुपरस्टार धनुष की मच अवेटेड तमिल फिल्म 'OM' की रिलीज के लिए अब फैंस को थोड़ा और इंतजार करना होगा। 'OM' की रिलीज डेट अब आगे बढ़ा दी गई…
 24 September 2026
संजय लीला भंसाली की बनाई जा रही 'लव एंड वॉर' सच में उन सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है, जिसका दर्शकों द्वारा सबसे ज्यादार किया जा रहा है। इस…
 24 September 2026
इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स 2026 में भारत की दो एंट्रीज ने जगह बनाई है। मानव कौल और मोहम्मद जीशान अय्यूब स्टारर वेब सीरीज 'रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब' को ड्रामा सीरीज कैटेगरी…
 24 September 2026
लेखक नीरज पांडे ने जमुई में छेड़छाड़ और 'मॉरल पुलिसिंग' की घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था का बचाव करने पर बिहार की विधायक मैथिली ठाकुर पर नाराजगी जताई है।…
 23 September 2026
नीम करोली बाबा पर बनी 'हनुमान अंश' की ब्‍लॉकस्‍टर कमाई का दौर अपने 7वें हफ्ते में भी जारी है। कहना गलत नहीं होगा कि यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में…
 23 September 2026
'बिग बॉस 20' के 'वीकेंड का वार' एपिसोड में सलमान खान ने जिस तरह महिलाओं, खासकर न्यू मदर्स की बॉडी शेमिंग और पोस्ट प्रेग्नेंसी वजन बढ़ने को लेकर होने वाली…
 23 September 2026
बॉलीवुड एक्‍टर राजपाल यादव इन दिनों चेक बाउंस केस की वजह लगातार सुर्ख‍ियों में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों उन्‍हें फिर से फटकार लगाई है। लेकिन इस बीच 55…
 23 September 2026
आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा पर बनी भक्‍त‍ि फ‍िल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्‍स ऑफिस पर ब्‍लॉकबस्‍टर सफलता का नया इतिहास लिखा है। किसी ने नहीं सोचा था कि रिलीज के…
 22 September 2026
पिछले दिनों बिहार से शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर बिहारियों का सिर शर्म से नीचा कर दिया है। बिहार के जमुई जिले से सामने आई…
Advt.