माउंट एवरेस्ट से चार गुना बड़े उल्कापिंड के पृथ्वी पर टकराने से हुई थी जीवन की शुरुआत, रिसर्च में दिलचस्प खुलासे

Updated on 23-10-2024 05:34 PM
लंदन: एस्टेरॉयड का जिक्र आमतौर पर विनाश के लिए किया जाता है। विनाशकारी क्षुद्रग्रहों के बारे में कहा जाता है कि इन्होंने डायनासोरों का सफाया कर दिया था। इनके व्यापक प्रभाव के चलते ही टी-रेक्स और स्टेगोसॉरस विलुप्त हुए। इन दावों के उलट शोधकर्ताओं का ये भी मानना है कि एक कम ज्ञात उल्कापिंड का और भी अधिक गहरा प्रभाव हो सकता है और ये पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत से जुड़ा हो सकता है। एक रिसर्च के मुताबिक डायनासोरों को मारने वाले क्षुद्रग्रह से 200 गुना बड़े क्षुद्रग्रह ने वास्तव में प्रारंभिक पृथ्वी पर जीवन को पनपने में मदद की थी।

मेट्रो की रिपोर्ट के अनुसार, एस्टेरॉयड S2 एक बड़ी अंतरिक्ष चट्टान है, जिसका आकार माउंट एवरेस्ट से चार गुना बड़ा है। माना जाता है कि इसका पृथ्वी पर विशेष रूप से इसके महासागरों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा था। S2 को पहली बार 2014 में खोजा गया था। यह एस्टेरॉयड करीब 3.26 अरब साल पहले पृथ्वी ग्रह से टकराया था।

S2 के पृथ्वी से टकराने पर उबले महासागर


पीएनएएस में पब्लिश एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह विशाल चट्टान, S2 पृथ्वी से टकराया तो महासागर उबल गए और रिकॉर्ड तोड़ सुनामी आई। हाल ही में वैज्ञानिक पृथ्वी पर इसके प्रभावों की जांच करने के लिए दक्षिण अफ्रीका के बार्बरटन ग्रीनस्टोन बेल्ट में उल्कापिंड द्वारा निर्मित प्रभाव क्रेटर पर गए। इस टीम ने 220 पाउंड चट्टान इकट्ठा की और उन्हें जांच के लिए लैब में लाया गया।

चट्टानों की रिसर्च से पता चला कि S2 के टकराव से पैदा हुई विशाल सुनामी समुद्र में समा गई और जमीन से मलबा तटीय क्षेत्रों में बह गया। समुद्र की सतह की परत वाष्पित होकर वायुमंडल में उबलने लगा और वातावरण स्वयं गर्म हो गया। इससे तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव हुआ। उन्हें ऐसे चट्टानी सबूत भी मिले, जिनसे पता चलता है कि सुनामी ने लौह और फास्फोरस जैसे पोषक तत्वों को नष्ट कर दिया था।

S2 ने जीवन के विकास को कैसे प्रेरित किया


शोधकर्ताओं का मानना है कि इस घटना ने जीवन के विकास को आश्चर्यजनक रूप से प्रेरित किया होगा। रिसर्च के मुख्य लेखक हार्वर्ड विश्वविद्यालय की भूविज्ञानी नादजा ड्रेबोन कहते हैं, 'हम जानते हैं कि पृथ्वी के प्रारंभिक काल के दौरान विशाल उल्कापिंड के प्रभाव अक्सर होते थे और उन्होंने प्रारंभिक जीवन के विकास को प्रभावित किया होगा लेकिन हमें इसकी अच्छी समझ नहीं थी कि कैसे।

ड्रेबन कहती हैं, 'हम एस्टेरॉयड जैसी घटनाओं को जीवन के लिए विनाशकारी मानते हैं लेकिन यह रिसर्च उजागर करती है कि इन प्रभावों से जीवन को लाभ हुआ होगा। खासतौर से शुरुआत में इन प्रभावों ने वास्तव में जीवन को फलने-फूलने का मौका दिया होगा ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि लौह, जो आमतौर पर उथले पानी में दुर्लभ होता है, भारी सुनामी के कारण गहरे समुद्र से बाहर आ गया। इससे तटीय क्षेत्रों में यह महत्वपूर्ण पोषक तत्व भर गया।'


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 August 2026
माले/इस्लामाबाद: मालदीव अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए दक्षिण एशियाई देशों के संगठन 'सार्क' को फिर से शुरू करने की कोशिशें कर रहा है लेकिन उसके सारे दांव नाकाम…
 11 August 2026
मॉस्को/कीव: रूसी वायुसेना ने 4-5 अगस्त की रात को यूक्रेन पर 24 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। यूक्रेनी वायु सेना ने इन मिसाइलों को 'इस्कंदर-M/S-400' कैटेगरी में रखा है। इसका…
 11 August 2026
लंदन: सूडान में चल रहे नरसंहार को लेकर दुबई के शासक को लंदन की सड़कों पर घेर लिया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम जो दुबई के शासक होने के साथ…
 11 August 2026
वॉशिंगटन/अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने NATO शिखर सम्मेलन के बाद बेहद सीक्रेट तरीके से एक मिलिट्री विमान के जरिए तुर्की से बाहर निकाला गया था। अमेरिकी सीक्रेट…
 11 August 2026
काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि 1816 की वह मूल सुगौली संधि नहीं मिल रही है जिसने ब्रिटिश भारत के साथ उसकी सीमा तय की…
 11 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए डिफेंस पैक्ट के बाद इजरायली डिफेंस सर्किल में भारत को 'इंश्योरेंस पॉलिसी' की तरह देखा जा रहा है। इजरायल में…
 10 August 2026
ढाका: भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सोमवार को मुलाकात की है। बांग्लादेश का उच्चायुक्त नियुक्त होने के बाद त्रिवेदी की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री…
 10 August 2026
तेल अवीव: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए 'मक्का समझौते' के बाद इजरायल का मानना है कि इस समझौते के बाद उसके भारत से संबंध और मजबूत होंगे।…
 10 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ…
Advt.